SSC GD Constable 5 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 30 of 210
5 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘माँ ने मुझे दही लाने को कहा है।’ इस वाक्य में ‘दही’ शब्द का तत्सम रूप प्रयुक्त कर वाक्य पूर्ण कीजिए।
A.माँ ने मुझे दुग्ध लाने को कहा है।
B.माँ ने मुझे पय लाने को कहा है।
C.माँ ने मुझे क्षीर लाने को कहा है।
D.माँ ने मुझे दधि लाने को कहा है।
Solution
तत्सम-तद्भव
‘दही’ तद्भव शब्द है; इसका तत्सम रूप ‘दधि’ है, जो संस्कृत से ज्यों-का-त्यों लिया गया है।
अतः पूर्ण वाक्य बनेगा - ‘माँ ने मुझे दधि लाने को कहा है।’
‘दुग्ध’, ‘पय’ और ‘क्षीर’ तीनों ‘दूध’ के तत्सम/पर्यायवाची शब्द हैं, ‘दही’ के नहीं; इन्हें रखने पर वाक्य का अर्थ ही बदल जाता है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
82
‘भारत ने इस वर्ष यूरोप को गेहूँ ____ किया।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित सार्थक शब्द है-
A.निर्यात
B.उत्कर्ष
C.संयोग
D.निर्माण
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
वाक्य में भारत द्वारा दूसरे देश (यूरोप) को गेहूँ भेजने की बात है; अपने देश से बाहर माल भेजना ‘निर्यात’ कहलाता है।
पूर्ण वाक्य - ‘भारत ने इस वर्ष यूरोप को गेहूँ निर्यात किया।’
‘उत्कर्ष’ = उन्नति, ‘संयोग’ = मेल/इत्तफ़ाक, ‘निर्माण’ = बनाना।
इन तीनों में ‘बाहर भेजने’ का भाव है ही नहीं, इसलिए ये रिक्त स्थान की पूर्ति नहीं कर सकते।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
आज कारखाने का श्रीगणेश होगा। रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.इतिश्री
B.हानि
C.कमी
D.बंद
Solution
विलोम शब्द
‘श्रीगणेश’ का अर्थ है - किसी कार्य का आरंभ या शुभारंभ (हर शुभ कार्य गणेश-वंदना से आरंभ होने के कारण)।
इसका विलोम ‘इतिश्री’ है, जिसका अर्थ है - समाप्ति, अंत।
‘हानि’ का विलोम ‘लाभ’ है और ‘कमी’ का विलोम ‘अधिकता’ - दोनों का ‘आरंभ’ से कोई संबंध नहीं।
‘बंद’ भ्रमित करता है, किंतु वह क्रिया का विपरीत मात्र है; ‘श्रीगणेश’ की तरह वह भी युग्म-रूप में रूढ़ शब्द नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
84
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जिसके आर-पार देखा जा सकता हो
A.पारंगत
B.अपारदर्शी
C.पारलौकिक
D.पारदर्शी
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘जिसके आर-पार देखा जा सके’ - ऐसे पदार्थ को ‘पारदर्शी’ कहते हैं, जैसे काँच।
‘अपारदर्शी’ = जिसके आर-पार न देखा जा सके - यह ठीक उल्टा अर्थ देता है।
‘पारंगत’ = किसी विषय में पूर्ण निपुण; ‘पारलौकिक’ = परलोक से संबंधित।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
85
निम्नलिखित वाक्य के किस भाग में त्रुटि है? अब हमें उनका धन्यवाद देना चाहिए।
A.उनका
B.चाहिए
C.अब हमें
D.धन्यवाद देना
Solution
वाक्य-शुद्धि
हिंदी में दो ही शुद्ध प्रयोग हैं - ‘किसी का धन्यवाद करना’ अथवा ‘किसी को धन्यवाद देना’।
प्रश्न-वाक्य में षष्ठी रूप ‘उनका’ आया है, अतः उसके साथ क्रिया ‘करना’ आनी चाहिए; ‘देना’ के साथ तो ‘उनको’ चाहिए था।
‘उनका धन्यवाद देना’ इन्हीं दोनों रचनाओं का मिश्रण है, इसलिए त्रुटि ‘धन्यवाद देना’ भाग में है।
शुद्ध वाक्य - ‘अब हमें उनका धन्यवाद करना चाहिए।’
‘अब हमें’, ‘उनका’ और ‘चाहिए’ अपने-अपने स्थान पर शुद्ध हैं, इसलिए वे उत्तर नहीं हो सकते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
86
निम्नलिखित मुहावरे का उचित अर्थ लिखें- अकल के अंधे
A.याददाश्त खोना
B.पागल होना
C.तनाव में आना
D.बुद्धिहीन
Solution
मुहावरा
‘अकल के अंधे’ मुहावरे का अर्थ है - बुद्धिहीन, नितांत मूर्ख व्यक्ति।
प्रयोग - ‘ऐसे अकल के अंधे से बहस करना समय गँवाना है।’
‘याददाश्त खोना’ स्मृति-लोप है, ‘पागल होना’ मानसिक विक्षिप्तता है और ‘तनाव में आना’ चिंता की अवस्था है।
ये तीनों बुद्धि के अभाव को नहीं, अन्य मानसिक स्थितियों को बताते हैं, इसलिए मुहावरे का अर्थ नहीं हो सकते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
निम्नलिखित में से एकवचन की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है-
A.कुछ महिलाएँ बाजार जा रही हैं।
B.ये दोनों भाई बड़े समझदार हैं।
C.तुम्हें यह आदत छोड़ देनी चाहिए।
D.मैंने नए कपड़े खरीदे।
Solution
वचन
प्रश्न एकवचन की दृष्टि से शुद्ध वाक्य पूछता है, अर्थात् वह वाक्य जिसमें कर्ता/कर्म और क्रिया दोनों एकवचन में हों।
‘तुम्हें यह आदत छोड़ देनी चाहिए।’ - ‘आदत’ एकवचन स्त्रीलिंग है और क्रिया ‘छोड़ देनी चाहिए’ भी उसी के अनुरूप एकवचन स्त्रीलिंग है।
‘कुछ महिलाएँ बाजार जा रही हैं।’ में ‘महिलाएँ’, ‘ये दोनों भाई बड़े समझदार हैं।’ में ‘भाई’ और ‘मैंने नए कपड़े खरीदे।’ में ‘कपड़े’ - तीनों बहुवचन हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
88
दिए गए शब्द का उचित विलोम शब्द चुनिए- अथ
A.अति
B.इति
C.अथवा
D.इत्यादि
Solution
विलोम शब्द
‘अथ’ का अर्थ है आरंभ - संस्कृत ग्रंथों के प्रारंभ में ‘अथ’ लिखा जाता है और अंत में ‘इति’।
अतः ‘अथ’ का विलोम ‘इति’ है, जिसका अर्थ है समाप्ति।
‘अति’ = अधिकता, ‘अथवा’ = या, ‘इत्यादि’ = आदि।
ये तीनों ध्वनि-साम्य के कारण भ्रमित करते हैं, पर इनमें से किसी का अर्थ ‘समाप्ति’ नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
89
निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द बताइए- बिना वेतन के कार्य करने वाला
A.वेतन सहित
B.अवैतनिक
C.अन्य वैतनिक
D.वैतनिक
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘बिना वेतन के कार्य करने वाला’ के लिए एक शब्द है ‘अवैतनिक’ - ‘अ’ (निषेध) + ‘वैतनिक’ (वेतन पाने वाला)।
‘वैतनिक’ का अर्थ है वेतन पाने वाला, जो ठीक विपरीत है।
‘वेतन सहित’ और ‘अन्य वैतनिक’ एक शब्द नहीं, पदबंध हैं और अभीष्ट अर्थ भी नहीं देते।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
90
मुहावरे और उसके अर्थ के लिए सही विकल्प चुनें- उल्टी गंगा बहाना
A.उल्टा चलना
B.अनुकूल कार्य करना
C.गंगा की तरफ जाना
D.प्रतिकूल कार्य
Solution
मुहावरा
‘उल्टी गंगा बहाना’ का अर्थ है - प्रचलित रीति के विपरीत आचरण करना, अर्थात् प्रतिकूल कार्य करना।
प्रयोग - ‘सब परीक्षा की तैयारी में लगे हैं और तुम खेल-कूद में लगकर उल्टी गंगा बहा रहे हो।’
‘उल्टा चलना’ और ‘गंगा की तरफ जाना’ मुहावरे का केवल शाब्दिक अर्थ पकड़ते हैं, जबकि मुहावरे का अर्थ सदा लाक्षणिक होता है।
‘अनुकूल कार्य करना’ तो इसका ठीक उल्टा भाव है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा एक वाक्य वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध है?
A.पुस्तक में एक सूची पढ़ देते हैं।
B.वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं।
C.वह अब निरोगी है।
D.आज रेणू का व्याख्यान होगा।
Solution
वर्तनी
‘रेणू’ अशुद्ध वर्तनी है; शुद्ध रूप ‘रेणु’ है - इस शब्द के अंत में ह्रस्व ‘उ’ की मात्रा लगती है, दीर्घ ‘ऊ’ की नहीं।
अतः शुद्ध वाक्य होगा - ‘आज रेणु का व्याख्यान होगा।’
शेष तीन वाक्यों - ‘पुस्तक में एक सूची पढ़ देते हैं।’, ‘वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं।’ और ‘वह अब निरोगी है।’ - में कोई वर्तनी-दोष नहीं है।
ध्यान रहे कि प्रश्न वाक्य-रचना की नहीं, केवल वर्तनी की अशुद्धि पूछता है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
दिए गए शब्द का सही पर्यायवाची शब्द पहचानिए- नदी
A.सरिता
B.कविता
C.सुनीता
D.सरोज
Solution
पर्यायवाची
‘नदी’ का पर्यायवाची ‘सरिता’ है; अन्य पर्यायवाची हैं - तटिनी, तरंगिणी, आपगा, निर्झरिणी।
‘कविता’ = पद्य रचना, ‘सुनीता’ = एक स्त्री-नाम।
‘सरोज’ भ्रम पैदा करता है क्योंकि वह भी ‘सर’ (तालाब) से बना है, किंतु उसका अर्थ है ‘तालाब में उत्पन्न’, अर्थात् कमल - नदी नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
93
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा एक विलोम युग्म सही नहीं है?
A.करुणा-निष्ठुरता
B.क्रोध-क्षमा
C.ऐहिक-पारलौकिक
D.ऐहिक-ऐश्वर्य
Solution
विलोम युग्म
प्रश्न में वह युग्म खोजना है जो विलोम युग्म नहीं है।
‘करुणा-निष्ठुरता’ (दया के सामने निर्दयता), ‘क्रोध-क्षमा’ (कोप के सामने माफ़ी) और ‘ऐहिक-पारलौकिक’ (इस लोक के सामने परलोक) - तीनों सही विलोम युग्म हैं।
‘ऐहिक’ का अर्थ है इस लोक से संबंधित तथा ‘ऐश्वर्य’ का अर्थ है वैभव-सम्पन्नता; इन दोनों में विरोध का कोई संबंध नहीं, केवल आरंभिक ध्वनि का साम्य है।
अतः ‘ऐहिक-ऐश्वर्य’ ही वह युग्म है जो विलोम नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
94
निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द का चुनाव करें- जो संविधान के प्रतिकूल हो।
A.संविधान से संबंधित
B.अनुकूल
C.असंवैधानिक
D.संवैधानिक
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘जो संविधान के प्रतिकूल हो’ अर्थात् जो संविधान के विरुद्ध हो - ऐसे कार्य, आदेश या नियम को ‘असंवैधानिक’ कहते हैं।
यहाँ ‘अ’ उपसर्ग निषेध का भाव देता है: अ + संवैधानिक = असंवैधानिक।
‘संवैधानिक’ का अर्थ है - जो संविधान के अनुकूल हो, और ‘संविधान से संबंधित’ भी इसी का विस्तार है; ‘अनुकूल’ तो सीधे पक्ष में होने का अर्थ देता है।
इस प्रकार शेष तीनों विकल्प प्रश्न में दिए गए अर्थ के ठीक उलट हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
95
रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित विकल्प चुनिए। उसका घर जलकर राख हो गया इसलिए वह मालामाल हो गया।
A.कँटीला
B.कंगाल
C.कँजूसा
D.कंकाल
Solution
उपयुक्त शब्द-प्रतिस्थापन
वाक्य कहता है कि उसका घर जलकर राख हो गया; ऐसी हानि के बाद व्यक्ति धनहीन होता है, धनवान नहीं।
अतः रेखांकित ‘मालामाल’ (अत्यंत धनी) के स्थान पर उसका विपरीतार्थक ‘कंगाल’ (निर्धन) उपयुक्त है।
शुद्ध वाक्य - ‘उसका घर जलकर राख हो गया इसलिए वह कंगाल हो गया।’
‘कँटीला’ = काँटों वाला, ‘कँजूसा’ = कृपण।
‘कंकाल’ ध्वनि-साम्य के कारण भ्रमित करता है, पर उसका अर्थ है हड्डियों का ढाँचा - वह धन से नहीं, शरीर से संबंधित है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भरत अयोध्या के राजा (76) ____ के पुत्र थे। इनकी माता का नाम कैकेयी था। कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को (77) ____ के वनवास का वरदान माँगा। ननिहाल से लौटने पर जब राजा की मृत्यु के कारण का उनको पता चला तो लज्जा के कारण उनका मुख पीला पड़ गया और उन्होंने अपनी माता को खूब फटकारा। सब मंत्रियों व रानियों ने सिंहासन पर बैठने की प्रार्थना की, परन्तु वे गद्दी पर नहीं बैठे। वे वन में राम को लेने गए। जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी (78) ____ लेकर लौट आए। अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर राम के (79) ____ के रूप में शासन का काम करने लगे। संसार में ऐसा (80) ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।
‘भरत अयोध्या के राजा ____ के पुत्र थे।’ रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.मनु
B.अज
C.जनक
D.दशरथ
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान में अयोध्या के उस राजा का नाम चाहिए जो भरत के पिता थे - अर्थात् यहाँ संज्ञा (व्यक्तिवाचक) अपेक्षित है।
गद्यांश स्वयं आगे लिखता है - ‘कैकेयी ने राजा दशरथ से…’, जिससे नाम की पुष्टि हो जाती है।
‘मनु’ और ‘अज’ रघुवंश के पूर्वज हैं तथा ‘जनक’ मिथिला के राजा एवं सीता के पिता हैं; इनमें से कोई भरत का पिता नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भरत अयोध्या के राजा (76) ____ के पुत्र थे। इनकी माता का नाम कैकेयी था। कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को (77) ____ के वनवास का वरदान माँगा। ननिहाल से लौटने पर जब राजा की मृत्यु के कारण का उनको पता चला तो लज्जा के कारण उनका मुख पीला पड़ गया और उन्होंने अपनी माता को खूब फटकारा। सब मंत्रियों व रानियों ने सिंहासन पर बैठने की प्रार्थना की, परन्तु वे गद्दी पर नहीं बैठे। वे वन में राम को लेने गए। जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी (78) ____ लेकर लौट आए। अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर राम के (79) ____ के रूप में शासन का काम करने लगे। संसार में ऐसा (80) ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।
‘कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को ____ के वनवास का वरदान माँगा।’ रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.चौदह वर्ष
B.बारह वर्ष
C.दस वर्ष
D.चार वर्ष
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान ‘के वनवास’ से पहले है, अतः यहाँ अवधिवाचक पद चाहिए - कितने वर्ष का वनवास।
कैकेयी ने दशरथ से दो वर माँगे थे - भरत को राजगद्दी और राम को चौदह वर्ष का वनवास।
‘बारह वर्ष’, ‘दस वर्ष’ और ‘चार वर्ष’ - तीनों कथा-प्रसंग के विरुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भरत अयोध्या के राजा (76) ____ के पुत्र थे। इनकी माता का नाम कैकेयी था। कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को (77) ____ के वनवास का वरदान माँगा। ननिहाल से लौटने पर जब राजा की मृत्यु के कारण का उनको पता चला तो लज्जा के कारण उनका मुख पीला पड़ गया और उन्होंने अपनी माता को खूब फटकारा। सब मंत्रियों व रानियों ने सिंहासन पर बैठने की प्रार्थना की, परन्तु वे गद्दी पर नहीं बैठे। वे वन में राम को लेने गए। जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी (78) ____ लेकर लौट आए। अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर राम के (79) ____ के रूप में शासन का काम करने लगे। संसार में ऐसा (80) ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।
‘जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी ____ लेकर लौट आए।’ रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.बाण
B.धनुष
C.खड़ाऊँ
D.वस्त्र
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान ‘उनकी ____ लेकर’ में है, अतः यहाँ वह वस्तु चाहिए जिसे भरत राम के प्रतीक के रूप में अयोध्या लाए।
राम के लौटने से इनकार करने पर भरत उनकी ‘खड़ाऊँ’ (काठ की पादुकाएँ) लेकर लौटे।
अगला वाक्य ‘अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर…’ इसी की पुष्टि करता है - सिंहासन पर पादुकाएँ ही रखी गई थीं।
‘बाण’, ‘धनुष’ और ‘वस्त्र’ प्रसंग में कहीं नहीं आते।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भरत अयोध्या के राजा (76) ____ के पुत्र थे। इनकी माता का नाम कैकेयी था। कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को (77) ____ के वनवास का वरदान माँगा। ननिहाल से लौटने पर जब राजा की मृत्यु के कारण का उनको पता चला तो लज्जा के कारण उनका मुख पीला पड़ गया और उन्होंने अपनी माता को खूब फटकारा। सब मंत्रियों व रानियों ने सिंहासन पर बैठने की प्रार्थना की, परन्तु वे गद्दी पर नहीं बैठे। वे वन में राम को लेने गए। जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी (78) ____ लेकर लौट आए। अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर राम के (79) ____ के रूप में शासन का काम करने लगे। संसार में ऐसा (80) ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।
‘राम के ____ के रूप में शासन का काम करने लगे।’ रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.स्वामी
B.भाई
C.उत्तराधिकारी
D.प्रतिनिधि
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
गद्यांश पहले ही बता चुका है कि भरत गद्दी पर नहीं बैठे और राम की खड़ाऊँ सिंहासन पर रखकर शासन चलाया।
अर्थात् वे राम के स्थान पर, उनकी ओर से शासन कर रहे थे; इस भाव के लिए उपयुक्त शब्द ‘प्रतिनिधि’ है।
‘उत्तराधिकारी’ का अर्थ होता - राज्य का स्वामी बन जाना, जिसे भरत ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया; ‘स्वामी’ भी यही भाव देता है।
‘भाई’ केवल रक्त-संबंध बताता है, शासन का संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भरत अयोध्या के राजा (76) ____ के पुत्र थे। इनकी माता का नाम कैकेयी था। कैकेयी ने राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को (77) ____ के वनवास का वरदान माँगा। ननिहाल से लौटने पर जब राजा की मृत्यु के कारण का उनको पता चला तो लज्जा के कारण उनका मुख पीला पड़ गया और उन्होंने अपनी माता को खूब फटकारा। सब मंत्रियों व रानियों ने सिंहासन पर बैठने की प्रार्थना की, परन्तु वे गद्दी पर नहीं बैठे। वे वन में राम को लेने गए। जब रामचन्द्र जी नहीं लौटे तो वे उनकी (78) ____ लेकर लौट आए। अयोध्या आकर उन्हें सिंहासन पर रखकर राम के (79) ____ के रूप में शासन का काम करने लगे। संसार में ऐसा (80) ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।
‘संसार में ऐसा ____ दूसरा देखने को नहीं मिलता।’ रिक्त स्थान के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कृतज्ञ
B.तिरस्कार
C.परोपकार
D.त्याग
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
‘ऐसा ____ दूसरा’ रचना में रिक्त स्थान पर संज्ञा चाहिए, और वह संज्ञा वही होगी जिसका वर्णन पूरा गद्यांश करता आया है।
गद्यांश भरत के राजगद्दी ठुकराने का वर्णन है - यह उनके ‘त्याग’ का उदाहरण है।
अतः वाक्य पूर्ण होता है - ‘संसार में ऐसा त्याग दूसरा देखने को नहीं मिलता।’
‘कृतज्ञ’ विशेषण है और यहाँ संज्ञा अपेक्षित है; ‘तिरस्कार’ (अपमान) और ‘परोपकार’ (दूसरों का भला करना) प्रसंग के अनुरूप नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
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