SSC GD Constable 6 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 45 of 210
6 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
A.यहाँ बैठे-बैठे मन ऊब आया है।
B.मैं उनसे यह बात मना दूँगा।
C.कौन-सी किताब पढ़ोगी?
D.कौन किताब को पढ़ोगी।
Solution
वाक्य शुद्धि
प्रश्न में उस वाक्य को चुनना है जो व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध हो।
(c) ‘कौन-सी किताब पढ़ोगी?’ - यहाँ प्रश्नवाचक विशेषण ‘कौन-सी’ स्त्रीलिंग संज्ञा ‘किताब’ के अनुरूप है और प्रश्नवाचक चिह्न भी सही लगा है; अतः यही शुद्ध वाक्य है।
(a) में ‘मन ऊब आया है’ अशुद्ध है; शुद्ध रूप होगा - ‘यहाँ बैठे-बैठे मन ऊब गया है।’
(b) में ‘यह बात मना दूँगा’ अशुद्ध है; शुद्ध रूप होगा - ‘मैं उनसे यह बात कह दूँगा।’
(d) में दो दोष हैं - ‘कौन’ के स्थान पर ‘कौन-सी’ चाहिए तथा प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में पूर्ण विराम नहीं, प्रश्नवाचक चिह्न आना चाहिए।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के किस अंश में त्रुटि है? मनुष्य अपनी इच्छाओं के आधीन होने के कारण ही पतित होता है।
A.इच्छाओं के आधीन
B.मनुष्य अपनी
C.पतित होता है।
D.होने के कारण ही
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य को चार अंशों में बाँटकर पूछा गया है कि वर्तनी-दोष किस अंश में है।
‘आधीन’ अशुद्ध है; शुद्ध वर्तनी ‘अधीन’ है (अधि + इन), इसमें आरंभ में दीर्घ ‘आ’ नहीं लगता।
शुद्ध वाक्य - मनुष्य अपनी इच्छाओं के अधीन होने के कारण ही पतित होता है।
(b) ‘मनुष्य अपनी’, (c) ‘पतित होता है।’ तथा (d) ‘होने के कारण ही’ - तीनों अंश वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके लिए सार्थक शब्द का चयन करें- बरसात का बिल्कुल न होना
A.अनावृष्टि
B.अतिवृष्टि
C.अंतर्दृष्टि
D.अल्पवृष्टि
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘बरसात का बिल्कुल न होना’ के लिए एक शब्द ‘अनावृष्टि’ है - अन् (अभाव) + आवृष्टि, अर्थात् वर्षा का पूर्ण अभाव।
(b) अतिवृष्टि = आवश्यकता से अधिक वर्षा होना।
(c) अंतर्दृष्टि = भीतरी सूझ-बूझ, अंतर्मन को देख पाने की क्षमता; इसका वर्षा से कोई संबंध नहीं।
(d) अल्पवृष्टि = बहुत थोड़ी वर्षा होना - यहाँ वर्षा होती तो है, इसलिए ‘बिल्कुल न होना’ का भाव नहीं मिलता।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
84
‘छोटों को बड़ों से ____ ग्रहण करनी चाहिए।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त तद्भव शब्द है-
A.शिक्षा
B.सेह
C.सीख
D.नेह
Solution
तत्सम-तद्भव शब्द
रिक्त स्थान में ऐसा तद्भव शब्द चाहिए जो ‘ग्रहण करनी चाहिए’ के साथ अर्थ भी दे।
‘शिक्षा’ तत्सम शब्द है और उसी का तद्भव रूप ‘सीख’ है; पूर्ण वाक्य - छोटों को बड़ों से सीख ग्रहण करनी चाहिए।
(a) ‘शिक्षा’ इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है - अर्थ तो ठीक बैठता है, पर वह तत्सम है, तद्भव नहीं, और प्रश्न तद्भव ही माँगता है।
(b) ‘सेह’ का यहाँ कोई संगत अर्थ नहीं बनता तथा (d) ‘नेह’ = स्नेह, प्रेम - जिसे ‘ग्रहण करना’ नहीं, ‘पाना’ कहा जाता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित विकल्प चुनिए। इस निबंध में अशुद्धियों की अधिकता है।
A.बहुलता
B.सघनता
C.अभिव्यंजना
D.अल्पता
Solution
प्रसंगानुकूल शब्द-चयन
रेखांकित शब्द ‘अधिकता’ के स्थान पर वही शब्द आएगा जो अशुद्धियों के बहुत अधिक संख्या में होने का बोध कराए।
‘बहुलता’ = किसी वस्तु का बहुत अधिक मात्रा या संख्या में होना; ‘अशुद्धियों की बहुलता’ मानक प्रयोग है।
(b) सघनता = घनापन, पास-पास होना - यह घनत्व बताता है, संख्या नहीं।
(c) अभिव्यंजना = भावों की अभिव्यक्ति - प्रसंग से पूर्णतः असंबद्ध।
(d) अल्पता = कमी, जो ‘अधिकता’ का विलोम है और वाक्य का अर्थ उलट देता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
यह पानी अत्यंत ठंडा है। रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.गर्म
B.बर्फीला
C.साफ
D.उबला
Solution
विलोम शब्द
वाक्य ‘यह पानी अत्यंत ठंडा है।’ में रेखांकित शब्द ‘ठंडा’ है, अतः उसी का विलोम खोजना है।
‘ठंडा’ का सीधा और मानक विलोम ‘गर्म’ है।
(b) बर्फीला = अत्यंत ठंडा - यह विलोम नहीं, बल्कि ‘ठंडा’ का ही तीव्रतर रूप है; यही सबसे बड़ा भ्रम है।
(c) साफ = स्वच्छ - यह पानी का दूसरा गुण बताता है, ताप का नहीं।
(d) उबला = उबालकर तैयार किया हुआ - यह प्रक्रिया बताता है, ताप का विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
87
दिए गए शब्द का उचित विलोम शब्द चुनिए- आत्मा
A.सुआत्मा
B.परमात्मा
C.अनात्म
D.आत्म
Solution
विलोम शब्द
‘आत्मा’ का प्रचलित विलोम ‘परमात्मा’ है - जीव और ब्रह्म का यह युग्म हिंदी में विलोम-युग्म के रूप में ही पढ़ाया जाता है।
(a) ‘सुआत्मा’ कोई मानक हिंदी शब्द नहीं है।
(c) ‘अनात्म’ दर्शन का पारिभाषिक पद है, जिसका अर्थ है आत्मा से रहित; यह परीक्षा में मान्य विलोम-युग्म नहीं है।
(d) ‘आत्म’ ‘आत्मा’ का ही समासगत रूप है (आत्म-कथा, आत्म-बल), विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
88
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण संबंधी त्रुटि की पहचान कर शुद्ध वाक्य लिखें। मुझे पानी दे दो।
A.मुझे थोड़ा पानी चाहिए।
B.मुझे पानी नहीं चाहिए।
C.मुझे पानी दो।
D.मुझे पानी देना।
Solution
परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण
परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण (थोड़ा, बहुत, कम, अधिक) क्रिया की मात्रा का बोध कराते हैं।
दिए गए वाक्य ‘मुझे पानी दे दो।’ में पानी की मात्रा बताने वाला कोई पद है ही नहीं - यही त्रुटि है।
‘मुझे थोड़ा पानी चाहिए।’ में ‘थोड़ा’ मात्रा स्पष्ट कर देता है, इसलिए परिमाण की दृष्टि से यही शुद्ध वाक्य है।
(b) ‘मुझे पानी नहीं चाहिए।’ केवल निषेध जोड़ता है; (c) ‘मुझे पानी दो।’ और (d) ‘मुझे पानी देना।’ में मात्र क्रिया-रूप बदला है - तीनों में मात्रा का बोध फिर भी नहीं आता।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
89
वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित शब्द का चयन कीजिए। मुझे खेद है कि मैं आपके दर्द में सम्मिलित न हो सका।
A.दुःख
B.पीड़ा
C.विरह
D.आनंद
Solution
प्रसंगानुकूल शब्द-चयन
रेखांकित शब्द ‘दर्द’ के स्थान पर ऐसा शब्द चाहिए जो ‘खेद’ और ‘सम्मिलित होना’ के साथ संगत बैठे।
‘दुःख’ मानसिक कष्ट का सूचक है और ‘किसी के दुःख में सम्मिलित होना’ संवेदना प्रकट करने का रूढ़ प्रयोग है।
(b) ‘पीड़ा’ यहाँ सबसे बड़ा भ्रम है, किंतु वह प्रायः शारीरिक कष्ट के लिए आती है; संवेदना के प्रसंग में ‘दुःख’ ही चलता है।
(c) ‘विरह’ = प्रिय से वियोग - प्रसंग से भिन्न।
(d) ‘आनंद’ = हर्ष, जो वाक्य का अर्थ ही उलट देता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
90
‘कमरे में बंदर को देख कर काशू के मुँह पर हवाई फिरने लग गए।’ वाक्य में रेखांकित भाग को उचित विकल्प से बदलें-
A.की हवा बँध गई
B.के मुँह पर तोते गिरने लगे
C.की हवाइयाँ छूट गईं
D.की हवा पलट गई
Solution
मुहावरा
रेखांकित भाग के स्थान पर वही मुहावरा आएगा जो बंदर देखकर काशू के अत्यंत भयभीत हो जाने का भाव दे।
‘हवाइयाँ छूटना’ का अर्थ है - भय या घबराहट से चेहरे का रंग उड़ जाना, अत्यंत डर जाना।
पूर्ण वाक्य - कमरे में बंदर को देख कर काशू की हवाइयाँ छूट गईं।
(a) ‘हवा बँधना’ = धाक या प्रभाव जम जाना, और (d) ‘हवा पलटना’ = परिस्थिति का बदल जाना - दोनों भय का भाव नहीं देते।
(b) ‘मुँह पर तोते गिरना’ कोई मानक मुहावरा नहीं है; मानक रूप ‘तोते उड़ना’ है, अतः यह विकल्प रचना की दृष्टि से ही अशुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
91
‘मुझे खाने में ____ मत दिया करो, कुछ हल्का-फुल्का नाश्ता ही काफी है।’ उचित सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन कीजिए।
A.सब्जी-रोटी
B.नाश्ता-वाश्ता
C.भारी-खाना
D.पराठा-वराठा
Solution
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म
सार्थक-निरर्थक युग्म वह होता है जिसमें पहला शब्द अर्थवान हो और दूसरा उसी की ध्वनि पर गढ़ा हुआ निरर्थक शब्द हो, जैसे - रोटी-वोटी, पानी-वानी।
वाक्य के उत्तरार्ध में कहा गया है कि ‘कुछ हल्का-फुल्का नाश्ता ही काफी है’, अतः रिक्त स्थान में कोई भारी खाद्य-पदार्थ आना चाहिए जिसका निषेध किया जा रहा है।
‘पराठा-वराठा’ दोनों शर्तें पूरी करता है - युग्म भी सार्थक-निरर्थक है और पराठा भारी भोजन भी है।
(b) ‘नाश्ता-वाश्ता’ युग्म-रचना की दृष्टि से तो सही है, पर वाक्य नाश्ते का समर्थन करता है, निषेध नहीं - इसे रखने पर अर्थ उलट जाता है; यही सबसे बड़ा भ्रम है।
(a) ‘सब्जी-रोटी’ और (c) ‘भारी-खाना’ में दोनों शब्द सार्थक हैं, अतः युग्म का प्रकार ही गलत है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गंगा का पर्यायवाची नहीं है?
A.सरिता
B.देवपगा
C.सुरसरि
D.ध्रुवनंदा
Solution
पर्यायवाची शब्द
प्रश्न में वह शब्द छाँटना है जो गंगा का पर्यायवाची नहीं है।
‘सरिता’ का अर्थ है नदी - यह किसी भी नदी के लिए प्रयुक्त सामान्य शब्द है, गंगा का विशेष नाम नहीं; अतः यही अपवाद है।
(b) देवपगा (देवापगा) = देवताओं की नदी, अर्थात् गंगा।
(c) सुरसरि = सुर + सरि, देवनदी - गंगा का प्रसिद्ध पर्याय।
(d) ध्रुवनंदा भी गंगा का ही पर्यायवाची है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
93
रेखांकित शब्द के विलोम से वाक्य पूर्ण करें- कोई भी जाँच तटस्थ होकर ही करनी चाहिए, ____ बनकर ईमानदारी से कार्य नहीं होता।
A.सहपक्षी
B.पक्षपाती
C.सहयोगी
D.विपक्षी
Solution
विलोम शब्द
रेखांकित शब्द ‘तटस्थ’ का अर्थ है - किसी पक्ष में न जाकर निष्पक्ष बने रहना।
इसका विलोम ‘पक्षपाती’ है, अर्थात् किसी एक पक्ष का अनुचित साथ देने वाला; वाक्य में भी ईमानदारी न होने का यही कारण बताया गया है।
पूर्ण वाक्य - कोई भी जाँच तटस्थ होकर ही करनी चाहिए, पक्षपाती बनकर ईमानदारी से कार्य नहीं होता।
(d) ‘विपक्षी’ भ्रम पैदा करता है, किंतु वह ‘पक्षधर/समर्थक’ का विलोम है, ‘तटस्थ’ का नहीं।
(a) ‘सहपक्षी’ और (c) ‘सहयोगी’ साथ देने वाले को कहते हैं; ये निष्पक्षता के विलोम नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
94
निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए। यदि तुम्हें लड़की मिल जाएँ तो वे पोस्टर बनाएँगी।
A.सीमेंट
B.कागज
C.कलम
D.पन्ने
Solution
पद-संशोधन
रेखांकित पद ‘लड़की’ के स्थान पर वही संज्ञा रखनी है जो एक ओर बहुवचन क्रिया ‘मिल जाएँ’ से मेल खाए और दूसरी ओर ‘पोस्टर बनाने’ की सामग्री भी हो।
‘कागज’ पुल्लिंग संज्ञा है जिसका बहुवचन रूप भी ‘कागज’ ही रहता है, अतः ‘तुम्हें कागज मिल जाएँ’ व्याकरण-सम्मत है; और पोस्टर कागज पर ही बनाया जाता है।
पूर्ण वाक्य - यदि तुम्हें कागज मिल जाएँ तो वे पोस्टर बनाएँगी।
(a) ‘सीमेंट’ निर्माण-सामग्री है और (c) ‘कलम’ लिखने का साधन - दोनों वह सतह नहीं जिस पर पोस्टर बने।
(d) ‘पन्ने’ पुस्तक या कॉपी के पृष्ठ हैं, जो पोस्टर के लिए बहुत छोटे पड़ते हैं; यही सबसे निकट का भ्रम है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
95
दिए गए वाक्य में त्रुटि पहचानें। दरवाजे पर सोहन आया है।
A.आया
B.सोहन
C.दरवाजा
D.पर
Solution
वाक्य में त्रुटि (पदक्रम)
हिंदी का मानक पदक्रम है - कर्ता + स्थान/कर्म + क्रिया।
दिए गए वाक्य में ‘पर’ परसर्ग जिस स्थानवाचक पद ‘दरवाजे पर’ को बनाता है, वही पद कर्ता ‘सोहन’ से पहले, वाक्य के आरंभ में रख दिया गया है - त्रुटि इसी अंश में है।
शुद्ध वाक्य - सोहन दरवाजे पर आया है।
(a) ‘आया’ और (b) ‘सोहन’ अपने रूप और स्थान में शुद्ध हैं।
(c) ‘दरवाजा’ इस रूप में वाक्य में आया ही नहीं है; वहाँ परसर्ग के कारण तिर्यक रूप ‘दरवाजे’ प्रयुक्त हुआ है, जो स्वयं शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.परिणाम
B.प्रभाव
C.ताना-बाना
D.अस्तित्व
Solution
गद्यांश: संज्ञा-चयन
रिक्त स्थान में पुल्लिंग एकवचन संज्ञा चाहिए, क्योंकि आगे ‘मजबूत नजर आ रहा है’ आया है।
‘अस्तित्व’ = किसी वस्तु का होना, उसकी उपस्थिति; वाक्य ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था का अस्तित्व पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है’ - तुलना उसी उपस्थिति की दृढ़ता से की जा रही है।
(b) ‘प्रभाव’ ठीक इससे पहले वाले वाक्य में आ चुका है, अतः यहाँ रखने पर पुनरुक्ति दोष होगा।
(a) ‘परिणाम’ किसी कारण का फल बताता है, जबकि वाक्य फल नहीं, स्थिति बता रहा है।
(c) ‘ताना-बाना’ बुनावट या रचना-क्रम को कहते हैं; ‘पूर्व की अपेक्षा मजबूत’ की तुलना उपस्थिति की होती है, बुनावट की नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.दर्शन
B.अवलोकन
C.निरीक्षण
D.शोध
Solution
गद्यांश: संज्ञा-चयन
रिक्त स्थान में ऐसी संज्ञा चाहिए जो ‘किया जाए’ के साथ आकर ध्यानपूर्वक देखने-परखने का भाव दे, क्योंकि उसी से आगे ‘स्पष्ट नजर आता है’ निकलता है।
‘अवलोकन’ = समग्र दृष्टि से ध्यानपूर्वक देखना; ‘समाज का अवलोकन किया जाए’ मानक प्रयोग है।
(c) ‘निरीक्षण’ सबसे बड़ा भ्रम है, पर वह प्रायः किसी स्थान या कार्य की आधिकारिक जाँच के लिए आता है (विद्यालय का निरीक्षण), समाज के अध्ययन के लिए नहीं।
(d) ‘शोध’ के साथ ‘समाज पर शोध’ कहा जाता है, ‘समाज का शोध’ नहीं।
(a) ‘दर्शन’ यहाँ दार्शनिक चिंतन या दीदार का अर्थ देगा, जो प्रसंग से मेल नहीं खाता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रासंगिक
B.सार्थक
C.आवश्यक
D.अर्थपूर्ण
Solution
गद्यांश: विशेषण-चयन
रिक्त स्थान से पहले ‘…के लिए’ आया है, अतः वही विशेषण चाहिए जो इस परसर्ग के साथ स्वाभाविक बैठे।
‘आवश्यक’ = जिसके बिना काम न चले; ‘अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध आवश्यक भी हैं’ - ‘भी’ के साथ यही अनिवार्यता का भाव अपेक्षित है।
(b) ‘सार्थक’ का भाववाचक रूप ‘सार्थकता’ उसी वाक्य के आरंभ में आ चुका है, इसलिए यहाँ पुनरुक्ति दोष होगा।
(d) ‘अर्थपूर्ण’ ‘सार्थक’ का ही पर्याय है, अतः वही दोष दोहराता है।
(a) ‘प्रासंगिक’ = प्रसंग से जुड़ा हुआ; यह उपयुक्तता बताता है, अनिवार्यता नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रतिकारों
B.व्यवस्थाओं
C.सरोकारों
D.परंपराओं
Solution
गद्यांश: संज्ञा-चयन
रिक्त स्थान के बाद ‘के लिए’ परसर्ग है, इसलिए वहाँ बहुवचन का तिर्यक रूप वाली संज्ञा आएगी।
‘सरोकार’ = किसी विषय से जुड़ा लगाव और उत्तरदायित्व; ‘सामाजिक सरोकारों के लिए प्रतिबद्ध रहना’ रूढ़ प्रयोग है और आगे आई ‘सामाजिक जिम्मेदारियों’ से भी जुड़ता है।
(b) ‘व्यवस्थाओं’ का भाव इसी वाक्य में ‘सामाजिक व्यवस्था’ के रूप में पहले आ चुका है, और व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता नहीं, उसका पालन कहा जाता है।
(a) ‘प्रतिकारों’ = बदला लेने की क्रियाएँ - प्रसंग के सर्वथा विपरीत।
(d) ‘परंपराओं’ केवल रीति-रिवाज बताता है, जबकि यहाँ सामाजिक दायित्व-बोध की बात हो रही है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारतीय समाज पर वैश्वीकरण का प्रभाव बढ़ा है। फलतः वैश्विक अर्थव्यवस्था का (76) ____ पूर्व की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है। वैसे भी यदि परंपरागत भारतीय समाज का (77) ____ किया जाए तो यह स्पष्ट नजर आता है कि पारस्परिक लेनदेन और निर्भरता की अंतःक्रियाएँ हमारे समाज में प्राचीन काल से होती रही हैं। समाज की सार्थकता तथा अच्छी सामाजिक व्यवस्था के लिए ये अंतःक्रियाएँ और अंतःसंबंध (78) ____ भी हैं। सामाजिक उत्कर्ष और पारस्परिक सामाजिक व्यवस्था तभी संभव है जब समाज के लोग सामाजिक (79) ____ के लिए न सिर्फ प्रतिबद्ध रहें बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भली-भाँति भी (80) ____ करें।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.अतिक्रमण
B.निर्वहन
C.प्रचार
D.परिवहन
Solution
गद्यांश: संज्ञा-चयन
‘जिम्मेदारियों का ____ करें’ में वही संज्ञा आएगी जो ‘भली-भाँति निभाना’ का भाव दे।
‘निर्वहन’ = किसी दायित्व को पूरी तरह निभाना; ‘जिम्मेदारियों का निर्वहन करना’ मानक प्रयोग है।
(a) ‘अतिक्रमण’ = सीमा का उल्लंघन करना - यह अर्थ को ठीक उलट देता है।
(c) ‘प्रचार’ = फैलाना; जिम्मेदारी का प्रचार नहीं, पालन किया जाता है।
(d) ‘परिवहन’ = एक स्थान से दूसरे स्थान तक ढोना - प्रसंग से असंबद्ध।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
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