SSC GD Constable 12 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 100 of 210
12 February 2025 · Shift 2
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘तुम्हारा झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है इसलिए अब ____ बैठ कर ही बात होगी।’ उचित सार्थक और निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन करके उपरोक्त वाक्य पूर्ण करें-
A.सामने-सामने
B.आमने-सामने
C.ऊपर-ऊपर
D.पीठ-पीछे
Solution
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म वह युग्म कहलाता है जिसका एक शब्द स्वतंत्र अर्थ रखता है और दूसरा अकेले निरर्थक होता है।
‘आमने-सामने’ में ‘सामने’ सार्थक है, जबकि ‘आमने’ का अकेले कोई अर्थ नहीं निकलता - अतः यही सार्थक-निरर्थक युग्म है।
वाक्य भी इसी से पूरा होता है - ‘तुम्हारा झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है इसलिए अब आमने-सामने बैठ कर ही बात होगी।’
‘सामने-सामने’ तथा ‘ऊपर-ऊपर’ पुनरुक्त सार्थक युग्म हैं और ‘पीठ-पीछे’ के दोनों शब्द सार्थक हैं; इसलिए सही विकल्प (b) है।
82
‘ठाकुर अपने कुएँ पर किसी को पानी नहीं भरने देता था।’ इस वाक्य में प्रयुक्त ‘ठाकुर’ शब्द का अनेकार्थी शब्द निम्न में से कौन-सा है?
A.राक्षस
B.ईश्वर
C.पंडित
D.गधा
Solution
अनेकार्थी शब्द
अनेकार्थी शब्द वह है जिसका प्रसंग के अनुसार एक से अधिक अर्थ निकलता है।
‘ठाकुर’ के प्रचलित अर्थ हैं - स्वामी अथवा ज़मींदार, देवता अथवा ईश्वर, तथा क्षत्रिय/राजपूत।
दिए गए वाक्य में ‘ठाकुर’ का अर्थ ज़मींदार/स्वामी है, और उसी शब्द का दूसरा प्रचलित अर्थ ‘ईश्वर’ है - ‘ठाकुरजी’ शब्द इसी अर्थ से बना है।
शेष विकल्प - राक्षस, पंडित और गधा - ‘ठाकुर’ के अर्थ नहीं हैं; इसलिए सही विकल्प (b) है।
83
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- अपनों से बड़ों के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला सम्मान सूचक शब्द
A.ऋषि
B.महोदय
C.महात्मा
D.मुनि
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
प्रश्न ऐसा शब्द माँगता है जो अपने से बड़े अथवा आदरणीय व्यक्ति के लिए सम्मानसूचक रूप में प्रयुक्त होता हो।
‘महोदय’ ठीक यही आदरसूचक संबोधन है; औपचारिक पत्रों में ‘मान्यवर/महोदय’ इसी अर्थ में लिखा जाता है।
‘ऋषि’, ‘मुनि’ और ‘महात्मा’ तपस्वी अथवा संत के लिए प्रयुक्त होते हैं, हर बड़े व्यक्ति के लिए नहीं; इसलिए सही विकल्प (b) है।
84
‘जो कानून के विरुद्ध हो’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
A.न्याय
B.नैतिक
C.अवैध
D.अपराधी
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘वैध’ का अर्थ है - कानून के अनुकूल; इसमें निषेधवाचक उपसर्ग ‘अ’ जुड़ने पर ‘अवैध’ बनता है, अर्थात जो कानून के विरुद्ध हो।
‘न्याय’ का अर्थ इंसाफ़ है, ‘नैतिक’ नीति से संबंधित विशेषण है और ‘अपराधी’ अपराध करने वाला व्यक्ति है, कोई कार्य नहीं।
अतः दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द ‘अवैध’ है; इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
निम्नलिखित में से किस वाक्य में रेखांकित शब्द पुल्लिंग है?
A.गंगा में बहुत पानी है।
B.यह ब्रह्मपुत्र का किनारा है।
C.झेलम कश्मीर में है।
D.महानदी का नाम सुना होगा।
Solution
नदी-नामों का लिंग-निर्णय
नियम - हिंदी में नदियों के नाम प्रायः स्त्रीलिंग होते हैं; जैसे गंगा, यमुना, झेलम, महानदी, नर्मदा, कावेरी।
इसका प्रमुख अपवाद ‘ब्रह्मपुत्र’ है, जो पुल्लिंग है; ‘सिंधु’ और ‘सोन’ भी इसी अपवाद में आते हैं।
अतः ‘यह ब्रह्मपुत्र का किनारा है।’ वाक्य का रेखांकित शब्द ही पुल्लिंग है।
शेष तीनों वाक्यों के रेखांकित नदी-नाम - गंगा, झेलम और महानदी - स्त्रीलिंग हैं; इसलिए सही विकल्प (b) है।
86
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है? दस रुपया में क्या आता है?
A.क्या
B.दस
C.आता
D.रुपया
Solution
वचन संबंधी अशुद्धि
नियम - संख्यावाचक विशेषण एक से अधिक हो तो उसके बाद आने वाली संज्ञा बहुवचन में आती है; जैसे - एक रुपया, किंतु दस रुपये।
वाक्य ‘दस रुपया में क्या आता है?’ में ‘दस’ के साथ एकवचन ‘रुपया’ का प्रयोग हुआ है, यही खंड अशुद्ध है।
शुद्ध वाक्य - ‘दस रुपये में क्या आता है?’
‘क्या’, ‘दस’ और ‘आता’ खंडों में कोई त्रुटि नहीं है; इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
निम्न में किस वाक्य में क्रियाविशेषण शब्द का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
A.महँगाई में दिन-रात मेहनत करके ही पेट पाला जा सकता है।
B.घर-घर में यही कहानी है, कोई मिलकर रहता ही नहीं।
C.धीरे-धीरे कार्य करने से काम जल्दी पूर्ण हो जाता है।
D.वह उधार चुकाना नहीं चाहता, तभी कल-परसों करता रहता है।
Solution
क्रियाविशेषण का अशुद्ध प्रयोग
क्रियाविशेषण क्रिया की विशेषता बताता है, इसलिए उसका भाव क्रिया के भाव के अनुकूल होना चाहिए, उससे विरोध नहीं करना चाहिए।
विकल्प (c) में ‘धीरे-धीरे’ (रीतिवाचक क्रियाविशेषण) और ‘जल्दी’ (कालवाचक क्रियाविशेषण) परस्पर विरोधी हैं - धीरे-धीरे कार्य करने से काम जल्दी पूर्ण नहीं होता।
शुद्ध रूप होगा - ‘धीरे-धीरे कार्य करने से काम ठीक ढंग से पूर्ण हो जाता है।’ अथवा ‘तेजी से कार्य करने से काम जल्दी पूर्ण हो जाता है।’
शेष वाक्यों में ‘दिन-रात’, ‘घर-घर’ और ‘कल-परसों’ अपनी-अपनी क्रिया के भाव के अनुकूल प्रयुक्त हुए हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
88
‘स्थिर’ का विलोम शब्द नीचे दिए विकल्पों में से चुनिए-
A.अवस्थित
B.स्थित
C.अचल
D.चंचल
Solution
विलोम शब्द
‘स्थिर’ का अर्थ है - जो हिले-डुले नहीं, टिका हुआ, अडिग।
इसके विपरीत भाव - चपल, अस्थिर, इधर-उधर डोलने वाला - को ‘चंचल’ कहते हैं, अतः ‘स्थिर’ का विलोम ‘चंचल’ है।
‘अवस्थित’ और ‘स्थित’ तो ‘स्थिर’ के ही समान भाव देते हैं तथा ‘अचल’ का अर्थ भी अटल/स्थिर ही है, विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
89
‘गुलाब के फूल की _____ सभी के मन को भाती है।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित सार्थक शब्द है-
A.सुगंध
B.दुर्लभ
C.बदबू
D.दुर्गंध
Solution
रिक्त स्थान की पूर्ति
वाक्य की क्रिया ‘भाती है’ है, जो सुखद अनुभूति का भाव देती है और स्त्रीलिंग कर्ता की माँग करती है।
गुलाब के फूल की जो विशेषता सभी के मन को भाती है, वह उसकी ‘सुगंध’ है।
पूर्ण वाक्य - ‘गुलाब के फूल की सुगंध सभी के मन को भाती है।’
‘बदबू’ और ‘दुर्गंध’ का भाव वाक्य के विपरीत है तथा ‘दुर्लभ’ विशेषण है, संज्ञा नहीं; इसलिए सही विकल्प (a) है।
90
निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके लिए सार्थक शब्द का चयन करें- अंडे से जन्म लेने वाला
A.परजीवी
B.अंडज
C.अंबुज
D.पक्षी
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘अंडज’ शब्द ‘अंड + ज’ से बना है, जिसमें ‘ज’ प्रत्यय का अर्थ है - से जन्म लेने वाला।
अतः अंडे से जन्म लेने वाले जीव को ‘अंडज’ कहते हैं; जैसे पक्षी, साँप, मछली।
‘अंबुज’ का अर्थ है जल से उत्पन्न अर्थात कमल, ‘परजीवी’ दूसरे पर आश्रित रहने वाला जीव है और ‘पक्षी’ केवल एक उदाहरण है, वाक्यांश के लिए एक शब्द नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
91
इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
A.शेर को देख कर उसका प्राण सुख गया।
B.कोयल का कंठ सबसे मधुरतम है।
C.मुझे रोटी खाना है।
D.ऐश्वर्य से उन्नति होती है।
Solution
वाक्य-शुद्धि
विकल्प (d) ‘ऐश्वर्य से उन्नति होती है।’ व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध है - इसमें कारक, लिंग, वचन और शब्द-रूप सभी उचित हैं।
(a) में ‘प्राण’ नित्य बहुवचन है और ‘सुख’ अशुद्ध रूप है; शुद्ध वाक्य - ‘शेर को देखकर उसके प्राण सूख गए।’
(b) में ‘सबसे’ और ‘मधुरतम’ दोनों उत्तमावस्था के सूचक हैं, अतः पुनरुक्ति दोष है; शुद्ध वाक्य - ‘कोयल का कंठ सबसे मधुर है।’
(c) में कर्म ‘रोटी’ स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया भी स्त्रीलिंग होगी; शुद्ध वाक्य - ‘मुझे रोटी खानी है।’
इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
‘सुकर’ का विलोम है-
A.दुष्कर
B.परिष्कार
C.दुष्कृत्य
D.आकार
Solution
विलोम शब्द
‘सु’ और ‘दुष्’ परस्पर विरोधी उपसर्ग हैं - ‘सुकर’ अर्थात जो सरलता से किया जा सके, तथा ‘दुष्कर’ अर्थात जो कठिनाई से किया जा सके।
अतः ‘सुकर’ का विलोम ‘दुष्कर’ है।
‘परिष्कार’ का अर्थ शुद्धि/सँवारना, ‘दुष्कृत्य’ का अर्थ बुरा कार्य और ‘आकार’ का अर्थ रूप है - इनका ‘सुकर’ से विलोम-संबंध नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
93
वायु प्रवाह में नौका तेजी से चल रही थी। वाक्य के भावानुसार विपरीतार्थक शब्द है-
A.प्रतिकूल
B.अनुरूप
C.अनुकूल
D.मनोकूल
Solution
भावानुसार विपरीतार्थक शब्द
वाक्य है - ‘वायु प्रवाह में नौका तेजी से चल रही थी।’ नौका तभी तेज चलती है जब वायु का प्रवाह उसके ‘अनुकूल’ हो।
अतः वाक्य में निहित भाव ‘अनुकूल’ है और प्रश्न इसी का विपरीतार्थक शब्द पूछ रहा है।
‘अनुकूल’ का विलोम ‘प्रतिकूल’ है, अर्थात विरुद्ध अथवा विरोधी।
‘अनुरूप’ तथा ‘मनोकूल’ भी अनुकूलता का ही भाव देते हैं और ‘अनुकूल’ स्वयं अपना विलोम नहीं हो सकता; इसलिए सही विकल्प (a) है।
94
निम्नलिखित वाक्य में अशुद्ध शब्द है- वह पेड़ पर नीचे गिरा।
A.नीचे
B.गिरा
C.पर
D.पेड़
Solution
कारक संबंधी अशुद्धि
नियम - ‘गिरना’ क्रिया के साथ जिस स्थान से अलग होकर गिरा जाता है, वहाँ अपादान कारक का परसर्ग ‘से’ लगता है।
वाक्य ‘वह पेड़ पर नीचे गिरा।’ में ‘पेड़’ के साथ अधिकरण कारक का परसर्ग ‘पर’ लगा है, जो यहाँ अशुद्ध है।
शुद्ध वाक्य - ‘वह पेड़ से नीचे गिरा।’
‘पेड़’, ‘नीचे’ और ‘गिरा’ अपने आप में शुद्ध हैं, केवल परसर्ग बदलना है; इसलिए सही विकल्प (c) है।
95
‘उँगली पकड़ कर माथा पकड़ना।’ मुहावरे में रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त शब्द होगा-
A.गला
B.सिर
C.पहुँचा
D.पैर
Solution
मुहावरा
प्रचलित मुहावरा है - ‘उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ना’।
इसका अर्थ है - थोड़ी-सी छूट या सहायता पाकर अधिक अधिकार जमा लेना।
अतः रेखांकित शब्द ‘माथा’ के स्थान पर ‘पहुँचा’ (कलाई के ऊपर का भाग) उपयुक्त है।
‘गला’, ‘सिर’ अथवा ‘पैर’ से यह मुहावरा नहीं बनता; इसलिए सही विकल्प (c) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.किरण/प्रकाश
B.कहानी/नजर
C.मानव/खाना
D.अकथ/गद्य
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पूरा गद्यांश ‘कहानी’ विधा के ठहराव पर केंद्रित है - आगे भी बार-बार ‘कहानी’ शब्द आया है, अतः पहले रिक्त स्थान में विधा का नाम ‘कहानी’ आएगा।
दूसरे रिक्त स्थान के साथ ‘आने लगा है’ जुड़ा है और ठहराव के दिखाई देने के लिए मुहावरा ‘नजर आना’ प्रयुक्त होता है।
पूर्ण वाक्य - ‘इधर कुछ वर्षों से कहानी में भी एक खास ठहराव नजर आने लगा है।’
इसलिए सही विकल्प (b) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.अनुभवों/प्रासंगिकता
B.इबादत/काम
C.सहयोग/परोपकार
D.कृपा/अहसान
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पहला रिक्त स्थान ‘संवेदना और ____ से लेकर’ में है और आगे ‘उनके प्रति’ बहुवचन सर्वनाम आया है, अतः यहाँ बहुवचन रूप ‘अनुभवों’ ही उपयुक्त है।
दूसरा रिक्त स्थान ‘विधा की अपनी ____ या सार्थकता’ में है; ‘सार्थकता’ के समकक्ष भाववाचक संज्ञा ‘प्रासंगिकता’ ही बैठती है।
पूर्ण वाक्य - ‘संवेदना और अनुभवों से लेकर ... तो विधा की अपनी प्रासंगिकता या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है।’
शेष विकल्पों के शब्द-युग्म गद्यांश के भाव और व्याकरणिक रूप, दोनों से मेल नहीं खाते; इसलिए सही विकल्प (a) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.नफरत/पारिवारिक
B.प्रयोग/सृजन
C.भाषा/कहानी
D.क्रियान्वयन/वस्तुस्थिति
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पहला रिक्त स्थान ‘एक ही ____ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है’ में है; मुहावरा जिसमें दुहराया जाता है, वह ‘भाषा’ है।
दूसरे रिक्त स्थान के आगे ‘को दूसरी से अलग कर सकना’ आया है - ‘दूसरी’ स्त्रीलिंग है, अतः वहाँ स्त्रीलिंग संज्ञा ‘कहानी’ ही आएगी।
पूर्ण वाक्य - ‘लगता है आज कहानी, एक ही भाषा में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक कहानी को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है।’
इसलिए सही विकल्प (c) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.एक-एक/बावजूद
B.समय-सीमा/जगत
C.समय/काल
D.निरन्तर/बाद
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पहला रिक्त स्थान ‘वे या तो ____ करके चुप हो गई हैं’ में है; प्रतिभाओं के क्रमशः एक के बाद एक मौन होने का भाव ‘एक-एक करके’ से आता है।
दूसरा रिक्त स्थान ‘लिखते रहने के ____ उनकी चुप्पी मुखर है’ में विरोध का भाव माँगता है - लिखते रहने पर भी चुप्पी है।
यह विरोध ‘के बावजूद’ (के होते हुए भी) से ही व्यक्त होता है; ‘के बाद’ में विरोध का नहीं, केवल क्रम का भाव है।
पूर्ण वाक्य - ‘वे या तो एक-एक करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के बावजूद उनकी चुप्पी मुखर है।’
इसलिए सही विकल्प (a) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इधर कुछ वर्षों से __(76)__ में भी एक खास ठहराव __(76)__ आने लगा है। संवेदना और __(77)__ से लेकर जब उनके प्रति आग्रह और ट्रीटमेंट, भाषा और शैली सभी में एकसमान और एकरसता आने लगती है, तो विधा की अपनी __(77)__ या सार्थकता समाप्ति पर आ जाती है। लगता है आज कहानी, एक ही __(78)__ में एक ही मुहावरा दुहराने लगी है और एक __(78)__ को दूसरी से अलग कर सकना कठिन हो गया है। कहानी जिन प्रतिभाओं के सहयोग से समृद्ध हुई है, वे या तो __(79)__ करके चुप हो गई हैं या लिखते रहने के __(79)__ उनकी चुप्पी मुखर है। किन्हीं एक-दो के साथ हुई घटना को व्यक्तिगत संकट, सामर्थ्य-रिक्तता या प्रतिभा का अक्षम हो जाना कह सकते हैं; लेकिन जब वही घटना __(80)__ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए, तो उसे प्रवृत्ति ही मानना होगा, उसके कारण __(80)__ में नहीं समाज में देखने होंगे।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.किसी-न-किसी/साहित्य या लेखक
B.सत्यवादी-असत्यवादी/समय-चक्र
C.युग-युग/देशकाल-वातावरण
D.विवाद-परेशानी/कारण-अकारण
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पहला रिक्त स्थान ‘जब वही घटना ____ रूप में अनेक जगह दुहराई जाए’ में है; भिन्न-भिन्न रूपों में बार-बार दुहराए जाने का भाव ‘किसी-न-किसी रूप में’ देता है।
दूसरा रिक्त स्थान ‘उसके कारण ____ में नहीं समाज में देखने होंगे’ में ‘समाज’ के विरुद्ध खड़ा पक्ष माँगता है।
गद्यांश कहानी-लेखन पर केंद्रित है, अतः वह पक्ष ‘साहित्य या लेखक’ है - कारण साहित्य या लेखक में नहीं, समाज में देखने होंगे।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
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