SSC GD Constable 6 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 40 of 210
6 February 2025 · Shift 2
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्नलिखित वाक्य में अशुद्ध शब्द है- उन्हें अच्छे कार्य में अनेकों संकट आते हैं।
A.अच्छे
B.कार्य
C.अनेकों
D.आते
Solution
वाक्य-शुद्धि (वचन-दोष)
वाक्य का अशुद्ध शब्द ‘अनेकों’ है; शुद्ध वाक्य होगा- उन्हें अच्छे कार्य में अनेक संकट आते हैं।
‘अनेक’ शब्द स्वयं बहुवचन का बोध कराता है, अतः उसमें फिर से बहुवचन का ‘ओं’ जोड़ना दोहरे बहुवचन का दोष है।
इसी नियम से ‘सब’ का रूप ‘सबों’ तथा ‘अनेक’ का रूप ‘अनेकों’ अशुद्ध माने जाते हैं।
‘अच्छे’, ‘कार्य’ और ‘आते’ अपने लिंग-वचन के अनुसार वाक्य में शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जो नष्ट हो जाता हो
A.निरक्षर
B.अक्षर
C.ईश्वर
D.नश्वर
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘जो नष्ट हो जाता हो’ के लिए एक शब्द ‘नश्वर’ है।
नश्वर = नाशवान, जिसका नष्ट होना निश्चित हो।
निरक्षर = जो पढ़ा-लिखा न हो; अक्षर = जिसका क्षय न हो, अविनाशी - यह तो ‘नश्वर’ का विलोम है।
ईश्वर = सृष्टि का स्वामी, परमात्मा।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
83
निम्नलिखित मुहावरे के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द है- चाँद पर थूकना
A.सम्माननीय व्यक्ति का निरादर करना
B.ऊपर-नीचे करना
C.साहसी काम करना
D.मनमानी करना
Solution
मुहावरा
‘चाँद पर थूकना’ मुहावरे का अर्थ है- किसी सम्माननीय अथवा महान व्यक्ति का निरादर करना।
भाव यह है कि चाँद पर फेंका गया थूक स्वयं थूकने वाले पर ही गिरता है, अर्थात् निंदा का दुष्परिणाम निंदक को ही भोगना पड़ता है।
‘ऊपर-नीचे करना’ = उलट-पुलट करना; ‘साहसी काम करना’ = वीरता दिखाना; ‘मनमानी करना’ = अपनी इच्छा से काम करना।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
84
निम्नलिखित में से कौन-सी अनुस्वारान्त संज्ञा स्त्रीलिंग नहीं है?
A.खड़ाऊँ
B.जाँघों
C.गेहूँ
D.सरसों
Solution
लिंग-निर्णय
नियम: अनुस्वार/अनुनासिक पर समाप्त होने वाली अधिकांश संज्ञाएँ स्त्रीलिंग होती हैं- जैसे खड़ाऊँ, जाँघ, सरसों।
‘गेहूँ’ इस नियम का प्रसिद्ध अपवाद है; यह पुल्लिंग संज्ञा है- ‘गेहूँ महँगा हो गया है’।
‘खड़ाऊँ’ (लकड़ी की पादुका), ‘जाँघों’ (जाँघ का बहुवचन) और ‘सरसों’ तीनों स्त्रीलिंग हैं- ‘खड़ाऊँ टूट गई’, ‘सरसों फूली है’।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
निम्नलिखित वाक्य के अशुद्ध भाग का चयन करें- व्यक्ति को समय का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए।
A.व्यक्ति को
B.दुरूपयोग नहीं
C.समय का
D.करना चाहिए
Solution
वर्तनी-शुद्धि
अशुद्ध भाग है- ‘दुरूपयोग नहीं’; शुद्ध वाक्य है- व्यक्ति को समय का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
‘दुर्’ उपसर्ग और ‘उपयोग’ के योग से ‘दुरुपयोग’ बनता है, जिसमें ‘रु’ ह्रस्व रहता है; ‘रू’ दीर्घ लिखना वर्तनी-दोष है।
इसी प्रकार ‘दुरुस्त’ और ‘दुरुक्ति’ में भी ‘रु’ ह्रस्व ही रहता है।
शेष तीनों भाग- ‘व्यक्ति को’, ‘समय का’ और ‘करना चाहिए’ - शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
86
‘दीपावली के अवसर पर बने सारे पकवान खाने में बहुत अच्छे लगते हैं।’ सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर वाक्य के रेखांकित अंश को बदलें-
A.बहुत मीठे
B.बहुत गरिष्ठ
C.बहुत सुपाच्य
D.बहुत स्वादिष्ट
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
रेखांकित अंश ‘बहुत अच्छे’ के स्थान पर वही विशेषण उपयुक्त होगा जो ‘खाने में’ के साथ पकवानों के स्वाद का बोध कराए।
‘बहुत स्वादिष्ट’ ठीक यही करता है- दीपावली के अवसर पर बने सारे पकवान खाने में बहुत स्वादिष्ट लगते हैं।
‘बहुत मीठे’ केवल एक ही स्वाद तक सीमित है, जबकि पकवान नमकीन और चटपटे भी होते हैं।
‘गरिष्ठ’ (देर से पचने वाला) और ‘सुपाच्य’ (सरलता से पचने वाला) पाचन के गुण बताते हैं, स्वाद का नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
निम्नलिखित में से ‘प्रेम’ का विलोम शब्द है-
A.अनुराग
B.घृणा
C.स्नेह
D.क्रूर
Solution
विलोम शब्द
‘प्रेम’ का विलोम ‘घृणा’ है।
‘अनुराग’ और ‘स्नेह’ तो ‘प्रेम’ के पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं।
‘क्रूर’ विशेषण है और उसका विलोम ‘दयालु’ होगा; ‘प्रेम’ भाववाचक संज्ञा है, अतः उसका विलोम भी भाववाचक संज्ञा ‘घृणा’ ही होगी।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
88
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित पद के बदले कौन-से विकल्प में सही वाक्य लिखा गया है? उस भवन में कोई व्यक्ति नहीं था।
A.वह भवन लोकमय था।
B.उसमें जनशून्य था।
C.वह भवन जनशून्य था।
D.उस भवन में कम व्यक्ति थे।
Solution
वाक्य-संक्षेपण
रेखांकित पद ‘कोई व्यक्ति नहीं था’ के लिए एक शब्द ‘जनशून्य’ (जन + शून्य = मनुष्यों से रहित) है।
अतः शुद्ध वाक्य बनेगा- वह भवन जनशून्य था।
(b) ‘उसमें जनशून्य था।’ में विशेषण का आश्रय (भवन) ही लुप्त है, इसलिए वाक्य अशुद्ध है।
(a) ‘लोकमय’ का अर्थ है लोगों से भरा हुआ, जो मूल वाक्य के ठीक विपरीत है; (d) ‘कम व्यक्ति थे’ का अर्थ है कुछ लोग थे, जबकि वाक्य में कोई नहीं था।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
89
निम्न में से किस वाक्य में कारक चिह्न का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
A.विद्यार्थियों के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना उचित है।
B.हमें अपने पड़ोसी से ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।
C.वह अभी तक हैदराबाद द्वारा नहीं लौटा है।
D.गर्मी से उसका चेहरा तमतमाया हुआ था।
Solution
कारक
कारक-चिह्न का अशुद्ध प्रयोग विकल्प (c) में है- ‘वह अभी तक हैदराबाद द्वारा नहीं लौटा है।’
‘लौटना’ में किसी स्थान से पृथक् होने का भाव है, अतः अपादान कारक का चिह्न ‘से’ लगेगा- वह अभी तक हैदराबाद से नहीं लौटा है।
‘द्वारा’ करण कारक का चिह्न है और साधन या माध्यम के लिए आता है- ‘पत्र डाक द्वारा भेजा गया’।
(a) में ‘के लिए’ (संप्रदान), (b) में ‘से’ (अपादान) और (d) में ‘से’ (करण) का प्रयोग शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि वाक्य में किस प्रकार की त्रुटि है? हमने यह कार्य जल्दी पूरा करना है।
A.कारक संबंधी अशुद्धि
B.संज्ञा संबंधी अशुद्धि
C.वचन संबंधी अशुद्धि
D.लिंग संबंधी अशुद्धि
Solution
वाक्य-अशुद्धि का प्रकार
वाक्य ‘हमने यह कार्य जल्दी पूरा करना है।’ में कारक-चिह्न की अशुद्धि है।
‘करना है’ वाली संरचना कर्तव्य या आवश्यकता बताती है और उसके कर्ता के साथ ‘को’ विभक्ति आती है- हमें यह कार्य जल्दी पूरा करना है।
‘ने’ विभक्ति सकर्मक क्रिया के भूतकालिक रूपों के साथ आती है- ‘हमने यह कार्य पूरा किया।’
वाक्य में संज्ञा, वचन और लिंग तीनों शुद्ध हैं; दोष केवल विभक्ति का है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
91
‘घर के चारों ओर धुआँ व्याप्त हो गया।’ इस वाक्य में ‘धुआँ’ शब्द का तत्सम रूप प्रयुक्त कर वाक्य पूर्ण कीजिए।
A.घर के चारों ओर जल व्याप्त हो गया।
B.घर के चारों ओर धरा व्याप्त हो गई।
C.घर के चारों ओर धूम व्याप्त हो गया।
D.घर के चारों ओर कूड़ा व्याप्त हो गया।
Solution
तत्सम-तद्भव
‘धुआँ’ तद्भव शब्द है, जिसका तत्सम रूप ‘धूम’ (संस्कृत ‘धूम्र’) है।
अतः वाक्य होगा- घर के चारों ओर धूम व्याप्त हो गया। ‘धूम’ पुल्लिंग है, इसलिए ‘हो गया’ ही शुद्ध क्रिया-रूप है।
‘जल’ और ‘कूड़ा’ धुएँ के तत्सम रूप नहीं, बिलकुल भिन्न वस्तुएँ हैं।
‘धरा’ (पृथ्वी) केवल ध्वनि में ‘धुआँ’ जैसा लगता है, अर्थ में नहीं; इसीलिए वहाँ क्रिया भी ‘हो गई’ कर दी गई है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
92
‘खत पढ़ते हुए उसकी ____ लड़खड़ाने लगी थी।’ वाक्य के रिक्त स्थान के लिए विदेशी शब्द चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए-
A.मिजाज
B.आवाज
C.स्वर
D.वाणी
Solution
विदेशी (आगत) शब्द
रिक्त स्थान के लिए वही विदेशी शब्द चाहिए जो ‘उसकी’ (स्त्रीलिंग) और ‘लड़खड़ाने लगी थी’ दोनों से मेल खाए।
‘आवाज’ फ़ारसी मूल का स्त्रीलिंग शब्द है और ‘आवाज़ लड़खड़ाना’ प्रचलित प्रयोग है- खत पढ़ते हुए उसकी आवाज लड़खड़ाने लगी थी।
‘मिजाज’ यद्यपि अरबी मूल का आगत शब्द है, पर वह पुल्लिंग है (‘उसका मिजाज’) और ‘लड़खड़ाना’ उसके साथ नहीं आता।
‘स्वर’ और ‘वाणी’ संस्कृत मूल के तत्सम शब्द हैं, विदेशी नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
93
दिए गए शब्द का सही पर्यायवाची शब्द पहचानिए- चंद्रहास
A.तलवार
B.त्रिशूल
C.खंजर
D.भाला
Solution
पर्यायवाची
‘चंद्रहास’ तलवार का पर्यायवाची है; पौराणिक कथाओं में रावण की तलवार का नाम भी यही था।
तलवार के अन्य पर्याय हैं- असि, कृपाण, खड्ग, शमशीर।
‘त्रिशूल’ तीन नोकों वाला शिव का आयुध है, ‘खंजर’ छोटा दुधारा शस्त्र और ‘भाला’ लंबे बेंट वाला नुकीला अस्त्र।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
94
निम्नलिखित में से किस वाक्य में ‘अंतरंग’ शब्द का सर्वाधिक उपयुक्त विलोम शब्द प्रयुक्त है?
A.मित्र के बिना जीवन बेरंग है।
B.वह ब्रह्मचारी प्रतिभा का व्यक्ति है।
C.वह बहुत रंगीन मिजाज है।
D.यह अस्पताल बहिरंग रोगियों के लिए है।
Solution
विलोम शब्द
‘अंतरंग’ का विलोम ‘बहिरंग’ है, जिसका प्रयोग विकल्प (d) में हुआ है- यह अस्पताल बहिरंग रोगियों के लिए है।
‘अंतरंग’ = भीतरी, आत्मीय (चिकित्सा में भर्ती रोगी) और ‘बहिरंग’ = बाहरी (बाह्य रोगी विभाग में दिखाकर लौट जाने वाला रोगी)।
(a) ‘बेरंग’ का विलोम ‘रंगीन’ है और (c) ‘रंगीन मिजाज’ भी उसी ‘रंग’ से बना है, ‘अंग’ से नहीं।
(b) ‘ब्रह्मचारी’ का विलोम ‘गृहस्थ’ होगा, जिसका प्रश्न से कोई संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
95
‘अकाल’ का पर्याय निम्न में से नहीं है-
A.सुकाल
B.कुकाल
C.दुर्भिक्ष
D.दुष्काल
Solution
पर्यायवाची
प्रश्न में वह शब्द पूछा गया है जो ‘अकाल’ का पर्याय नहीं है।
‘सुकाल’ का अर्थ है सुसमय, अन्न की बहुतायत का काल - यह ‘अकाल’ का विलोम है, पर्याय नहीं।
‘कुकाल’ (बुरा समय), ‘दुर्भिक्ष’ (जहाँ भिक्षा भी दुर्लभ हो) और ‘दुष्काल’ (कष्ट का काल) - तीनों ‘अकाल’ के पर्यायवाची हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मैं अवाक् (76) ____ ओर देखता रहा। फिर मैंने देखा, पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर (77) ____ हैं और घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर उन्होंने (78) ____ को एक ओर रख दिया है (79) ____ चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ (80) ____ हैं।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.उन तक
B.उनका
C.उनके
D.उनकी
Solution
संबंधकारक का लिंग-मेल
रिक्त स्थान के तुरंत बाद ‘ओर देखता रहा’ आया है; ‘ओर’ स्त्रीलिंग संज्ञा है, अतः उससे पहले संबंधकारक का स्त्रीलिंग रूप ‘उनकी’ ही आएगा।
पूर्ण वाक्य- मैं अवाक् उनकी ओर देखता रहा।
‘उनका’ और ‘उनके’ पुल्लिंग रूप हैं, जो ‘ओर’ के साथ मेल नहीं खाते।
‘उन तक’ सीमा का बोध कराता है, दिशा का नहीं- ‘उन तक देखता रहा’ अशुद्ध प्रयोग है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मैं अवाक् (76) ____ ओर देखता रहा। फिर मैंने देखा, पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर (77) ____ हैं और घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर उन्होंने (78) ____ को एक ओर रख दिया है (79) ____ चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ (80) ____ हैं।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सके
B.आई
C.सकी
D.आए
Solution
क्रिया का लिंग-वचन
‘पिताजी’ आदरार्थ बहुवचन (पुल्लिंग) कर्ता है, अतः क्रिया भी पुल्लिंग बहुवचन में आएगी।
‘उतर’ के साथ रंजक क्रिया ‘आना’ जुड़कर संयुक्त क्रिया ‘उतर आए हैं’ बनाती है- पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर आए हैं।
‘आई’ और ‘सकी’ स्त्रीलिंग रूप हैं, इसलिए ‘पिताजी’ के साथ नहीं आ सकते।
‘सके’ सामर्थ्य का बोध कराता है, जो यहाँ के वर्णनात्मक प्रसंग में असंगत है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मैं अवाक् (76) ____ ओर देखता रहा। फिर मैंने देखा, पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर (77) ____ हैं और घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर उन्होंने (78) ____ को एक ओर रख दिया है (79) ____ चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ (80) ____ हैं।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.डंडे
B.लाठी
C.लोहे
D.छड़
Solution
संदर्भ-आधारित शब्द
इसी वाक्य में पहले कहा जा चुका है कि पिताजी ने ‘घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर’ - अतः जिसे एक ओर रखा गया, वह वही ‘लाठी’ है।
पूर्ण वाक्य- …उन्होंने लाठी को एक ओर रख दिया है।
‘डंडे’, ‘लोहे’ और ‘छड़’ का उल्लेख गद्यांश में कहीं नहीं है, इसलिए वे संदर्भ से नहीं जुड़ते।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मैं अवाक् (76) ____ ओर देखता रहा। फिर मैंने देखा, पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर (77) ____ हैं और घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर उन्होंने (78) ____ को एक ओर रख दिया है (79) ____ चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ (80) ____ हैं।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.किंतु
B.ऊपर
C.साथ
D.और
Solution
समुच्चयबोधक
रिक्त स्थान दो समान कोटि के कथनों- ‘रख दिया है’ और ‘बैठ गए हैं’ - को जोड़ रहा है, अतः यहाँ समानाधिकरण समुच्चयबोधक ‘और’ चाहिए।
‘किंतु’ विरोध का बोधक है, जबकि दोनों क्रियाएँ एक ही क्रम की हैं और उनमें कोई विरोध नहीं।
‘ऊपर’ स्थानवाचक तथा ‘साथ’ संबंधसूचक शब्द है; ये दो उपवाक्यों को जोड़ नहीं सकते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मैं अवाक् (76) ____ ओर देखता रहा। फिर मैंने देखा, पिताजी स्टूल पर से नीचे उतर (77) ____ हैं और घोंसले के तिनकों में से लाठी निकालकर उन्होंने (78) ____ को एक ओर रख दिया है (79) ____ चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ (80) ____ हैं।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सके
B.गए
C.उठे
D.गई
Solution
संयुक्त क्रिया
‘बैठ’ के साथ रंजक क्रिया ‘जाना’ मिलकर संयुक्त क्रिया ‘बैठ गए हैं’ बनाती है, जो कार्य की पूर्णता दर्शाती है।
कर्ता ‘पिताजी’ आदरार्थ बहुवचन पुल्लिंग है, अतः ‘गए’ रूप शुद्ध है- …चुपचाप कुर्सी पर आकर बैठ गए हैं।
‘गई’ स्त्रीलिंग रूप है, इसलिए यहाँ नहीं आ सकता।
‘सके’ सामर्थ्य का और ‘उठे’ ठीक विपरीत क्रिया (उठना) का बोध कराता है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
Finished reading? Now test yourself.
The same 20 questions, but with a timer and the answers hidden — 15 minutes.