SSC GD Constable 10 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 70 of 210
10 February 2025 · Shift 2
Hindi
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20 questions
A
81
संज्ञा के अनुसार दिए गए वाक्य में त्रुटियाँ पहचानें और वाक्य शुद्ध करें तथा उत्तर के रूप में सही विकल्प चुनें। एक लड़का दौड़ते हैं।
A.एक लड़का दौड़ते ही रहता है।
B.एक लड़का सिर्फ दौड़ते ही हैं।
C.एक लड़का दौड़ते ही।
D.एक लड़का दौड़ता है।
Solution
कर्ता-क्रिया अन्वय
वाक्य का कर्ता ‘एक लड़का’ पुल्लिंग एकवचन है।
हिन्दी में क्रिया कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार चलती है, अतः एकवचन कर्ता के साथ बहुवचन क्रिया ‘दौड़ते हैं’ नहीं, बल्कि ‘दौड़ता है’ आएगी।
शुद्ध वाक्य बनता है - ‘एक लड़का दौड़ता है।’
शेष विकल्पों में या तो बहुवचन क्रिया बनी हुई है या वाक्य अधूरा रह जाता है; इसलिए सही विकल्प (d) है।
82
सत्य से बढ़कर कुछ नहीं है। रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.सच
B.धोखा
C.मिथ्या
D.झूठ
Solution
विलोम शब्द
‘सत्य’ तत्सम शब्द है, जिसका अर्थ है - जो यथार्थ हो, जो वस्तुतः वैसा ही हो।
तत्सम शब्द का विलोम भी तत्सम ही लिया जाता है, और ‘सत्य’ का मानक विलोम ‘मिथ्या’ है, अर्थात जो सत्य न हो।
‘सच’ तो पर्यायवाची है, ‘धोखा’ का अर्थ छल है और ‘झूठ’ तद्भव रूप है जो ‘सच’ के साथ युग्म बनाता है; इसलिए सही विकल्प (c) है।
83
‘मेरे ____ में दर्द हो रहा था।’ रिक्त स्थान की पूर्ति तत्सम शब्द द्वारा कीजिए।
A.कान
B.कर्णिक
C.कुण्डल
D.कर्ण
Solution
तत्सम शब्द
प्रश्न रिक्त स्थान की पूर्ति तत्सम शब्द से करने को कहता है, अर्थात संस्कृत से ज्यों-का-त्यों लिया गया शब्द चाहिए।
‘कान’ तद्भव शब्द है और उसका तत्सम रूप ‘कर्ण’ है - ‘मेरे कर्ण में दर्द हो रहा था।’
‘कान’ स्वयं तद्भव है, ‘कर्णिक’ का अर्थ कान से सम्बन्धित तथा ‘कुण्डल’ का अर्थ कान का आभूषण है; इसलिए सही विकल्प (d) है।
84
निम्न में से किस वाक्य में कारक चिह्न का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
A.रोगी ने पानी माँगा, मगर नर्स ने अनसुना कर दिया।
B.उसने कहा था कि उसने चोरी नहीं की।
C.उस दिन पिताजी से मुझसे पूछा ही नहीं।
D.सच-सच बताओ, तुमने उसे किस बात पर पीटा।
Solution
कारक चिह्न का प्रयोग
‘पूछना’ सकर्मक क्रिया है और भूतकाल में उसका कर्ता कर्ता-कारक का चिह्न ‘ने’ लेता है।
विकल्प (c) में ‘उस दिन पिताजी से मुझसे पूछा ही नहीं’ में कर्ता के साथ ‘से’ (करण/अपादान का चिह्न) लगा है, जो अशुद्ध है।
शुद्ध रूप होगा - ‘उस दिन पिताजी ने मुझसे पूछा ही नहीं।’
शेष तीनों वाक्यों में ‘ने’, ‘को’ और ‘पर’ कारक चिह्न अपने सही स्थान पर हैं; इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
‘अभ्यागत’ पर्याय है-
A.शरणागत का
B.अकिंचन का
C.आतिथ्य का
D.अतिथि का
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘अभ्यागत’ का शाब्दिक अर्थ है - जो सामने या पास आया हो, अर्थात घर पर आया हुआ मेहमान।
इसी अर्थ में इसका पर्यायवाची ‘अतिथि’ है।
‘शरणागत’ का अर्थ है शरण में आया हुआ, ‘अकिंचन’ का अर्थ निर्धन तथा ‘आतिथ्य’ मेहमान का सत्कार (भाववाचक) है, व्यक्ति नहीं; इसलिए सही विकल्प (d) है।
86
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- अच्छा लिखने वाला
A.लेखक
B.सुलेखक
C.साहित्यकार
D.कुलेखक
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
उपसर्ग ‘सु’ का अर्थ है ‘अच्छा’, अतः ‘सु + लेखक’ से बना ‘सुलेखक’ का अर्थ हुआ - अच्छा लिखने वाला।
‘लेखक’ केवल लिखने वाला है, उसमें अच्छाई का भाव नहीं; ‘साहित्यकार’ साहित्य की रचना करने वाला है और ‘कुलेखक’ (कु = बुरा) बुरा लिखने वाला।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
87
‘आसमान टूट पड़ना’ मुहावरे का सही अर्थ इनमें से क्या होगा?
A.अत्यधिक संकट आना
B.आसमान ऊपर जाना
C.आसमान गिर जाना
D.अत्यधिक खुशी आना
Solution
मुहावरे का अर्थ
‘आसमान टूट पड़ना’ मुहावरा है, अतः इसका शाब्दिक अर्थ न लेकर लाक्षणिक अर्थ लिया जाएगा।
इसका अर्थ है - अचानक बहुत बड़ी विपत्ति या संकट आ जाना, जैसे ‘पिता की मृत्यु से परिवार पर आसमान टूट पड़ा।’
‘आसमान ऊपर जाना’ और ‘आसमान गिर जाना’ शाब्दिक अर्थ हैं तथा ‘अत्यधिक खुशी आना’ ठीक विपरीत भाव देता है; इसलिए सही विकल्प (a) है।
88
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए- इस समय महेश की ग्यारह साल अवस्था की है।
A.अवस्था साल ग्यारह की
B.अवस्था ग्यारह साल की
C.ग्यारह की साल अवस्था
D.ग्यारह अवस्था
Solution
वाक्य में पदक्रम
हिन्दी में आयु बताने का शुद्ध पदक्रम है - ‘अवस्था’ के बाद संख्यावाचक और कालवाचक शब्द, फिर सम्बन्धसूचक ‘की’।
अतः रेखांकित खंड ‘ग्यारह साल अवस्था की’ के स्थान पर ‘अवस्था ग्यारह साल की’ आएगा - ‘इस समय महेश की अवस्था ग्यारह साल की है।’
शेष विकल्पों में पदक्रम और भी उलझ जाता है या ‘साल’ जैसा आवश्यक शब्द छूट जाता है; इसलिए सही विकल्प (b) है।
89
निम्नलिखित वाक्य के अशुद्ध भाग का चयन करें- ‘संविधान के अनुसार संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपी देवनागरी है।’
A.संघ की राजभाषा
B.देवनागरी है
C.हिन्दी और लिपी
D.संविधान के अनुसार
Solution
वर्तनी-शुद्धि
‘लिपि’ संस्कृत से आया स्त्रीलिंग तत्सम शब्द है और इसकी शुद्ध वर्तनी ह्रस्व ‘इ’ के साथ ‘लिपि’ है।
वाक्य में ‘हिन्दी और लिपी’ छपा है, जहाँ दीर्घ ‘ई’ की मात्रा अशुद्ध है; अतः यही भाग दोषपूर्ण है।
‘संविधान के अनुसार’, ‘संघ की राजभाषा’ और ‘देवनागरी है’ - तीनों भाग वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं; इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा एक विलोम युग्म सही नहीं है?
A.खरीद-बिक्री
B.खरीद-आगत
C.गौण-मुख्य
D.गलत-सही
Solution
विलोम युग्म
प्रश्न में उस युग्म को खोजना है जो सही विलोम-युग्म नहीं है, अतः प्रत्येक जोड़े की अलग-अलग जाँच कीजिए।
‘गौण’ का विलोम ‘मुख्य’ और ‘गलत’ का विलोम ‘सही’ है - ये दोनों युग्म शुद्ध हैं; ‘खरीद’ का विलोम ‘बिक्री’ है, अतः पहला युग्म भी शुद्ध है।
‘आगत’ (आया हुआ) का विलोम ‘विगत/अनागत’ होता है, ‘खरीद’ नहीं; दोनों शब्द भिन्न अर्थ-क्षेत्रों के हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
91
वाल्मीकि कृत रामायण संस्कृत में है। उपरोक्त अशुद्ध वाक्य के शुद्ध रूप का चयन करें-
A.वाल्मीकि कृति रामायण संस्कृत में है।
B.वाल्मीकि क्रीत रामायण संस्कृत में है।
C.वाल्मीकि कृत रामायण संस्कृत में है!
D.वाल्मीकि कृत रामायण संस्कृत में है।
Solution
वाक्य-शुद्धि
‘कृत’ का अर्थ है ‘रचा हुआ’, अतः ‘वाल्मीकि कृत रामायण’ का अर्थ हुआ वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण - यही अभीष्ट अर्थ है।
विकल्प (a) का ‘कृति’ (रचना) और विकल्प (b) का ‘क्रीत’ (ख़रीदा हुआ) वाक्य का अर्थ ही बदल देते हैं।
यह कथनवाचक वाक्य है, विस्मयादिबोधक नहीं, इसलिए अंत में विस्मयादिबोधक चिह्न ‘!’ नहीं, पूर्ण विराम ‘।’ ही आएगा।
वर्तनी और विराम-चिह्न दोनों दृष्टि से शुद्ध रूप एक ही है; इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
इस बार व्यापार में मुनाफा हुआ है। रेखांकित शब्द के विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.हानि
B.तरक्की
C.खत्म
D.घाटा
Solution
विलोम शब्द
‘मुनाफा’ फ़ारसी-अरबी मूल का शब्द है, जिसका अर्थ है व्यापार में हुई बढ़त या लाभ।
व्यापार की भाषा में इसका प्रचलित विलोम-युग्म ‘मुनाफा-घाटा’ है, अतः रिक्त अर्थ ‘घाटा’ से पूरा होता है।
‘हानि’ तत्सम ‘लाभ’ का विलोम है, ‘तरक्की’ लगभग पर्यायवाची है और ‘खत्म’ विलोम नहीं, समाप्ति का सूचक है; इसलिए सही विकल्प (d) है।
93
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए एक सार्थक शब्द से प्रतिस्थापित कीजिए- ‘प्राचीनकाल से सम्बद्ध शास्त्र या ज्ञान’
A.ऐतिहासिक
B.सर्वकालिक
C.पुरातत्त्व
D.कालजयी
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘पुरा’ का अर्थ है प्राचीन और ‘तत्त्व’ का अर्थ ज्ञान या सार, अतः ‘पुरातत्त्व’ का अर्थ हुआ - प्राचीनकाल से सम्बद्ध शास्त्र या ज्ञान।
‘ऐतिहासिक’ इतिहास से सम्बन्धित विशेषण है, ‘सर्वकालिक’ सभी कालों में रहने वाला और ‘कालजयी’ काल को जीतने वाला अर्थ देता है।
इनमें से कोई भी शास्त्र या ज्ञान की शाखा का बोध नहीं कराता; इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके लिए सार्थक शब्द का चयन करें- जो बीत गया हो।
A.अतीत
B.पुरातन
C.नूतन
D.नवीन
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘जो बीत गया हो’ अर्थात जो समय गुज़र चुका है - उसके लिए एक शब्द ‘अतीत’ है।
‘पुरातन’ का अर्थ है बहुत पुराना (वस्तु या परंपरा), जबकि ‘नूतन’ और ‘नवीन’ का अर्थ नया है, जो ठीक विपरीत भाव देते हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
95
‘नंदिनी को ____ बहुत पसंद है।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए विदेशज शब्द होगा-
A.किशमिश
B.आम
C.खीर
D.सत्तू
Solution
विदेशज शब्द
विदेशज वे शब्द हैं जो फ़ारसी, अरबी, तुर्की, पुर्तगाली या अंग्रेज़ी आदि विदेशी भाषाओं से हिन्दी में आए हैं।
‘किशमिश’ फ़ारसी से आया विदेशज शब्द है - ‘नंदिनी को किशमिश बहुत पसंद है।’
‘आम’, ‘खीर’ और ‘सत्तू’ संस्कृत से विकसित तद्भव शब्द हैं, विदेशज नहीं; इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा का प्रश्न हिन्दी भाषा-भाषियों के लिए एक __(76)__ भरा प्रश्न है। हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की बात करना अव्यावहारिक और तर्कहीन है। और इस भ्रांति के कारण कि हिन्दी __(77)__ है और वह सहज प्रयोग से दूर है, हिन्दुस्तानी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने लिखा है कि ‘हिन्दी व उर्दू के मिश्रण से एक खिचड़ी भाषा विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है और यह कहा जाता है कि इसमें संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई __(78)__ नहीं किया जाएगा। साधारण अर्थ में हिन्दुस्तानी उत्तर के __(79)__ लोगों के दैनिक व्यवहार की बोली है। जो इसके लिए राष्ट्रभाषा का दावा करते हैं उनके लिए यह भाषा नहीं है, यह एक वृत्ति है, शैली का एक मिश्र रूप। सर्वसाधारण द्वारा __(80)__ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्दों के प्रयोग के बदले हिन्दी के शब्दकोश को फारसी द्वारा प्रभावित करने का प्रयत्न इससे स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।’
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.आसानी
B.चुनौती
C.कठिनता
D.सहजता
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के तुरंत बाद ‘भरा प्रश्न’ आया है, अतः वहाँ ऐसी भाववाचक संज्ञा चाहिए जो ‘भरा’ के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ सके।
पूरा गद्यांश राष्ट्रभाषा के प्रश्न पर उठे विवाद और उसकी कठिनाइयों की चर्चा करता है, अतः ‘चुनौती भरा प्रश्न’ ही उपयुक्त है।
‘आसानी’ और ‘सहजता’ प्रसंग के विपरीत अर्थ देते हैं तथा ‘कठिनता भरा’ हिन्दी में प्रचलित प्रयोग नहीं; इसलिए सही विकल्प (b) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा का प्रश्न हिन्दी भाषा-भाषियों के लिए एक __(76)__ भरा प्रश्न है। हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की बात करना अव्यावहारिक और तर्कहीन है। और इस भ्रांति के कारण कि हिन्दी __(77)__ है और वह सहज प्रयोग से दूर है, हिन्दुस्तानी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने लिखा है कि ‘हिन्दी व उर्दू के मिश्रण से एक खिचड़ी भाषा विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है और यह कहा जाता है कि इसमें संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई __(78)__ नहीं किया जाएगा। साधारण अर्थ में हिन्दुस्तानी उत्तर के __(79)__ लोगों के दैनिक व्यवहार की बोली है। जो इसके लिए राष्ट्रभाषा का दावा करते हैं उनके लिए यह भाषा नहीं है, यह एक वृत्ति है, शैली का एक मिश्र रूप। सर्वसाधारण द्वारा __(80)__ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्दों के प्रयोग के बदले हिन्दी के शब्दकोश को फारसी द्वारा प्रभावित करने का प्रयत्न इससे स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।’
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.विशिष्ट
B.उर्दू-मिश्रित
C.तत्सम प्रधान
D.संस्कृतनिष्ठ
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
वाक्य में ‘इस भ्रांति के कारण’ कहा गया है और रिक्त स्थान के बाद जुड़ा है - ‘और वह सहज प्रयोग से दूर है’।
जो भाषा संस्कृत के तत्सम शब्दों से लदी हो, वही आम बोलचाल से दूर मानी जाती है; भाषा-विमर्श में इसी के लिए पारिभाषिक शब्द ‘संस्कृतनिष्ठ’ चलता है।
‘उर्दू-मिश्रित’ तो हिन्दुस्तानी का स्वरूप है, इसलिए वह हिन्दी के लिए नहीं आएगा; ‘विशिष्ट’ बहुत अस्पष्ट है और ‘तत्सम प्रधान’ अर्थ में निकट होते हुए भी इस प्रसंग की प्रचलित शब्दावली नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा का प्रश्न हिन्दी भाषा-भाषियों के लिए एक __(76)__ भरा प्रश्न है। हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की बात करना अव्यावहारिक और तर्कहीन है। और इस भ्रांति के कारण कि हिन्दी __(77)__ है और वह सहज प्रयोग से दूर है, हिन्दुस्तानी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने लिखा है कि ‘हिन्दी व उर्दू के मिश्रण से एक खिचड़ी भाषा विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है और यह कहा जाता है कि इसमें संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई __(78)__ नहीं किया जाएगा। साधारण अर्थ में हिन्दुस्तानी उत्तर के __(79)__ लोगों के दैनिक व्यवहार की बोली है। जो इसके लिए राष्ट्रभाषा का दावा करते हैं उनके लिए यह भाषा नहीं है, यह एक वृत्ति है, शैली का एक मिश्र रूप। सर्वसाधारण द्वारा __(80)__ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्दों के प्रयोग के बदले हिन्दी के शब्दकोश को फारसी द्वारा प्रभावित करने का प्रयत्न इससे स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।’
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.आघात
B.शुरुआत
C.विभाजन
D.पक्षपात
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
वाक्य कहता है कि खिचड़ी भाषा में ‘संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई ____ नहीं किया जाएगा’, अर्थात किसी एक पक्ष की ओर झुकाव नहीं रखा जाएगा।
‘पक्षपात’ का अर्थ ही है किसी एक पक्ष का समर्थन, और ‘पक्षपात करना’ क्रिया-रूप ‘नहीं किया जाएगा’ के साथ ठीक बैठता है।
‘आघात’, ‘शुरुआत’ और ‘विभाजन’ न तो ‘के लिए’ के साथ जुड़ते हैं और न ही निष्पक्षता के इस प्रसंग के अनुकूल हैं; इसलिए सही विकल्प (d) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा का प्रश्न हिन्दी भाषा-भाषियों के लिए एक __(76)__ भरा प्रश्न है। हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की बात करना अव्यावहारिक और तर्कहीन है। और इस भ्रांति के कारण कि हिन्दी __(77)__ है और वह सहज प्रयोग से दूर है, हिन्दुस्तानी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने लिखा है कि ‘हिन्दी व उर्दू के मिश्रण से एक खिचड़ी भाषा विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है और यह कहा जाता है कि इसमें संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई __(78)__ नहीं किया जाएगा। साधारण अर्थ में हिन्दुस्तानी उत्तर के __(79)__ लोगों के दैनिक व्यवहार की बोली है। जो इसके लिए राष्ट्रभाषा का दावा करते हैं उनके लिए यह भाषा नहीं है, यह एक वृत्ति है, शैली का एक मिश्र रूप। सर्वसाधारण द्वारा __(80)__ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्दों के प्रयोग के बदले हिन्दी के शब्दकोश को फारसी द्वारा प्रभावित करने का प्रयत्न इससे स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।’
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सभ्य
B.शिक्षित
C.असभ्य
D.अशिक्षित
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
लेखक हिन्दुस्तानी को भाषा नहीं, केवल ‘दैनिक व्यवहार की बोली’ और ‘शैली का एक मिश्र रूप’ कहकर उसका दर्जा घटा रहा है।
इस तर्क को पूरा करने के लिए रिक्त स्थान में ऐसा विशेषण चाहिए जो बताए कि यह बोली परिष्कृत, पढ़े-लिखे वर्ग की भाषा नहीं है - अर्थात ‘उत्तर के अशिक्षित लोगों’ की।
‘सभ्य’ और ‘शिक्षित’ लेखक के तर्क को ही उलट देते, तथा ‘असभ्य’ का सम्बन्ध आचरण से है, भाषा-शिक्षा से नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा का प्रश्न हिन्दी भाषा-भाषियों के लिए एक __(76)__ भरा प्रश्न है। हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की बात करना अव्यावहारिक और तर्कहीन है। और इस भ्रांति के कारण कि हिन्दी __(77)__ है और वह सहज प्रयोग से दूर है, हिन्दुस्तानी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने लिखा है कि ‘हिन्दी व उर्दू के मिश्रण से एक खिचड़ी भाषा विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है और यह कहा जाता है कि इसमें संस्कृत या फारसी-अरबी के लिए कोई __(78)__ नहीं किया जाएगा। साधारण अर्थ में हिन्दुस्तानी उत्तर के __(79)__ लोगों के दैनिक व्यवहार की बोली है। जो इसके लिए राष्ट्रभाषा का दावा करते हैं उनके लिए यह भाषा नहीं है, यह एक वृत्ति है, शैली का एक मिश्र रूप। सर्वसाधारण द्वारा __(80)__ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्दों के प्रयोग के बदले हिन्दी के शब्दकोश को फारसी द्वारा प्रभावित करने का प्रयत्न इससे स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।’
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कठिनाई
B.प्रयास
C.सरलता
D.मुश्किल
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान ‘सर्वसाधारण द्वारा ____ से समझे जाने वाले हिन्दी शब्द’ में करण-रूप में आया है, अतः वहाँ समझने के ढंग का बोध कराने वाला शब्द चाहिए।
आम जनता जिन शब्दों को बिना कठिनाई के समझ ले, वे ‘सरलता से समझे जाने वाले’ शब्द कहलाएँगे - और लेखक की शिकायत यही है कि इनके स्थान पर फारसी शब्द थोपे जा रहे हैं।
‘कठिनाई’ और ‘मुश्किल’ अर्थ को उलट देते हैं तथा ‘प्रयास से समझे जाने वाले’ भी लेखक के आशय के विरुद्ध है; इसलिए सही विकल्प (c) है।
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