SSC GD Constable 11 February 2025 · Shift 1 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 80 of 210
11 February 2025 · Shift 1
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द पुल्लिंग नहीं है?
A.योजना
B.वचन
C.आवास
D.समाज
Solution
संज्ञा का लिंग-निर्णय
प्रश्न पूछ रहा है कि कौन-सा शब्द पुल्लिंग नहीं है, अर्थात् चारों में से स्त्रीलिंग शब्द छाँटना है।
‘योजना’ स्त्रीलिंग संज्ञा है - ‘नई योजना बनाई गई’, ‘यह योजना सफल रही’; ‘-ना’ प्रत्ययांत संस्कृत भाववाचक संज्ञाएँ (योजना, कल्पना, वेदना, प्रार्थना) प्रायः स्त्रीलिंग होती हैं।
‘वचन’, ‘आवास’ और ‘समाज’ तीनों पुल्लिंग हैं - ‘वचन दिया गया’, ‘आवास बना’, ‘समाज बदला’।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
82
मुहावरे और उसके अर्थ के लिए सही विकल्प चुनें। अंग-अंग ढीला होना
A.थककर सो जाना
B.बिल्कुल नहीं थकना
C.थक जाना
D.अंग टूटना
Solution
मुहावरे का अर्थ
‘अंग-अंग ढीला होना’ मुहावरे का अर्थ है - अत्यधिक थक जाना, शरीर में शक्ति शेष न रहना।
प्रयोग: ‘दिन भर खेत में काम करके किसान का अंग-अंग ढीला हो गया।’
‘थककर सो जाना’ में नींद का भाव जुड़ जाता है, ‘अंग टूटना’ शाब्दिक अर्थ मात्र है और ‘बिल्कुल नहीं थकना’ ठीक उल्टा अर्थ देता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
83
निम्नलिखित में से किस वाक्य में एक-दूसरे के उचित विलोम शब्द का प्रयोग नहीं है?
A.ऊर्जित और अनुत्साही एक-दूसरे के विलोम हैं।
B.योगी और भोगी एक-दूसरे के विलोम हैं।
C.ऐच्छिक और वैकल्पिक एक-दूसरे के विलोम हैं।
D.उत्कर्ष और अपकर्ष एक-दूसरे के विलोम हैं।
Solution
विलोम शब्द-युग्म
उत्तर वही विकल्प होगा जिसमें दोनों शब्द परस्पर विलोम न होकर पर्यायवाची हों।
‘ऐच्छिक’ और ‘वैकल्पिक’ दोनों का अर्थ एक ही है - इच्छा या विकल्प पर निर्भर, अनिवार्य नहीं; अतः ये पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं।
शेष तीनों युग्म शुद्ध विलोम हैं - ऊर्जित × अनुत्साही, योगी × भोगी, उत्कर्ष × अपकर्ष।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
84
वाक्य के रेखांकित शब्द को नीचे दिए गए शब्दों में से सर्वाधिक उपयुक्त शब्द से परिवर्तित करें- अधिक खा लेने के चलते मेरा हाल आज बुरा है।
A.संग
B.वास्ते
C.कारण
D.बदले
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
रेखांकित ‘चलते’ यहाँ ‘के चलते’ के रूप में कारण बताने के लिए आया है, जो शिथिल और अमानक प्रयोग है।
कारण बताने वाला शुद्ध तथा सर्वाधिक उपयुक्त शब्द ‘कारण’ है - ‘अधिक खा लेने के कारण मेरा हाल आज बुरा है।’
‘संग’ का अर्थ साथ, ‘वास्ते’ का अर्थ के लिए और ‘बदले’ का अर्थ एवज में है - इनमें से कोई कारण का भाव नहीं देता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
हम स्वतंत्र भारत में रहते हैं। रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.पराधीन
B.अधीन
C.गुलाम
D.श्रेष्ठ
Solution
विलोम शब्द
‘स्वतंत्र’ का अर्थ है - अपने तंत्र से चलने वाला, किसी के अधीन नहीं।
इसका शास्त्रीय विलोम ‘पराधीन’ है, जिसका अर्थ है - दूसरे के अधीन (पर + अधीन); इसी अर्थ में ‘परतंत्र’ भी आता है।
‘अधीन’ और ‘गुलाम’ भाव में निकट अवश्य हैं, पर ‘स्वतंत्र’ का मानक विलोम-युग्म ‘स्वतंत्र × पराधीन’ ही है, और ‘श्रेष्ठ’ का तो इससे कोई संबंध ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
निम्नलिखित वाक्य में वर्तनी संबंधी त्रुटि की पहचान करें। चौपाल पर पिताजी गाँव के बढ़े-बूढ़ों के साथ हुक्का पीते हैं।
A.हुक्का
B.बढ़े-बूढ़ों
C.चौपाल
D.पिताजी
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य में ‘बढ़े-बूढ़ों’ लिखा है, जो अशुद्ध वर्तनी है।
शुद्ध शब्द ‘बड़े-बूढ़ों’ है - यह ‘बड़ा’ (आयु में बड़ा) से बना है, जबकि ‘बढ़े’ ‘बढ़ना’ से बनता है, जिसका अर्थ आगे बढ़ना है; यहाँ आयु में बड़े वृद्धजनों की बात है।
‘चौपाल’, ‘पिताजी’ और ‘हुक्का’ तीनों शब्दों की वर्तनी शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
87
वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के किस अंश में त्रुटि है? अनिष्ठ की आशंका से नीमा का कलेजा काँप उठा।
A.नीमा का कलेजा
B.अनिष्ठ की
C.काँप उठा
D.आशंका से
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य के ‘अनिष्ठ की’ अंश में वर्तनी की अशुद्धि है।
शुद्ध वर्तनी ‘अनिष्ट’ है - ‘इष्ट’ (शुभ, अभीष्ट) में निषेधवाचक ‘अन्’ उपसर्ग लगने से ‘अनिष्ट’ अर्थात् अशुभ बनता है; इसमें ‘ट’ आता है, ‘ठ’ नहीं।
‘आशंका से’, ‘नीमा का कलेजा’ और ‘काँप उठा’ तीनों अंश शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
88
निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द का चुनाव करें- जो बूढ़ा न हो
A.युवा
B.अजर
C.अमर
D.हृष्ट
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘अ’ उपसर्ग निषेध का भाव देता है और ‘जर’ का अर्थ है बुढ़ापा; अतः ‘अजर’ = जिसे कभी बुढ़ापा न आए।
‘अमर’ का अर्थ है जो मरे नहीं, ‘युवा’ का अर्थ है तरुण और ‘हृष्ट’ का अर्थ है प्रसन्न या पुष्ट - ये दिए गए वाक्यांश का ठीक अर्थ नहीं देते।
प्रसिद्ध युग्म ‘अजर-अमर’ से यही भेद स्पष्ट होता है - पहला बुढ़ापे का निषेध, दूसरा मृत्यु का।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
89
रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित विकल्प चुनिए- गुलाब का कोई भी नाम रख दो गंध ही देगा।
A.सुगंध
B.काँटे
C.दुर्गंध
D.चुभन
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
वाक्य का भाव है कि नाम बदल देने से गुलाब का गुण नहीं बदलता - वह अपनी महक ही देगा।
‘गंध’ शब्द उदासीन है और अकेले प्रयोग में बुरी बास का भी बोध करा देता है, इसलिए गुलाब के संदर्भ में ‘सुगंध’ ही सर्वोचित है।
‘दुर्गंध’ भाव के सर्वथा विपरीत है, तथा ‘काँटे’ और ‘चुभन’ ‘देगा’ के साथ अभीष्ट अर्थ नहीं बनाते।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
90
वह बच्चा सामने जा रहा है जिसने तुम्हारी किताब फाड़ दी थी। वाक्य में निहित विशेषण है-
A.संकेतवाचक सार्वनामिक
B.प्रश्नवाचक सार्वनामिक
C.अनिश्चयवाचक सार्वनामिक
D.संबंधवाचक सार्वनामिक
Solution
सार्वनामिक विशेषण
वाक्य में ‘जिसने तुम्हारी किताब फाड़ दी थी’ खंड ‘बच्चा’ संज्ञा की विशेषता बता रहा है और ‘जिसने’ उसे मुख्य वाक्य से जोड़ रहा है।
जो सर्वनाम इस प्रकार संज्ञा की विशेषता बताते हुए दो उपवाक्यों में संबंध स्थापित करे, वह संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण कहलाता है - जो, जिसने, जिसका, जैसा।
आरंभ का ‘वह’ इसी ‘जिसने’ का नित्यसंबंधी रूप है, अर्थात् पूरा वाक्य ‘जो… वह’ की संबंधवाचक रचना पर टिका है; प्रश्नवाचक (कौन-सा) और अनिश्चयवाचक (कोई, कुछ) विशेषण यहाँ हैं ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
‘निर्झर एवं प्रपात’ पर्याय हैं-
A.सरोवर के
B.झील के
C.झरने के
D.नदी के
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘निर्झर’ का अर्थ है पहाड़ से झर-झर बहता जल और ‘प्रपात’ का अर्थ है ऊँचाई से गिरती जलधारा।
दोनों ‘झरना’ के पर्यायवाची हैं; इसी क्रम में ‘उत्स’ और ‘जलप्रपात’ भी आते हैं।
‘सरोवर’ और ‘झील’ ठहरे हुए जल के लिए प्रयुक्त होते हैं, तथा ‘नदी’ के पर्याय सरिता, तटिनी और तरंगिणी हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
92
‘मैं कभी किसी ____ पर नहीं गयी।’ उचित सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म से वाक्य पूर्ण करें-
A.नदी-नाले
B.जमीन-वमीन
C.पहाड़-वहाड़
D.घर-बार
Solution
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म वह होता है जिसका पहला शब्द अर्थवान हो और दूसरा उसी ध्वनि पर गढ़ा हुआ निरर्थक शब्द हो।
‘पहाड़-वहाड़’ में ‘पहाड़’ सार्थक है और ‘वहाड़’ निरर्थक, अतः यह युग्म कसौटी पर खरा उतरता है।
‘जमीन-वमीन’ भी इसी कोटि का है, किंतु वाक्य देखिए - ‘मैं कभी किसी ____ पर नहीं गयी’; ‘पर जाना’ का प्रयोग ऊँचे स्थान के साथ होता है, जमीन के साथ नहीं, इसलिए वाक्य में वही युग्म बैठेगा जो ‘पर’ के साथ चले।
‘नदी-नाले’ और ‘घर-बार’ में दोनों खंड सार्थक हैं, अतः वे इस कोटि में आते ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
93
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए- वह छोड़कर चला भोजन गया।
A.भोजन चला छोड़कर
B.भोजन छोड़कर चला
C.चला भोजन छोड़कर
D.छोड़कर चला
Solution
वाक्य का शुद्ध पदक्रम
दिया गया वाक्य है - ‘वह छोड़कर चला भोजन गया।’ इसमें कर्म ‘भोजन’ क्रिया-पदों के बीच आ जाने से पदक्रम बिगड़ गया है।
हिंदी का सामान्य पदक्रम है - कर्ता + कर्म + पूर्वकालिक क्रिया + मुख्य क्रिया; अतः पहले ‘भोजन’, फिर ‘छोड़कर’, फिर ‘चला’।
इस क्रम से रेखांकित खंड ‘भोजन छोड़कर चला’ बनता है और शुद्ध वाक्य होता है - ‘वह भोजन छोड़कर चला गया।’
इसलिए सही विकल्प (b) है।
94
‘राजा ने भिक्षुक को अपने यहाँ ____ दिया।’ वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति तत्सम शब्द द्वारा कीजिए।
A.आशय
B.आसरा
C.आश्रय
D.आश्रम
Solution
तत्सम शब्द
रिक्त स्थान में ‘शरण या ठिकाना देना’ के अर्थ वाला तत्सम शब्द अपेक्षित है।
‘आश्रय’ संस्कृत का तत्सम शब्द है - ‘राजा ने भिक्षुक को अपने यहाँ आश्रय दिया।’
‘आसरा’ इसी का तद्भव रूप है, इसलिए तत्सम की शर्त पर वह कट जाता है; ‘आश्रम’ का अर्थ साधना-स्थल और ‘आशय’ का अर्थ अभिप्राय है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
95
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चिह्नित शब्द का पर्यायवाची अर्थ लिखें- भैया ने इस बात का खंडन किया कि दहेज लेना-देना हमारी परंपरा है।
A.हास
B.गंभीरता
C.अस्वीकार
D.त्रास
Solution
पर्यायवाची अर्थ
‘खंडन’ का अर्थ है किसी कथन को काट देना, उसे सही न मानना।
वाक्य में भैया ने दहेज को परंपरा मानने की बात को नकारा है, अर्थात् उसे ‘अस्वीकार’ किया - यही ‘खंडन’ का पर्यायवाची अर्थ है।
‘हास’ (हँसी), ‘गंभीरता’ और ‘त्रास’ (भय) का इस भाव से कोई संबंध नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रजातांत्रिक व्यवस्था के संबंध में बहुतवादियों की धारणा है कि यह एक सामाजिक-राजनीतिक __(76)__ है, जिसमें राज्य शक्ति में बहुसंख्यक व्यक्तिगत समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा __(77)__ भाग लेते हैं। इसके अनुसार समुदाय का विभिन्न समुदायों में __(78)__ विभाजन होना चाहिए। एक तरह से इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ के प्रजातांत्रिक विचारों का __(79)__ माना जा सकता है। सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं __(80)__ है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.क्रम
B.व्यवस्था
C.प्रणाली
D.परिणाम
Solution
गद्यांश: उपयुक्त संज्ञा
रिक्त स्थान से पहले ‘सामाजिक-राजनीतिक’ विशेषण है, अतः वहाँ ऐसी संज्ञा चाहिए जो पूरे तंत्र का बोध कराए।
बहुतवादी (Pluralist) दृष्टि प्रजातंत्र को एक सामाजिक-राजनीतिक ‘प्रणाली’ मानती है, जिसमें अनेक समूह सत्ता में भाग लेते हैं।
‘क्रम’ और ‘परिणाम’ यहाँ कोई अर्थ नहीं देते; ‘व्यवस्था’ शब्द वाक्य के आरंभ में ‘प्रजातांत्रिक व्यवस्था’ के रूप में आ ही चुका है, अतः उसे दोहराने पर पुनरुक्ति दोष होगा।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रजातांत्रिक व्यवस्था के संबंध में बहुतवादियों की धारणा है कि यह एक सामाजिक-राजनीतिक __(76)__ है, जिसमें राज्य शक्ति में बहुसंख्यक व्यक्तिगत समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा __(77)__ भाग लेते हैं। इसके अनुसार समुदाय का विभिन्न समुदायों में __(78)__ विभाजन होना चाहिए। एक तरह से इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ के प्रजातांत्रिक विचारों का __(79)__ माना जा सकता है। सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं __(80)__ है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रतिनिधि
B.सदस्य
C.दूत
D.व्यक्ति
Solution
गद्यांश: उपयुक्त शब्द
रिक्त स्थान ‘समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा ____’ की उस सूची को पूरा करता है जिसके सभी सदस्य राज्य-शक्ति में भाग लेते हैं।
बहुतवादी सिद्धांत में इन संगठित समूहों के साथ चुने हुए ‘प्रतिनिधि’ ही सत्ता में भागीदारी करते हैं, अतः यही शब्द सूची के स्तर से मेल खाता है।
‘सदस्य’ और ‘व्यक्ति’ अत्यंत सामान्य शब्द हैं और सत्ता में भागीदारी का विशिष्ट भाव नहीं देते, तथा ‘दूत’ का अर्थ संदेशवाहक है, जो यहाँ असंगत है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रजातांत्रिक व्यवस्था के संबंध में बहुतवादियों की धारणा है कि यह एक सामाजिक-राजनीतिक __(76)__ है, जिसमें राज्य शक्ति में बहुसंख्यक व्यक्तिगत समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा __(77)__ भाग लेते हैं। इसके अनुसार समुदाय का विभिन्न समुदायों में __(78)__ विभाजन होना चाहिए। एक तरह से इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ के प्रजातांत्रिक विचारों का __(79)__ माना जा सकता है। सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं __(80)__ है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.अनुकरण
B.अंतरण
C.वितरण
D.विभाजन
Solution
गद्यांश: उपयुक्त शब्द
रिक्त स्थान के तुरंत बाद ‘विभाजन’ शब्द आया है, अतः विकल्प (d) ‘विभाजन’ रखने पर पुनरुक्ति दोष हो जाएगा।
‘अंतरण’ (एक से दूसरे को सौंपना) और ‘वितरण’ (बाँटना) वस्तु, धन या अधिकार के लिए आते हैं, जबकि यहाँ बड़े समुदाय की संरचना का छोटे समुदायों में दोहराव अपेक्षित है।
इसी दोहराव के लिए ‘अनुकरण’ उपयुक्त है - समुदाय का विभिन्न समुदायों में अनुकरण-विभाजन, अर्थात् वही ढाँचा छोटे स्तर पर भी बने।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रजातांत्रिक व्यवस्था के संबंध में बहुतवादियों की धारणा है कि यह एक सामाजिक-राजनीतिक __(76)__ है, जिसमें राज्य शक्ति में बहुसंख्यक व्यक्तिगत समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा __(77)__ भाग लेते हैं। इसके अनुसार समुदाय का विभिन्न समुदायों में __(78)__ विभाजन होना चाहिए। एक तरह से इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ के प्रजातांत्रिक विचारों का __(79)__ माना जा सकता है। सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं __(80)__ है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.गणना
B.मिश्रण
C.लेखन
D.विभाजन
Solution
गद्यांश: उपयुक्त संज्ञा
वाक्य कह रहा है कि इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ - दो भिन्न प्रजातांत्रिक विचारधाराओं - का क्या माना जा सकता है।
दो विचारधाराओं के मेल के लिए ‘मिश्रण’ शब्द ही उपयुक्त है।
‘गणना’ और ‘लेखन’ यहाँ निरर्थक हैं, तथा ‘विभाजन’ तो मेल के स्थान पर बँटवारे का उल्टा अर्थ दे देगा।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रजातांत्रिक व्यवस्था के संबंध में बहुतवादियों की धारणा है कि यह एक सामाजिक-राजनीतिक __(76)__ है, जिसमें राज्य शक्ति में बहुसंख्यक व्यक्तिगत समुदाय, इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशन तथा __(77)__ भाग लेते हैं। इसके अनुसार समुदाय का विभिन्न समुदायों में __(78)__ विभाजन होना चाहिए। एक तरह से इस सिद्धांत को Classical Pluralist और ‘Elitist’ के प्रजातांत्रिक विचारों का __(79)__ माना जा सकता है। सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं __(80)__ है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.समझता
B.देखता
C.आँकता
D.मानता
Solution
गद्यांश: उपयुक्त क्रिया
वाक्य है - ‘सिद्धांत व्यक्ति की नैतिक योग्यता को नहीं ____ है।’ यहाँ ‘योग्यता को’ कर्म है, अतः मूल्यांकन के अर्थ वाली क्रिया चाहिए।
‘आँकना’ का अर्थ है मूल्य, स्तर या मात्रा का आकलन करना; ‘योग्यता को आँकना’ स्वाभाविक सहप्रयोग है।
‘समझता’, ‘देखता’ और ‘मानता’ क्रियाएँ ‘योग्यता को’ के साथ मूल्यांकन का यह विशिष्ट भाव नहीं देतीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
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