SSC GD Constable 11 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 85 of 210
11 February 2025 · Shift 2
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘छेड़ना’ शब्द का निम्न में से किस वाक्य में सही प्रयोग नहीं हुआ है?
A.उसने ऐसी बात कहकर मेरे दिल को छेड़ दिया।
B.उसने सितार के तार छेड़ दिए।
C.तुमने तो मेरे पुराने घाव छेड़ दिए।
D.दाहिना ने युद्ध छेड़ दिया।
Solution
शब्द-प्रयोग: छेड़ना
‘छेड़ना’ के तीन प्रचलित अर्थ हैं - किसी को तंग करना, किसी वस्तु को हाथ लगाकर उसमें हलचल पैदा करना, तथा किसी प्रसंग या कार्य को आरंभ करना।
इन्हीं अर्थों में ‘सितार के तार छेड़ना’, ‘पुराने घाव छेड़ना’ और ‘युद्ध छेड़ना’ - तीनों प्रयोग शुद्ध हैं।
विकल्प (a) में ‘दिल को छेड़ दिया’ अशुद्ध है; कड़वी बात से मन को कष्ट पहुँचने पर ‘दिल को ठेस पहुँचाई’ अथवा ‘दिल दुखा दिया’ कहा जाता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
82
‘गला छुड़ाना’ मुहावरे का सही अर्थ इनमें से क्या होगा?
A.पीछा करना
B.पीछे भागना
C.पीछा छुड़ाना
D.पीछे पड़ना
Solution
मुहावरा: गला छुड़ाना
‘गला छुड़ाना’ मुहावरे का अर्थ है - किसी झंझट अथवा पीछे पड़े व्यक्ति से किसी तरह पीछा छुड़ाना, छुटकारा पाना।
प्रयोग - ‘वह बहाना बनाकर उस लंबी बहस से गला छुड़ाकर निकल गया।’
‘पीछा करना’ और ‘पीछे पड़ना’ इसके ठीक विपरीत भाव देते हैं, और ‘पीछे भागना’ कोई मुहावरा ही नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
83
रिक्त स्थान की पूर्ति देशज शब्द से करें- उपमा के घर का फर्श बहुत ही... है।
A.मतलब
B.चिकना
C.स्वर्ण
D.उज्ज्वल
Solution
देशज शब्द
देशज वे शब्द हैं जो क्षेत्रीय बोलियों से हिंदी में आ गए हैं और जिनका मूल न संस्कृत में मिलता है न किसी विदेशी भाषा में - जैसे चिकना, खिड़की, लोटा, थैला, पगड़ी।
‘चिकना’ ऐसा ही देशज शब्द है और वाक्य को अर्थ भी देता है - ‘उपमा के घर का फर्श बहुत ही चिकना है।’
‘स्वर्ण’ और ‘उज्ज्वल’ तत्सम (संस्कृत) शब्द हैं तथा ‘मतलब’ अरबी से आया विदेशज शब्द है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
84
निम्नलिखित में से स्त्रीलिंग शब्द की पहचान कीजिए-
A.वृहस्पति
B.झील
C.तारा
D.झरना
Solution
लिंग-पहचान
‘झील’ स्त्रीलिंग संज्ञा है - ‘डल झील बहुत सुंदर है।’
शेष तीनों पुल्लिंग हैं - वृहस्पति (ग्रह तथा देवगुरु का नाम), तारा और झरना।
ध्यान रहे कि ‘तारा’ आकारांत होने पर भी पुल्लिंग ही है - ‘आकाश में एक तारा टूटा।’ आकारांत होने से शब्द स्त्रीलिंग नहीं हो जाता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
85
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है? ललित ने इस रहष्य को अपने भीतर ही रखा।
A.ललित ने
B.रहष्य
C.भीतर
D.रखा
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य के दूसरे खंड ‘रहष्य’ में वर्तनी की अशुद्धि है; शुद्ध रूप ‘रहस्य’ है।
‘रहस्य’ संस्कृत का तत्सम शब्द है जिसमें दंत्य ‘स’ आता है, मूर्धन्य ‘ष’ नहीं।
शुद्ध वाक्य - ललित ने इस रहस्य को अपने भीतर ही रखा।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
86
उपयुक्त विदेशज शब्द युक्त विकल्प से वाक्य पूर्ण करें- ‘____ बेटे को तुरंत बुलाओ।’
A.इस स्त्री के
B.इस सुंदरि के
C.इस महिला के
D.इस औरत के
Solution
विदेशज शब्द
विदेशज वे शब्द हैं जो अरबी, फ़ारसी, तुर्की, पुर्तगाली या अंग्रेज़ी आदि भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
‘औरत’ अरबी भाषा से आया विदेशज शब्द है, अतः रिक्त स्थान में ‘इस औरत के’ आएगा - ‘इस औरत के बेटे को तुरंत बुलाओ।’
‘स्त्री’ और ‘महिला’ तत्सम अर्थात् संस्कृत के शब्द हैं, तथा ‘सुंदरि’ अशुद्ध रूप है (शुद्ध ‘सुंदरी’) और वह भी तत्सम ही है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
‘भगवान शिव ने भस्मासुर को भस्मिभूत कर दिया और देवताओं को अभय प्रदान किया।’ उपरोक्त वाक्य के किस भाग में वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि है?
A.अभय प्रदान किया
B.और देवताओं को
C.भगवान शिव ने भस्मासुर को
D.भस्मिभूत कर दिया
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य के भाग ‘भस्मिभूत कर दिया’ में वर्तनी संबंधी अशुद्धि है।
‘भस्म’ के साथ ‘ईभूत’ जुड़कर यह शब्द बनता है, अतः शुद्ध रूप ‘भस्मीभूत’ है जिसमें दीर्घ ‘ई’ की मात्रा लगती है।
यही नियम ‘एकीभूत’, ‘द्रवीभूत’ और ‘शुद्धीकरण’ जैसे शब्दों में भी लागू होता है।
शुद्ध वाक्य - भगवान शिव ने भस्मासुर को भस्मीभूत कर दिया और देवताओं को अभय प्रदान किया।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
88
निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए। अमावस की रात बड़ी रमणीय होती है।
A.चाँदनी
B.बादलों
C.काली
D.अंधेरी
Solution
पद-संशोधन
वाक्य कहता है कि वह रात ‘रमणीय’ है, और ‘रमणीय’ का अर्थ है सुंदर, मनोहर।
अमावस की रात तो घोर अंधकार वाली होती है, इसलिए ‘रमणीय’ के साथ उसका मेल नहीं बैठता - यहीं दोष है।
रेखांकित पद ‘अमावस’ के स्थान पर ‘चाँदनी’ रखने पर वाक्य सार्थक हो जाता है - ‘चाँदनी की रात बड़ी रमणीय होती है।’
‘काली’ और ‘अंधेरी’ रखने पर वही विरोध ज्यों का त्यों बना रहता है, और ‘बादलों’ से वाक्य ही अशुद्ध हो जाता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
89
दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य खंड को बदलें। किसी भी आदमी को तो भेज दो।
A.किसी आदमी को तो भेज हो।
B.किसी आदमी को ही भेज दो।
C.किसी आदमी को भेज दो।
D.किसी आदमी को तो भेज दो।
Solution
वाक्य-शुद्धि
मूल वाक्य ‘किसी भी आदमी को तो भेज दो।’ में ‘भी’ और ‘तो’ - दो निपात एक साथ आ गए हैं।
दोनों ही बल देने का काम करते हैं, अतः एक ही भाव के लिए दोनों का प्रयोग पुनरुक्ति दोष उत्पन्न करता है।
इन्हें हटाकर ‘किसी आदमी को भेज दो।’ कहने से वाक्य सरल, स्पष्ट और व्याकरण-सम्मत हो जाता है।
विकल्प (a) में ‘भेज हो’ क्रिया-रूप ही अशुद्ध है, तथा (b) और (d) में एक-एक अतिरिक्त निपात अब भी शेष रह जाता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
‘भयभीत’ का विलोम शब्द नीचे दिए विकल्पों में से चुनिए-
A.मलिन
B.निर्बल
C.सबल
D.निर्भीक
Solution
विलोम शब्द
‘भयभीत’ का अर्थ है - डरा हुआ, भय से ग्रस्त।
इसका विलोम वह होगा जो भय से रहित हो, अर्थात् ‘निर्भीक’ (निः + भीक = जिसे भय न हो)।
‘निर्बल’ का विलोम ‘सबल’ है और ‘मलिन’ का विलोम ‘निर्मल’ - ये जोड़े यहाँ केवल ध्यान भटकाने के लिए रखे गए हैं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
तलवार एक ____ का उदाहरण है। उपयुक्त एकार्थी शब्द से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
A.शस्त्र
B.औजार
C.वीरता
D.अस्त्र
Solution
एकार्थी शब्द
एकार्थी शब्द वे हैं जो देखने में समान लगें किंतु जिनका अर्थ निश्चित और परस्पर भिन्न हो; ‘शस्त्र’ और ‘अस्त्र’ ऐसा ही युग्म हैं।
जो हथियार हाथ में पकड़कर चलाया जाए वह ‘शस्त्र’ है - तलवार, कटार, भाला, गदा।
जो हथियार हाथ से फेंककर या छोड़कर चलाया जाए वह ‘अस्त्र’ है - बाण, चक्र, मिसाइल।
तलवार हाथ में पकड़कर ही चलाई जाती है, अतः वह शस्त्र का उदाहरण है; ‘औजार’ काम करने का उपकरण है और ‘वीरता’ एक गुण।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
92
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द रीतिवाचक क्रियाविशेषण है?
A.दोपहर
B.ध्यान से
C.सुबह
D.अंदर
Solution
रीतिवाचक क्रियाविशेषण
जिस क्रियाविशेषण से क्रिया के होने की रीति अथवा ढंग का बोध हो, वह रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहलाता है - जैसे धीरे-धीरे, ध्यान से, अचानक, सहसा, ज़ोर से।
‘ध्यान से’ बताता है कि काम किस प्रकार किया गया, अतः यही रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।
‘दोपहर’ और ‘सुबह’ काम के होने का समय बताते हैं, इसलिए कालवाचक हैं; ‘अंदर’ स्थान बताता है, इसलिए स्थानवाचक है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
93
‘इच्छा’ का पर्याय निम्न में से नहीं है-
A.आकांक्षा
B.ईप्सा
C.लोभ
D.कामना
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘इच्छा’ के पर्यायवाची हैं - आकांक्षा, अभिलाषा, कामना, ईप्सा, चाह, मनोरथ, लालसा, स्पृहा।
अतः दिए गए विकल्पों में आकांक्षा, ईप्सा और कामना - तीनों इसी अर्थ-समूह के शब्द हैं।
‘लोभ’ का अर्थ है लालच, अर्थात् दूसरे की वस्तु पा लेने की अनुचित तृष्णा; यह इच्छा का पर्याय नहीं, बल्कि एक अलग मनोविकार है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द है- वह फूल जो खिला न हो
A.पराग
B.कली
C.फूल केशर
D.फूल
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘वह फूल जो अभी खिला न हो’ - इस पूरे वाक्यांश के लिए एक शब्द ‘कली’ है।
‘पराग’ फूल के भीतर का पीला चूर्ण है और ‘केशर’ उसके सुगंधित तंतु - ये फूल के अंग हैं, अनखिला फूल नहीं।
‘फूल’ तो खिली हुई अवस्था का ही नाम है, इसलिए वह भी अभीष्ट अर्थ नहीं देता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
95
‘बरसात के मौसम में आसमान में अक्सर सात रंग दिखाई देते हैं।’ सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर वाक्य के रेखांकित अंश को बदलें-
A.इंद्रधनुष
B.सप्तवर्ण
C.बदरंग
D.सतरंगी
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
बरसात के मौसम में आकाश में जो सात रंगों वाला धनुषाकार दृश्य दिखाई देता है, उसे ‘इंद्रधनुष’ कहते हैं।
रेखांकित अंश के स्थान पर यही शब्द रखने पर वाक्य बनता है - ‘बरसात के मौसम में आसमान में अक्सर इंद्रधनुष दिखाई देता है।’
‘सतरंगी’ और ‘सप्तवर्ण’ विशेषण हैं, किसी वस्तु का नाम नहीं, और ‘बदरंग’ का अर्थ तो रंग का बिगड़ जाना है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.पास
B.खराब
C.बर्फीली
D.दूर
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान (76)
रिक्त स्थान में ‘हवाएँ’ का विशेषण आना है, और आगे कहा गया है कि ये हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन भर देती हैं।
सिहरन अत्यधिक ठंड से होती है, अतः ‘तेज बर्फीली हवाएँ’ ही संदर्भ के अनुकूल है।
‘पास’ और ‘दूर’ हवा के विशेषण बनते ही नहीं, और ‘खराब’ से ठंडक का वह भाव नहीं निकलता जिसकी अगली पंक्ति माँग करती है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.लिए
B.दिये
C.पर
D.नीचे
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान (77)
‘आतुर’ के पहले प्रयोजन बताने वाला संबंधसूचक ‘के लिए’ आता है - ‘उलट देने के लिए आतुर’।
रिक्त स्थान से ठीक पहले ‘के’ पहले से मौजूद है, इसलिए उसके साथ ‘लिए’ जुड़कर पूरा संबंधसूचक बनेगा।
‘दिये’, ‘पर’ और ‘नीचे’ रखने पर पदबंध निरर्थक हो जाता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.का
B.की
C.को
D.के
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान (78)
रिक्त स्थान में संबंध कारक का परसर्ग आना है - ‘यह मई ___ एक दिन है।’
संबंध कारक का परसर्ग उसके बाद आने वाली संज्ञा के अनुसार चलता है; यहाँ बाद में ‘दिन’ है जो पुल्लिंग एकवचन है, अतः ‘का’ आएगा - ‘मई का एक दिन’।
‘की’ स्त्रीलिंग के साथ आता, ‘के’ बहुवचन या तिर्यक रूप के साथ, और ‘को’ तो कर्म-संप्रदान कारक का परसर्ग है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.जी
B.पर
C.भर
D.के
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान (79)
‘घड़ी भर’ एक रूढ़ प्रयोग है जिसका अर्थ है - बहुत थोड़ी देर, क्षण भर।
गद्यांश में धूप के क्षण भर के लिए उतरकर सहसा छिप जाने की बात है, अतः ‘घड़ी भर के लिए’ ही उपयुक्त है।
‘जी’, ‘पर’ अथवा ‘के’ रखने पर ‘घड़ी ___ के लिए’ पदबंध कोई अर्थ नहीं देता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मेघाच्छादित आकाश। तेज __(76)__ हवाएँ तन, मन और आत्मा तक में सिहरन-सी भरती हुई। रह-रहकर होती हुई बारिश। धीमी और निश्चल गीली हवाएँ छतरी को उलट देने के __(77)__ आतुर। उमसाती हुई दिन की मैली भारत में चौमास और अफाह-ए-पस जैसा समय। किंतु यहाँ लंदन में यह मई __(78)__ एक दिन है। आकाश की अलमारी में मेघों की भारी और गीली चादरें सूख रही हैं जिन्हें हटाकर सूर्य कभी-कभी नीचे झाँकता है और धूप नीचे धरती में ऐसे उतरती है-घड़ी __(79)__ के लिए-जैसे मायावी परी हो और सहसा छुप (अदृश्य) हो जाती है। धूप यहाँ इतनी दुर्लभ और कीमती है जैसे सोना हो। धूप का सोना तो भारत में बरसता है-बदस्तूर। जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता, तब तक भाव की संपदा का अनुभव __(80)__ होता।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.नहीं
B.वहीं
C.तब
D.जब
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान (80)
वाक्य में ‘जब तक … तब तक’ का युग्म है और उसका पहला भाग नकारात्मक है - ‘जब तक अ-भाव का सामना नहीं होता’।
ऐसे युग्म में दूसरा भाग भी नकारात्मक रहता है, तभी कथन पूरा होता है।
भाव यह है कि जब तक किसी वस्तु का अभाव न भोग लें, तब तक उसके होने के मूल्य का अनुभव नहीं होता; अतः रिक्त स्थान में ‘नहीं’ आएगा।
‘वहीं’, ‘तब’ और ‘जब’ रखने पर वाक्य का अर्थ ही उलट या अधूरा रह जाता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
Finished reading? Now test yourself.
The same 20 questions, but with a timer and the answers hidden — 15 minutes.