SSC GD Constable 11 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 90 of 210
11 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और वाक्य में उत्तरवर्ती द्विरुक्त शब्द की पहचान करें। यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो शनै शनै सफलता मिलने लगती है।
A.प्रयास
B.शनै शनै
C.सफलता
D.दिशा
Solution
द्विरुक्त शब्द
द्विरुक्त (पुनरुक्त) शब्द वे होते हैं जिनमें एक ही शब्द दो बार दोहराया जाता है और वह मिलकर एक विशेष अर्थ देता है।
दिए गए वाक्य में ‘शनै शनै’ ही दो बार दोहराया गया शब्द है, जिसका अर्थ है - धीरे-धीरे।
इसका शुद्ध रूप ‘शनैः शनैः’ होता है; शुद्ध वाक्य - यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए तो शनैः शनैः सफलता मिलने लगती है।
‘प्रयास’, ‘सफलता’ और ‘दिशा’ वाक्य में केवल एक-एक बार आए हैं, अतः वे द्विरुक्त नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
82
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। बच्चे मैदान में विद्यालय के खेल रहे हैं।
A.विद्यालय के मैदान में
B.के मैदान विद्यालय में
C.विद्यालय में मैदान के
D.के मैदान में विद्यालय
Solution
शब्द-क्रम शुद्धि
हिंदी में संबंधसूचक पदबंध का क्रम होता है - संज्ञा + परसर्ग + स्थानवाचक संज्ञा + परसर्ग, अर्थात् ‘विद्यालय के मैदान में’।
दिए गए वाक्य में ‘मैदान में विद्यालय के’ लिखकर यह क्रम उलट दिया गया है, जिससे वाक्य अर्थहीन हो जाता है।
शुद्ध वाक्य - बच्चे विद्यालय के मैदान में खेल रहे हैं।
शेष विकल्पों में परसर्ग ‘के’ और ‘में’ गलत संज्ञाओं से जुड़े हैं, अतः वे भी अशुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द की पहचान करें। जिसका कोई आरंभ न हो
A.आगे
B.आदि
C.अनादि
D.पीछे
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘अनादि’ = अन् (नहीं) + आदि (आरंभ), अर्थात् जिसका कोई आरंभ न हो।
‘आदि’ का अर्थ स्वयं ‘आरंभ’ है, जो अभीष्ट अर्थ का ठीक उलटा है; ‘आगे’ और ‘पीछे’ केवल दिशा या क्रम बताने वाले शब्द हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
84
‘वैवाहारिक’ रूप से आपका मंतव्य पूर्णरूपेण उचित है। उपर्युक्त वाक्य में अशुद्ध शब्द है-
A.पूर्णरूपेण
B.उचित
C.मंतव्य
D.वैवाहारिक
Solution
वर्तनी शुद्धि
वाक्य में ‘वैवाहारिक’ शब्द अशुद्ध है।
यह ‘व्यवहार’ से बना विशेषण है, जिसमें ‘व्यव’ का ‘वैवा’ हो जाना वर्तनी-दोष है; शुद्ध रूप ‘व्यावहारिक’ है।
शुद्ध वाक्य - ‘व्यावहारिक’ रूप से आपका मंतव्य पूर्णरूपेण उचित है।
‘पूर्णरूपेण’, ‘उचित’ और ‘मंतव्य’ तीनों की वर्तनी शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
85
निम्न में से ‘अंकुर’ का पर्याय है-
A.कोपल
B.गोंद
C.अंग
D.नमक
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘अंकुर’ का अर्थ है बीज से निकलने वाला नया कोमल प्ररोह।
इसके पर्यायवाची हैं - कोपल (कोंपल), किसलय, नवपल्लव, प्ररोह।
‘गोंद’ वृक्ष से निकलने वाला चिपचिपा द्रव है, ‘अंग’ का अर्थ शरीर का भाग है और ‘नमक’ का तो कोई संबंध ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
निम्न में से किस वाक्य में कारक-चिह्न का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
A.दूधवाला ग्राहकों को दूध दे रहा था।
B.माँ बच्चे को खाना खिला रही थी।
C.अध्यापक शरारती बच्चों को डाँट दे रहे हैं।
D.अध्यापक ने छात्रों को कॉपी को लिखवाया।
Solution
कारक-चिह्न का प्रयोग
प्रेरणार्थक क्रिया में जिससे कार्य कराया जाता है उसके साथ करण कारक का चिह्न ‘से’ लगता है, ‘को’ नहीं।
विकल्प (d) में ‘छात्रों को कॉपी को लिखवाया’ में ‘को’ का दो बार अशुद्ध प्रयोग हुआ है।
शुद्ध वाक्य - अध्यापक ने छात्रों से कॉपी लिखवाई।
शेष तीनों वाक्यों में ‘को’ कर्म कारक के रूप में शुद्ध प्रयुक्त हुआ है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
‘आज सड़क पर एक बड़ा ______।’ उपयुक्त विदेशज शब्द युक्त विकल्प से वाक्य पूर्ण करें-
A.प्याऊ लगा था
B.भालू दिखाई दिया
C.जुलूस निकल रहा था
D.कार्यक्रम था
Solution
विदेशज शब्द
विदेशज वे शब्द हैं जो अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
‘जुलूस’ अरबी-फ़ारसी मूल का विदेशज शब्द है और ‘सड़क पर एक बड़ा जुलूस निकल रहा था’ वाक्य को अर्थ की दृष्टि से भी पूर्ण करता है।
‘प्याऊ’ और ‘भालू’ देशज शब्द हैं तथा ‘कार्यक्रम’ तत्सम शब्द है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
88
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द है- जिसके विषय में जानकारी न हो
A.ज्ञान
B.जानना
C.पता नहीं
D.अज्ञात
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
जिसके विषय में कोई जानकारी न हो, उसे ‘अज्ञात’ कहते हैं - अ (नहीं) + ज्ञात (जाना हुआ)।
‘ज्ञान’ और ‘जानना’ तो जानकारी होने का भाव देते हैं, और ‘पता नहीं’ एक वाक्यांश है, एक शब्द नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
89
कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति अच्छे कर्म करता है, तो वह दीर्घायु होता है। वाक्य में ‘दीर्घायु’ का विपरीतार्थक शब्द है?
A.बहिरंग
B.उदय
C.बहुज्ञ
D.अल्पायु
Solution
विलोम शब्द
‘दीर्घायु’ = दीर्घ (लंबी) + आयु, अर्थात् लंबी आयु वाला।
इसका विलोम ‘अल्पायु’ है, अर्थात् कम आयु वाला।
‘बहिरंग’ का विलोम ‘अंतरंग’, ‘उदय’ का विलोम ‘अस्त’ तथा ‘बहुज्ञ’ का विलोम ‘अल्पज्ञ’ होता है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
90
निम्नलिखित मुहावरे का उचित अर्थ लिखें। अंगूठा दिखाना
A.निशाना लगाना
B.अनपढ़
C.जाहिल
D.इनकार करना
Solution
मुहावरा
‘अंगूठा दिखाना’ मुहावरे का अर्थ है - समय आने पर साफ़ इनकार कर देना या देने से मुकर जाना।
प्रयोग - काम निकल जाने के बाद उसने मुझे अंगूठा दिखा दिया।
‘निशाना लगाना’, ‘अनपढ़’ और ‘जाहिल’ इस मुहावरे के अर्थ से कोई संबंध नहीं रखते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
‘रात्रि’ का पर्याय निम्न में से है-
A.नन्दिनी
B.शिलिमुख
C.विभावरी
D.धरित्री
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘रात्रि’ के पर्यायवाची हैं - निशा, रजनी, यामिनी, रैन, विभावरी, क्षणदा।
अतः दिए गए विकल्पों में ‘विभावरी’ ही रात्रि का पर्याय है।
‘नन्दिनी’ का अर्थ पुत्री/गाय, ‘शिलिमुख’ का अर्थ भ्रमर या बाण तथा ‘धरित्री’ का अर्थ पृथ्वी है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
92
‘जिसे सभी बातों का ज्ञान हो’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
A.विशेषज्ञ
B.विकलदर्शी
C.मर्मज्ञ
D.सर्वज्ञ
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
जिसे सभी बातों का ज्ञान हो, उसे ‘सर्वज्ञ’ कहते हैं - सर्व (सब) + ज्ञ (जानने वाला)।
‘विशेषज्ञ’ किसी एक ही विषय का ज्ञाता होता है और ‘मर्मज्ञ’ किसी विषय के मर्म को जानने वाला।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
93
रिक्त स्थान की पूर्ति विदेशज शब्द से करें- मोहन के जाते ही ______ में कार्यवाही शुरू हो गई।
A.अदालत
B.न्यायालय
C.समाचार
D.सभा
Solution
विदेशज शब्द
प्रश्न में रिक्त स्थान की पूर्ति विदेशज शब्द से करनी है।
‘अदालत’ अरबी मूल का विदेशज शब्द है; शुद्ध वाक्य - मोहन के जाते ही अदालत में कार्यवाही शुरू हो गई।
‘न्यायालय’, ‘समाचार’ और ‘सभा’ तीनों तत्सम (संस्कृत मूल के) शब्द हैं, विदेशज नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
94
इस कार्य के परिणामस्वरूप मुझे ____ लाभ हुआ है। ‘अर्थ’ शब्द का क्या ____ है? उपयुक्त वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त अनेकार्थी शब्द है-
A.मतलब
B.बहुत
C.अधिक
D.अर्थ
Solution
अनेकार्थी शब्द
अनेकार्थी शब्द वह है जो भिन्न-भिन्न प्रसंगों में भिन्न-भिन्न अर्थ देता है।
‘अर्थ’ शब्द पहले वाक्य में ‘धन/लाभ’ के अर्थ में आता है - इस कार्य के परिणामस्वरूप मुझे अर्थ लाभ हुआ है।
दूसरे वाक्य में यही शब्द ‘मतलब’ के अर्थ में आता है - ‘अर्थ’ शब्द का क्या अर्थ है?
‘मतलब’, ‘बहुत’ और ‘अधिक’ में से कोई भी दोनों रिक्त स्थानों पर एक साथ नहीं बैठता।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
95
निम्नलिखित में से किस वाक्य में लिंग की अशुद्धि है?
A.दही रखी है, खा लो।
B.रास्ता बहुत खतरनाक लग रहा है।
C.हवा बह रही है।
D.आज टमाटर और आलू की सब्जी बनी है।
Solution
लिंग-सम्बन्धी अशुद्धि
हिंदी में ‘दही’ पुल्लिंग संज्ञा है, अतः उसके साथ क्रिया भी पुल्लिंग रूप में आनी चाहिए।
विकल्प (a) में ‘दही रखी है’ में स्त्रीलिंग क्रिया लगी है, जो लिंग की अशुद्धि है।
शुद्ध वाक्य - दही रखा है, खा लो।
शेष वाक्यों में ‘रास्ता … लग रहा है’, ‘हवा … बह रही है’ और ‘सब्जी … बनी है’ में लिंग-अन्वय शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
व्यक्तित्व के विकास और इसकी प्रखरता के लिए (76)____ सोच जरूरी है। यह सफलता की भी (77)____ होती है। सकारात्मक सोच को (78)____ का हिस्सा कैसे बनाया जाए, प्रतियोगी छात्रों के लिए यह समझ लेना अत्यंत आवश्यक है। हममें से अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे या तो अपने आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं या भूतकाल के (79)____ में उलझे रहते हैं। अपने वर्तमान से (80)____ रहकर भविष्य और भूत में उलझना बिल्कुल उचित नहीं होता है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.भावात्मक
B.नकारात्मक
C.सकारात्मक
D.तटस्थ
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
गद्यांश व्यक्तित्व के विकास और प्रखरता की बात कर रहा है, जो केवल सकारात्मक दृष्टिकोण से ही संभव है।
आगे की पंक्ति स्वयं ‘सकारात्मक सोच को …’ कहकर इस चयन की पुष्टि कर देती है।
‘नकारात्मक’ और ‘तटस्थ’ सोच विकास में बाधक या निष्क्रिय हैं, तथा ‘भावात्मक’ यहाँ प्रसंग से मेल नहीं खाता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
व्यक्तित्व के विकास और इसकी प्रखरता के लिए (76)____ सोच जरूरी है। यह सफलता की भी (77)____ होती है। सकारात्मक सोच को (78)____ का हिस्सा कैसे बनाया जाए, प्रतियोगी छात्रों के लिए यह समझ लेना अत्यंत आवश्यक है। हममें से अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे या तो अपने आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं या भूतकाल के (79)____ में उलझे रहते हैं। अपने वर्तमान से (80)____ रहकर भविष्य और भूत में उलझना बिल्कुल उचित नहीं होता है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कसौटी
B.कुंजी
C.सामर्थ्य
D.पूँजी
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
‘सफलता की कुंजी’ हिंदी का प्रचलित एवं रूढ़ प्रयोग है, जिसका अर्थ है सफलता पाने का साधन।
वाक्य ‘यह सफलता की भी ______ होती है’ में यही मुहावरेदार प्रयोग अपेक्षित है।
‘कसौटी’ का अर्थ परख का साधन, ‘सामर्थ्य’ का अर्थ शक्ति और ‘पूँजी’ का अर्थ धन है - तीनों यहाँ संदर्भ में नहीं बैठते।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
व्यक्तित्व के विकास और इसकी प्रखरता के लिए (76)____ सोच जरूरी है। यह सफलता की भी (77)____ होती है। सकारात्मक सोच को (78)____ का हिस्सा कैसे बनाया जाए, प्रतियोगी छात्रों के लिए यह समझ लेना अत्यंत आवश्यक है। हममें से अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे या तो अपने आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं या भूतकाल के (79)____ में उलझे रहते हैं। अपने वर्तमान से (80)____ रहकर भविष्य और भूत में उलझना बिल्कुल उचित नहीं होता है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.समाज
B.व्यक्तित्व
C.मानवता
D.महत्वाकांक्षा
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
गद्यांश का आरंभ ही ‘व्यक्तित्व के विकास’ से हुआ है, अतः चर्चा का केंद्रीय विषय व्यक्तित्व ही है।
इसलिए प्रश्न यह है कि सकारात्मक सोच को व्यक्तित्व का हिस्सा कैसे बनाया जाए।
‘समाज’, ‘मानवता’ और ‘महत्वाकांक्षा’ का प्रसंग गद्यांश में कहीं नहीं उठाया गया।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
व्यक्तित्व के विकास और इसकी प्रखरता के लिए (76)____ सोच जरूरी है। यह सफलता की भी (77)____ होती है। सकारात्मक सोच को (78)____ का हिस्सा कैसे बनाया जाए, प्रतियोगी छात्रों के लिए यह समझ लेना अत्यंत आवश्यक है। हममें से अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे या तो अपने आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं या भूतकाल के (79)____ में उलझे रहते हैं। अपने वर्तमान से (80)____ रहकर भविष्य और भूत में उलझना बिल्कुल उचित नहीं होता है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.आवरणों
B.समीकरणों
C.संस्कारों
D.उपलब्धियों
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य में दो स्थितियों की तुलना है - या तो लोग आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं, या भूतकाल में उलझे रहते हैं।
‘भूतकाल के समीकरणों में उलझे रहना’ अर्थात् बीते हुए हिसाब-किताब और संबंधों की गुत्थियों में फँसे रहना - यही प्रसंगानुकूल प्रयोग है।
‘आवरणों’ और ‘संस्कारों’ में उलझने का भाव नहीं बनता, और ‘उपलब्धियों’ सकारात्मक होने के कारण चिंता के प्रसंग से मेल नहीं खातीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
व्यक्तित्व के विकास और इसकी प्रखरता के लिए (76)____ सोच जरूरी है। यह सफलता की भी (77)____ होती है। सकारात्मक सोच को (78)____ का हिस्सा कैसे बनाया जाए, प्रतियोगी छात्रों के लिए यह समझ लेना अत्यंत आवश्यक है। हममें से अधिकांश लोगों की आदत होती है कि वे या तो अपने आने वाले कल को लेकर चिंतित रहते हैं या भूतकाल के (79)____ में उलझे रहते हैं। अपने वर्तमान से (80)____ रहकर भविष्य और भूत में उलझना बिल्कुल उचित नहीं होता है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.विमुख
B.संतुष्ट
C.समृद्ध
D.भयभीत
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
अंतिम वाक्य का भाव है कि वर्तमान की उपेक्षा करके भूत और भविष्य में उलझना उचित नहीं।
‘वर्तमान से विमुख रहना’ का अर्थ है वर्तमान से मुँह मोड़ लेना - यही अभीष्ट भाव है।
‘संतुष्ट’, ‘समृद्ध’ और ‘भयभीत’ रहकर भूत-भविष्य में उलझने की बात वाक्य के तर्क से नहीं जुड़ती।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
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