SSC GD Constable 13 February 2025 · Shift 1 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 110 of 210
13 February 2025 · Shift 1
Hindi
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20 questions
A
81
‘जो विद्यार्थी पास हो गए हों, वे इस कक्षा में बैठ जाएँ।’ ‘पास हो गए हों’ वाक्यांश के स्थान पर उचित शब्द होगा-
A.असफल
B.कामयाब
C.उत्तीर्ण
D.अनुत्तीर्ण
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
प्रश्न में परीक्षा में सफल हो जाने के भाव के लिए एक शब्द माँगा गया है।
‘पास हो गए हों’ अर्थात् परीक्षा में सफल हो चुके हों - इसके लिए मानक हिंदी शब्द ‘उत्तीर्ण’ है।
विकल्प (a) ‘असफल’ तथा (d) ‘अनुत्तीर्ण’ ठीक विपरीत अर्थ देते हैं, अतः वे कट जाते हैं।
(b) ‘कामयाब’ सामान्य बोलचाल का शब्द है, परीक्षा-परिणाम का पारिभाषिक शब्द नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
‘हाथ के कागज उड़ना।’ मुहावरे में रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त शब्द होगा-
A.बाजू
B.कोने
C.तोते
D.कबूतर
Solution
मुहावरा
मुहावरा अपने निश्चित रूप में ही प्रयुक्त होता है; उसका कोई शब्द मनमाने ढंग से नहीं बदला जा सकता।
शुद्ध मुहावरा ‘हाथ के तोते उड़ना’ है, जिसका अर्थ है - अचानक घबरा जाना, होश उड़ जाना।
प्रयोग - प्रश्न-पत्र देखते ही रमेश के हाथ के तोते उड़ गए।
‘बाजू’, ‘कोने’ अथवा ‘कबूतर’ से कोई प्रचलित मुहावरा नहीं बनता।
अतः रेखांकित शब्द के स्थान पर ‘तोते’ आएगा; इसलिए सही विकल्प (c) है।
83
‘संसार में असंख्य शिशुओं का जन्म प्रतीक्षण होता है।’ उपर्युक्त वाक्य में अशुद्ध शब्द है-
A.असंख्य
B.शिशुओं
C.जन्म
D.प्रतीक्षण
Solution
वर्तनी-अशुद्धि
वाक्य का अभीष्ट अर्थ है - संसार में हर क्षण असंख्य शिशुओं का जन्म होता है।
‘हर क्षण’ के लिए शुद्ध शब्द ‘प्रतिक्षण’ है, जो ‘प्रति + क्षण’ से बना अव्ययीभाव समास है और इसमें ‘ति’ ह्रस्व ही रहता है।
वाक्य में लिखा ‘प्रतीक्षण’ दीर्घ ‘ई’ के कारण अशुद्ध है; दीर्घ ‘ई’ वाला रूप ‘प्रतीक्षा’ (राह देखना) से संबंध रखता है, जो यहाँ के अर्थ से मेल नहीं खाता।
‘असंख्य’, ‘शिशुओं’ तथा ‘जन्म’ - तीनों की वर्तनी शुद्ध है, इसलिए वे उत्तर नहीं हो सकते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
84
‘अनाथ’ शब्द का विलोम क्या होगा?
A.नाथ
B.स्वामी
C.दास
D.सनाथ
Solution
विलोम शब्द
‘अनाथ’ का अर्थ है - जिसका कोई नाथ अर्थात् रक्षक या स्वामी न हो।
‘स’ उपसर्ग ‘सहित’ का भाव देता है, अतः ‘स + नाथ = सनाथ’ = जिसका रक्षक हो - यही ‘अनाथ’ का विलोम है।
‘नाथ’, ‘स्वामी’ और ‘दास’ स्वतंत्र शब्द हैं; ये ‘अनाथ’ के साथ विलोम-युग्म नहीं बनाते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
85
मयंक ने भाभी के लिए कंकण खरीदे। इस वाक्य में ‘कंकण’ शब्द का तद्भव रूप प्रयुक्त कर वाक्य पूर्ण कीजिए।
A.मयंक ने भाभी के लिए कंगन खरीदे।
B.मयंक ने भाभी के लिए कंचन खरीदे।
C.मयंक ने भाभी के लिए पायल खरीदे।
D.मयंक ने भाभी के लिए कर्णफूल खरीदे।
Solution
तत्सम-तद्भव शब्द
संस्कृत से ज्यों-का-त्यों लिया गया शब्द तत्सम और उससे बिगड़कर बना प्रचलित रूप तद्भव कहलाता है।
तत्सम ‘कंकण’ का तद्भव रूप ‘कंगन’ है, जिसमें ‘क’ ध्वनि बदलकर ‘ग’ हो गई है।
‘कंचन’ का अर्थ सोना है; ‘पायल’ और ‘कर्णफूल’ क्रमशः पैर तथा कान के भिन्न आभूषण हैं - इनमें से कोई ‘कंकण’ का तद्भव नहीं।
अतः पूर्ण वाक्य होगा - मयंक ने भाभी के लिए कंगन खरीदे।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
‘इच्छा’ शब्द का विलोम क्या होगा?
A.अभिलाषा
B.आराम
C.अनिच्छा
D.लिप्सा
Solution
विलोम शब्द
‘इच्छा’ का अर्थ है चाह; इसके अभाव का बोध ‘अन्’ उपसर्ग जोड़ने से होता है।
‘अन् + इच्छा = अनिच्छा’, अर्थात् चाह का न होना - यही ‘इच्छा’ का विलोम है।
‘अभिलाषा’ तथा ‘लिप्सा’ ‘इच्छा’ के पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं; ‘आराम’ का इस अर्थ से कोई संबंध ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
87
निम्नलिखित वाक्य के शुद्ध रूप का चयन करें- ‘कृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दें।’
A.कृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दें।
B.कृपया हमें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।
C.कृपया हमें उज्जवल भविष्य का आशिर्वाद दें।
D.कृपया हमें उज्जवल भविष्य का आर्शीवाद दें।
Solution
वर्तनी शुद्धि
इस वाक्य में दो शब्दों की वर्तनी परखी गई है - ‘उज्ज्वल’ तथा ‘आशीर्वाद’।
शुद्ध रूप ‘उज्ज्वल’ है (उत् + ज्वल), जिसमें ‘ज्’ के बाद संयुक्त ‘ज्व’ आता है; ‘उज्जवल’ लिखना अशुद्ध है।
इसी प्रकार शुद्ध रूप ‘आशीर्वाद’ है (आशीः + वाद); ‘आशिर्वाद’ तथा ‘आर्शीवाद’ दोनों अशुद्ध हैं।
केवल विकल्प (b) में दोनों शब्द शुद्ध हैं - ‘कृपया हमें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।’
इसलिए सही विकल्प (b) है।
88
‘जिसके हृदय में दया नहीं है’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
A.निर्दय
B.निर्भीक
C.निरंकुश
D.निर्भय
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘निर्’ उपसर्ग ‘रहित’ का अर्थ देता है, अतः ‘निर् + दय (दया) = निर्दय’ = जिसके हृदय में दया न हो।
‘निर्भीक’ तथा ‘निर्भय’ का अर्थ है - जिसे भय न हो; ‘निरंकुश’ का अर्थ है - जिस पर किसी का नियंत्रण न हो।
ये तीनों भय अथवा नियंत्रण से संबंधित हैं, दया से नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
89
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जिसकी उत्पत्ति स्वयं हो
A.परस्वयंभू
B.दुस्स्वयंभू
C.स्वयंभू
D.अस्वयंभू
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘स्वयं’ + ‘भू’ (उत्पन्न होना) से बना ‘स्वयंभू’ का अर्थ है - जिसकी उत्पत्ति स्वयं हुई हो।
ब्रह्मा के लिए यह विशेषण प्रसिद्ध है।
‘परस्वयंभू’, ‘दुस्स्वयंभू’ तथा ‘अस्वयंभू’ हिंदी के प्रचलित शब्द नहीं हैं; ये केवल भ्रम उत्पन्न करने के लिए बनाए गए विकल्प हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए- जिसके हाथ में वीणा हो
A.वीणापाणि
B.पाणिवीणा
C.चक्रपाणि
D.पाणिचक्र
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘पाणि’ का अर्थ है हाथ; ऐसे बहुव्रीहि समास में पहले वह वस्तु आती है जो हाथ में हो।
अतः ‘जिसके हाथ में वीणा हो’ के लिए शब्द ‘वीणापाणि’ बनेगा, जो सरस्वती का प्रसिद्ध विशेषण है।
‘चक्रपाणि’ का अर्थ है जिसके हाथ में चक्र हो, अर्थात् विष्णु - वीणा से इसका संबंध नहीं।
‘पाणिवीणा’ तथा ‘पाणिचक्र’ पदक्रम की दृष्टि से अशुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
91
निम्न में से किस वाक्य में ‘चेतन’ के सही विलोम शब्द का प्रयोग हुआ है?
A.दूध भी सजीव होते हैं।
B.चालक को सदैव जागरूक रहना चाहिए।
C.दुर्घटना के कुछ समय तक करुणा सचेत अवस्था में था।
D.ये सभी जड़ पदार्थ हैं।
Solution
विलोम शब्द का वाक्य-प्रयोग
‘चेतन’ का अर्थ है - चेतना या जीवन से युक्त; इसका विलोम ‘जड़’ है, अर्थात् चेतना से रहित।
विकल्प (d) ‘ये सभी जड़ पदार्थ हैं।’ में ‘जड़’ का प्रयोग ठीक इसी अर्थ में हुआ है।
(a) में प्रयुक्त ‘सजीव’ तो ‘चेतन’ का पर्यायवाची है, विलोम नहीं।
(b) ‘जागरूक’ तथा (c) ‘सचेत’ भी ‘चेतन’ के निकट अर्थ देते हैं, उसके विपरीत नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
रमेश ने गैस के गोदाम पर काम करना शुरू कर दिया है। वाक्य में ‘गैस’ शब्द है।
A.तत्सम
B.तद्भव
C.विदेशी
D.देशज
Solution
शब्द-स्रोत (विदेशी शब्द)
स्रोत के आधार पर शब्द तत्सम, तद्भव, देशज तथा विदेशी (आगत) - इन कोटियों में बाँटे जाते हैं।
‘गैस’ अंग्रेजी का शब्द है, जो ज्यों-का-त्यों हिंदी में आ गया है; अतः यह विदेशी अर्थात् आगत शब्द है।
तत्सम शब्द संस्कृत से अपरिवर्तित रूप में आते हैं, तद्भव संस्कृत से बिगड़कर बनते हैं और देशज शब्द स्थानीय बोलियों में गढ़े जाते हैं - ‘गैस’ इनमें से किसी कोटि में नहीं आता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
93
‘मोहन’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
A.समूहवाचक
B.जातिवाचक
C.व्यक्तिवाचक
D.भाववाचक
Solution
संज्ञा के भेद
किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।
‘मोहन’ किसी एक विशेष व्यक्ति का नाम है, अतः यह व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
जातिवाचक संज्ञा पूरी जाति का बोध कराती है (लड़का, नगर), समूहवाचक समूह का (सेना, कक्षा) और भाववाचक भाव या गुण का (मोह, मिठास)।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
निम्नलिखित विकल्पों में से ‘मरण’ शब्द के लिए किस एक वाक्य में उचित विलोम का प्रयोग हुआ है?
A.उसने अपना जीवन अच्छे से जिया है।
B.किसी पर जरूरत से ज्यादा विश्वास घातक होता है।
C.तुमने किस विषय से स्नातक किया है?
D.उसने सबकी मदद की है।
Solution
विलोम शब्द का वाक्य-प्रयोग
‘मरण’ का अर्थ है मृत्यु; इसका विलोम ‘जीवन’ है।
विकल्प (a) ‘उसने अपना जीवन अच्छे से जिया है।’ में यही विलोम शब्द प्रयुक्त हुआ है।
(b) में आया ‘घातक’ मृत्यु के निकट का अर्थ देता है, उसका विपरीत नहीं।
(c) का ‘स्नातक’ केवल ध्वनि-साम्य के कारण भ्रम उत्पन्न करता है और (d) में कोई विलोम शब्द है ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
95
वह घर ____ बाहर आया। रिक्त स्थान के लिए उचित कारक चिह्न है-
A.से
B.ने
C.में
D.पर
Solution
कारक चिह्न
जिस पद से किसी वस्तु के अलग होने या हटने का भाव प्रकट हो, वहाँ अपादान कारक होता है और उसका चिह्न ‘से’ है।
‘वह घर से बाहर आया।’ में घर से अलग होने का भाव है, अतः रिक्त स्थान में ‘से’ आएगा।
‘ने’ कर्ता कारक का चिह्न है और सकर्मक क्रिया के भूतकाल में ही लगता है।
‘में’ तथा ‘पर’ अधिकरण कारक के चिह्न हैं, जो आधार या स्थिति बताते हैं, अलगाव नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सौंदर्य
B.आकर्षण
C.लागत
D.मोह
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान की पूर्ति
रिक्त स्थान के बाद आई क्रिया ‘खिंचते रहे’ ही संकेत देती है कि यहाँ खिंचाव उत्पन्न करने वाले गुण का नाम चाहिए।
‘आकर्षण’ का अर्थ ही है खींचने वाला गुण, अतः वाक्य बनेगा - ‘प्रकृति के इस आकर्षण से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे।’
‘सौंदर्य’ तथा ‘मोह’ अर्थ की दृष्टि से निकट अवश्य हैं, पर ‘खिंचना’ के साथ स्वाभाविक सहप्रयोग ‘आकर्षण’ का ही है।
‘लागत’ का इस प्रसंग से कोई संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.परिष्कार
B.निर्माण
C.शुद्धिकरण
D.आविष्कार
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान की पूर्ति
वाक्य है - वातावरण ने उनके छंदों और भाषा का ____ करके उनकी कला का ‘भी’ निर्माण किया है।
‘भी’ शब्द बताता है कि ‘निर्माण’ आगे की बात है; अतः रिक्त स्थान में उससे भिन्न कोई क्रिया चाहिए और विकल्प (b) कट जाता है।
छंद तथा भाषा पहले से विद्यमान थे, प्रकृति ने उन्हें माँजा और निखारा - इस भाव के लिए उपयुक्त शब्द ‘परिष्कार’ है।
‘शुद्धिकरण’ केवल अशुद्धि दूर करने तक सीमित है और ‘आविष्कार’ नई खोज का भाव देता है; दोनों प्रसंग से मेल नहीं खाते।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रेरणा
B.इच्छा
C.लालसा
D.आदत
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान की पूर्ति
वाक्य है - ‘कविता करने की ____ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है।’
जो बाहर के किसी स्रोत से मिलती है और भीतर सृजन का भाव जगाती है, वह ‘प्रेरणा’ है; ‘प्रेरणा मिलना’ ही यहाँ का स्वाभाविक सहप्रयोग है।
‘इच्छा’ तथा ‘लालसा’ भीतर से उत्पन्न होती हैं, वे किसी से ‘मिलती’ नहीं।
‘आदत’ अभ्यास से पड़ती है और यहाँ के भाव से मेल नहीं खाती।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सौंदर्य
B.रस
C.दृश्य
D.सृष्टि
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान की पूर्ति
रिक्त स्थान से पहले विशेषण ‘अव्यक्त’ है, अर्थात् जो कहा न जा सके - अतः यहाँ कोई अमूर्त भाव ही आएगा।
प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखने पर कवि के भीतर जो अनकहा भाव जाल बुनता था, वह ‘सौंदर्य’ है।
‘दृश्य’ तथा ‘सृष्टि’ मूर्त एवं दृष्ट हैं, इसलिए ‘अव्यक्त’ के साथ उनका मेल नहीं बैठता।
‘रस’ काव्यशास्त्रीय पद है, जो यहाँ के प्रसंग में नहीं आता।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्रकृति के इस __(76)__ से पंत प्रारम्भ से ही खिंचते रहे। प्रकृति के स्वतंत्र परन्तु संयत, नियंत्रित, नियमित वातावरण ने ही उनके छंदों और भाषा का __(77)__ करके उनकी कला का भी निर्माण किया है। पंत ने स्वयं लिखा है कि ‘कविता करने की __(78)__ मुझे सबसे पहले प्रकृति निरीक्षण से मिली है, जिसका श्रेय मेरी जन्मभूमि कूर्मांचल प्रदेश को है; कवि जीवन से भी पहले, मुझे याद है, मैं घंटों एकान्त में बैठा, प्राकृतिक दृश्यों को एकटक देखा करता था और कोई अज्ञात आकर्षण मेरे भीतर एक अव्यक्त __(79)__ का जाल बुनकर मेरी चेतना को तन्मय कर देता था।’ प्रकृति से नातृत्व का परिचय स्थापित होने के कारण कवि की दृष्टि __(80)__ नहीं गयी और यही कारण है कि प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.असंवेदनशील
B.संवेदनशील
C.संवेदित
D.संविलित
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान की पूर्ति
वाक्य की बनावट देखिए - ‘कवि की दृष्टि ____ नहीं गयी’; ‘नहीं’ के कारण रिक्त स्थान में नकारात्मक अर्थ वाला विशेषण ही आएगा।
आगे कहा गया है कि इसी कारण प्रकृति के साथ पंत की रागात्मकता बढ़ जाती है; रागात्मकता तभी बढ़ेगी जब दृष्टि संवेदना से शून्य न हुई हो।
अतः भाव है - प्रकृति से नातृत्व का संबंध बन जाने के कारण कवि की दृष्टि ‘असंवेदनशील’ नहीं हुई।
‘संवेदनशील’ रखने पर वाक्य का अर्थ उलट जाता है और वह आगे के कथन का ही खंडन करने लगता है।
‘संवेदित’ तथा ‘संविलित’ इस प्रसंग में निरर्थक हैं; इसलिए सही विकल्प (a) है।
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