SSC GD Constable 13 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 120 of 210
13 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्न में से ‘अप्सरा’ का पर्याय नहीं है-
A.देवबाला
B.देवांगना
C.वामा
D.सुरसुंदरी
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘अप्सरा’ का अर्थ है - स्वर्ग/देवलोक की सुंदरी।
विकल्प (a) देवबाला, (b) देवांगना और (d) सुरसुंदरी - तीनों में ‘देव’ अथवा ‘सुर’ अंश जुड़ा है और तीनों का अर्थ ‘देवलोक की स्त्री/सुंदरी’ ही है; अतः ये अप्सरा के पर्याय हैं।
‘वामा’ का अर्थ है - स्त्री, नारी अर्थात् साधारण रूप से कोई भी स्त्री; इसमें देवलोक का भाव नहीं है।
अतः ‘वामा’ अप्सरा का पर्याय नहीं है; इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
‘हमें मुश्किल वक्त में ____ नहीं खोना चाहिए।’ रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए तद्भव शब्द होगा-
A.साहस
B.कार्य
C.धैर्य
D.धीरज
Solution
तत्सम और तद्भव
तद्भव शब्द वे हैं जो संस्कृत के तत्सम शब्दों से रूप बदलकर हिंदी में आए हैं।
साहस, कार्य और धैर्य - तीनों संस्कृत के तत्सम शब्द हैं, जो ज्यों-के-त्यों हिंदी में प्रयुक्त होते हैं।
‘धीरज’ तत्सम ‘धैर्य’ का तद्भव रूप है (धैर्य → धीरज)।
पूर्ण वाक्य - हमें मुश्किल वक्त में धीरज नहीं खोना चाहिए। इसलिए सही विकल्प (d) है।
83
‘एक म्यान में चार तलवार होना।’ मुहावरे में रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त शब्द होगा-
A.तीन
B.पाँच
C.चार
D.दो
Solution
मुहावरा
प्रचलित मुहावरा है - ‘एक म्यान में दो तलवार न समाना’, जिसका अर्थ है एक ही स्थान पर समान अधिकार या समान शक्ति रखने वाले दो व्यक्तियों का एक साथ न रह पाना।
एक म्यान में एक ही तलवार समा सकती है; यह असंभवता ‘दो’ संख्या से ही व्यक्त होती है, इसलिए रेखांकित ‘चार’ के स्थान पर ‘दो’ आएगा।
अतः सही विकल्प (d) है।
84
जिसका आचरण अच्छा न हो, वाक्य हेतु सार्थक शब्द है-
A.परिश्रमी
B.परोपकारी
C.भ्रष्टाचारी
D.दुराचारी
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘दुर्’ उपसर्ग का अर्थ है - बुरा, और ‘आचार’ का अर्थ है - आचरण; अतः दुर् + आचारी = दुराचारी, अर्थात् जिसका आचरण अच्छा न हो।
परिश्रमी = जो मेहनत करता हो; परोपकारी = जो दूसरों का भला करता हो - दोनों विपरीत भाव देते हैं।
‘भ्रष्टाचारी’ का अर्थ है - पद का दुरुपयोग करके रिश्वत आदि लेने वाला; यह आचरण-दोष का एक विशेष रूप है, दिए गए वाक्यांश का सामान्य अर्थ नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
85
‘जमुना’ शब्द में कौन-सी संज्ञा है?
A.व्यक्तिवाचक
B.भाववाचक
C.जातिवाचक
D.समूहवाचक
Solution
संज्ञा के भेद
जो संज्ञा किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान, नदी अथवा वस्तु का नाम बताए, वह व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाती है।
‘जमुना’ किसी भी नदी का नाम नहीं, एक विशेष नदी का नाम है - ‘नदी’ जातिवाचक संज्ञा है, किंतु ‘जमुना’ व्यक्तिवाचक।
भाववाचक संज्ञा भाव या गुण बताती है (सुंदरता, बचपन) और समूहवाचक संज्ञा समूह (सेना, सभा) - यहाँ दोनों लागू नहीं होतीं।
अतः सही विकल्प (a) है।
86
निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द विदेशज नहीं है?
A.हमला
B.बेगम
C.किताब
D.केला
Solution
विदेशज शब्द
विदेशज शब्द वे हैं जो अरबी, फ़ारसी, तुर्की, अंग्रेज़ी आदि विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
हमला - अरबी, किताब - अरबी तथा बेगम - तुर्की मूल का शब्द है; अतः ये तीनों विदेशज हैं।
‘केला’ संस्कृत ‘कदली’ से विकसित तद्भव शब्द है, अर्थात् भारतीय मूल का; यह किसी विदेशी भाषा से नहीं आया।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
निम्नलिखित में से किस वाक्य में लिंग संबंधी अशुद्धि है?
A.तस्वीर में आपका क्या काम करते हैं?
B.प्रधानमंत्री यहाँ रखा है।
C.दिन का समय सोकर नहीं बिताना चाहिए।
D.यह साहित्य पढ़ना बहुत अच्छी है।
Solution
लिंग संबंधी अशुद्धि
लिंग संबंधी अशुद्धि वहाँ होती है जहाँ कर्ता के लिंग के अनुसार विशेषण या क्रिया का रूप न हो।
विकल्प (d) में ‘साहित्य’ तथा क्रियार्थक संज्ञा ‘पढ़ना’ - दोनों पुल्लिंग हैं, किंतु उनका विशेषण ‘अच्छी’ स्त्रीलिंग रूप में प्रयुक्त हुआ है; यही लिंग-दोष है।
शुद्ध वाक्य - यह साहित्य पढ़ना बहुत अच्छा है।
शेष विकल्पों में जो त्रुटियाँ हैं वे पद-क्रम या शब्द-चयन की हैं, लिंग की नहीं।
अतः सही विकल्प (d) है।
88
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है? कारगिल युद्ध में सेना विरता के साथ लड़ी।
A.विरता
B.कारगिल
C.लड़ी
D.युद्ध
Solution
वर्तनी अशुद्धि
वाक्य है - कारगिल युद्ध में सेना विरता के साथ लड़ी।
इसमें ‘विरता’ खंड की वर्तनी अशुद्ध है; मूल शब्द ‘वीर’ में दीर्घ ‘ई’ की मात्रा है, अतः उससे बना भाववाचक रूप ‘वीरता’ होगा, ‘विरता’ नहीं।
‘कारगिल’, ‘युद्ध’ और ‘लड़ी’ - तीनों खंड शुद्ध हैं।
शुद्ध वाक्य - कारगिल युद्ध में सेना वीरता के साथ लड़ी। इसलिए सही विकल्प (a) है।
89
इनमें से किस वाक्य में त्रुटि नहीं है?
A.उसके पास केवल दस रुपये मात्र हैं।
B.इस समय मेरा जीवन बीस वर्ष है।
C.इस समय मेरी अवस्था बीस वर्ष है।
D.माली एक फूलों की माला लाया।
Solution
वाक्य-शुद्धि
विकल्प (a) में ‘केवल’ और ‘मात्र’ एक ही अर्थ के दो शब्द एक साथ आए हैं - यह पुनरुक्ति दोष है।
विकल्प (b) में शब्द-चयन अशुद्ध है; आयु ‘जीवन’ की नहीं, ‘अवस्था’ या ‘आयु’ की बताई जाती है।
विकल्प (d) में विशेषण ‘एक’ का स्थान गलत है; शुद्ध रूप होगा - माली फूलों की एक माला लाया।
विकल्प (c) ‘इस समय मेरी अवस्था बीस वर्ष है।’ में लिंग, वचन, पद-क्रम और शब्द-चयन - सभी शुद्ध हैं।
अतः सही विकल्प (c) है।
90
निम्नलिखित वाक्यांश को एक सार्थक शब्द से प्रतिस्थापित कीजिए- जो सदा से चला आ रहा हो
A.चिरंतन
B.टिकाऊ
C.कालांतर
D.जिगीषा
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
‘चिर’ का अर्थ है - दीर्घ काल तक बना रहने वाला; इसी से बना ‘चिरंतन’, जिसका अर्थ है - जो सदा से चला आ रहा हो, शाश्वत, सनातन।
‘टिकाऊ’ केवल यह बताता है कि वस्तु जल्दी नष्ट नहीं होती; इसमें ‘सदा से चले आने’ का भाव नहीं है।
‘कालांतर’ का अर्थ है - कुछ समय बीतने पर, दूसरा समय; और ‘जिगीषा’ का अर्थ है - जीतने की इच्छा।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
91
‘जो भूमि उपजाऊ हो’-वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन करें-
A.ऊसर
B.उर्वरा
C.सँवरा
D.धूसर
Solution
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
जो भूमि उपजाऊ हो, अर्थात् जिसमें भरपूर फ़सल पैदा हो, उसे ‘उर्वरा’ कहते हैं।
इसका ठीक विलोम ‘ऊसर’ है - वह भूमि जिसमें कुछ न उपजे; ‘धूसर’ का अर्थ मटमैला रंग है और ‘सँवरा’ कोई मानक शब्द नहीं।
अतः सही विकल्प (b) है।
92
रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित विकल्प चुनिए। जब सर्दी लगे तब रजाई ओढ़ लेना।
A.चादर
B.कंबल
C.परदा
D.तौलिया
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
वाक्य है - जब सर्दी लगे तब रजाई ओढ़ लेना। रेखांकित शब्द के स्थान पर वही शब्द आ सकता है जो ओढ़ने योग्य हो और सर्दी से बचाव करता हो।
‘चादर’ पतली होती है और प्रायः बिछाने के काम आती है, ‘परदा’ खिड़की-दरवाज़े पर लगता है तथा ‘तौलिया’ शरीर पोंछने का वस्त्र है - तीनों सर्दी से रक्षा नहीं करते।
‘कंबल’ ऊनी और मोटा होता है, ओढ़ा जाता है और सर्दी से बचाता है; इसलिए यही सर्वोचित प्रतिस्थापन है।
अतः सही विकल्प (b) है।
93
निम्नलिखित वाक्य में चिह्नित शब्द के स्थान पर उचित पर्यायवाची शब्द का चुनाव करें। परिश्रम करके संकटपूर्ति प्राप्त करो।
A.जीत
B.विजय
C.सफलता
D.फतह
Solution
उपयुक्त पर्यायवाची शब्द
वाक्य है - परिश्रम करके संकटपूर्ति प्राप्त करो। चिह्नित शब्द ‘संकटपूर्ति’ यहाँ अर्थ की दृष्टि से असंगत है, क्योंकि परिश्रम से संकट नहीं, अभीष्ट की प्राप्ति होती है।
जीत, विजय और फ़तह - तीनों एक ही अर्थ ‘किसी प्रतिद्वंद्वी को हराना’ के पर्यायवाची हैं; एक-सा अर्थ रखने वाले तीन विकल्पों में से कोई एक उत्तर नहीं हो सकता, और परिश्रम का फल किसी को हराना भी नहीं है।
परिश्रम का फल ‘सफलता’ है, अतः चिह्नित शब्द के स्थान पर यही उपयुक्त है।
शुद्ध वाक्य - परिश्रम करके सफलता प्राप्त करो। इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
‘सजय महीमा से द्वेष करने लगा।’ इस वाक्य में प्रयुक्त ‘द्वेष’ शब्द का विलोम निम्न में से कौन-सा शब्द है?
A.कृपा
B.ईर्ष्या
C.प्रीति
D.विरोध
Solution
विलोम शब्द
‘द्वेष’ का अर्थ है - किसी के प्रति मन में बैर, जलन या शत्रुता का भाव रखना।
इसका विलोम वही शब्द होगा जो मन में स्नेह का भाव व्यक्त करे - ‘प्रीति’, अर्थात् प्रेम।
‘ईर्ष्या’ द्वेष का पर्यायवाची है, विलोम नहीं; ‘विरोध’ भी विपरीत भाव ही प्रकट करता है और ‘कृपा’ का विलोम-युग्म ‘निष्ठुरता’ है।
अतः सही विकल्प (c) है।
95
निम्नलिखित विकल्पों में से ‘कड़ी’ शब्द के लिए किस एक वाक्य में उचित विलोम का प्रयोग हुआ है?
A.अभिषेक तैर सकता है।
B.अंजली नृत्य में कुशल है।
C.नीलिमा का स्वभाव मुलायम है।
D.प्रशासन ने आज बहुत कठोर कदम उठाया है।
Solution
विलोम का वाक्य-प्रयोग
यहाँ ‘कड़ी’ शब्द कठोर/सख़्त के अर्थ में है; इसका विलोम ‘मुलायम’ अर्थात् नरम होगा।
विकल्प (c) - ‘नीलिमा का स्वभाव मुलायम है।’ - में यही विलोम शब्द प्रयुक्त हुआ है।
विकल्प (d) में ‘कठोर’ शब्द आया है, जो ‘कड़ी’ का पर्यायवाची है, विलोम नहीं - यही सबसे भ्रामक विकल्प है।
विकल्प (a) और (b) में ‘कड़ी’ से संबंधित कोई शब्द ही नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
साहित्य और कला मानव-अभिव्यक्तियाँ हैं। इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य __(76)__ है। डॉ. हजारी लाल शर्मा ने लिखा है कि ‘हमारी अनुभूति का सारा अन्तः प्रदेश मूर्त रूप शब्दावली में होता। जितना भाग शब्दार्थ के __(77)__ से शरीरी होता है, उतना __(78)__ बन जाता है किंतु इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की __(79)__ को नहीं पहुँचता, उसके लिए हमारे पास ‘शब्द’ की कमी रह जाती है। यह अन्तः प्रदेश का वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है। इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम __(80)__ है।’
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.श्रमदान
B.योगदान
C.अवदान
D.सलाह
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान पूर्ति
रिक्त स्थान वाला वाक्य है - इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य ____ है।
यहाँ बताया जा रहा है कि साहित्य और कला ने मानव-विकास में जो बहुमूल्य देन दी है; इस अर्थ में प्रचलित एवं सर्वाधिक उपयुक्त शब्द ‘योगदान’ है।
‘श्रमदान’ का अर्थ है नि:शुल्क शारीरिक श्रम देना और ‘सलाह’ परामर्श - दोनों प्रसंग से मेल नहीं खाते।
‘अवदान’ भी देन के अर्थ में आता है, किंतु वह किसी व्यक्ति-विशेष के कृतित्व के लिए प्रयुक्त होने वाला अपेक्षाकृत विरल शब्द है; ‘अमूल्य योगदान’ ही यहाँ की स्वाभाविक सहप्रयुक्ति है।
अतः सही विकल्प (b) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
साहित्य और कला मानव-अभिव्यक्तियाँ हैं। इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य __(76)__ है। डॉ. हजारी लाल शर्मा ने लिखा है कि ‘हमारी अनुभूति का सारा अन्तः प्रदेश मूर्त रूप शब्दावली में होता। जितना भाग शब्दार्थ के __(77)__ से शरीरी होता है, उतना __(78)__ बन जाता है किंतु इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की __(79)__ को नहीं पहुँचता, उसके लिए हमारे पास ‘शब्द’ की कमी रह जाती है। यह अन्तः प्रदेश का वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है। इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम __(80)__ है।’
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.द्वार
B.साधन
C.माध्यम
D.कारण
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान पूर्ति
रिक्त स्थान वाला अंश है - जितना भाग शब्दार्थ के ____ से शरीरी होता है।
वाक्य-रचना ‘के ____ से’ है, और इस रचना में रूढ़ रूप से ‘माध्यम’ ही बैठता है - ‘के माध्यम से’ अर्थात् द्वारा।
गद्यांश की अंतिम पंक्तियों में लेखक ने स्वयं ‘ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से’ लिखा है; वही रचना यहाँ अपेक्षित है।
‘साधन’ के साथ ‘के साधन से’ नहीं कहा जाता, तथा ‘द्वार’ और ‘कारण’ अर्थ की दृष्टि से असंगत हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
साहित्य और कला मानव-अभिव्यक्तियाँ हैं। इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य __(76)__ है। डॉ. हजारी लाल शर्मा ने लिखा है कि ‘हमारी अनुभूति का सारा अन्तः प्रदेश मूर्त रूप शब्दावली में होता। जितना भाग शब्दार्थ के __(77)__ से शरीरी होता है, उतना __(78)__ बन जाता है किंतु इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की __(79)__ को नहीं पहुँचता, उसके लिए हमारे पास ‘शब्द’ की कमी रह जाती है। यह अन्तः प्रदेश का वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है। इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम __(80)__ है।’
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.निषेध
B.साहित्य
C.महत्वपूर्ण
D.संस्करण
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान पूर्ति
गद्यांश का मूल विभाजन यह है - अनुभूति का जो भाग शब्दों में ढल जाता है वह एक रूप लेता है, और जो शब्दों में नहीं समाता वह दूसरा रूप।
रिक्त स्थान वाले अंश में ‘शब्दार्थ के माध्यम से शरीरी होने’, अर्थात् शब्दों में मूर्त रूप ग्रहण करने की बात है; शब्दों में ढली हुई अभिव्यक्ति ‘साहित्य’ कहलाती है।
गद्यांश के आरंभ में ‘साहित्य और कला’ दोनों को मानव-अभिव्यक्ति कहा गया है और अंत में शब्दातीत भाग को ‘कला’ बताया गया है; अतः शब्दगम्य भाग के लिए ‘साहित्य’ ही शेष रहता है।
‘निषेध’, ‘महत्वपूर्ण’ और ‘संस्करण’ - तीनों इस वाक्य-रचना तथा अर्थ, दोनों में असंगत हैं।
अतः सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
साहित्य और कला मानव-अभिव्यक्तियाँ हैं। इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य __(76)__ है। डॉ. हजारी लाल शर्मा ने लिखा है कि ‘हमारी अनुभूति का सारा अन्तः प्रदेश मूर्त रूप शब्दावली में होता। जितना भाग शब्दार्थ के __(77)__ से शरीरी होता है, उतना __(78)__ बन जाता है किंतु इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की __(79)__ को नहीं पहुँचता, उसके लिए हमारे पास ‘शब्द’ की कमी रह जाती है। यह अन्तः प्रदेश का वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है। इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम __(80)__ है।’
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.स्थिरता
B.महत्ता
C.सहायता
D.स्पष्टता
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान पूर्ति
अंश है - इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की ____ को नहीं पहुँचता।
आगे लेखक कहते हैं - ‘उसके लिए हमारे पास शब्द की कमी रह जाती है’; अर्थात् वह भाग अनुभव तो होता है, किंतु शब्दों में साफ़-साफ़ खुल नहीं पाता।
इसी भाव को व्यक्त करने वाला शब्द ‘स्पष्टता’ है - अर्थ का पूर्णतः प्रकट हो जाना।
‘स्थिरता’, ‘महत्ता’ और ‘सहायता’ इस भाव को नहीं देतीं; यहाँ बात ठहराव, महत्त्व या मदद की नहीं, शब्दों की कमी के कारण अर्थ के अस्पष्ट रह जाने की है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
साहित्य और कला मानव-अभिव्यक्तियाँ हैं। इनका मानव-विकास के इतिहास में अमूल्य __(76)__ है। डॉ. हजारी लाल शर्मा ने लिखा है कि ‘हमारी अनुभूति का सारा अन्तः प्रदेश मूर्त रूप शब्दावली में होता। जितना भाग शब्दार्थ के __(77)__ से शरीरी होता है, उतना __(78)__ बन जाता है किंतु इसका एक बड़ा भाग अनुभूतिगम्य होते हुए भी ‘अर्थ’ (Meaning) की __(79)__ को नहीं पहुँचता, उसके लिए हमारे पास ‘शब्द’ की कमी रह जाती है। यह अन्तः प्रदेश का वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है। इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम __(80)__ है।’
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कला
B.दर्शन
C.कविता
D.विज्ञान
Solution
गद्यांश - रिक्त स्थान पूर्ति
अंतिम पंक्तियाँ कहती हैं - यह वह भाग है जो ध्वनि, गति, रंग, रेखा आदि के माध्यम से व्यक्त होता है; इन्हीं अभिव्यक्तियों का नाम ____ है।
ध्वनि से संगीत, गति से नृत्य तथा रंग और रेखा से चित्रकला बनती है; इन सबका सामूहिक नाम ‘कला’ है।
गद्यांश की पहली ही पंक्ति में ‘साहित्य और कला’ को साथ रखा गया है - शब्द से बनने वाली अभिव्यक्ति साहित्य, और शब्दातीत माध्यमों से बनने वाली अभिव्यक्ति कला।
‘दर्शन’ चिंतन-पद्धति है, ‘कविता’ स्वयं साहित्य का ही एक रूप है और ‘विज्ञान’ यहाँ प्रसंग से बाहर है।
अतः सही विकल्प (a) है।
Finished reading? Now test yourself.
The same 20 questions, but with a timer and the answers hidden — 15 minutes.