SSC GD Constable 17 February 2025 · Shift 1 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 125 of 210
17 February 2025 · Shift 1
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्नलिखित में से ‘उल्लास’ का विलोम शब्द है-
A.विषाद
B.प्रसन्नता
C.हर्ष
D.आनंद
Solution
विलोम शब्द
‘उल्लास’ का अर्थ है - मन का उमंग भरा हर्ष, अत्यधिक प्रसन्नता।
इसके ठीक विपरीत भाव ‘विषाद’ है, जिसका अर्थ है खिन्नता, दुःख या मन का उदास हो जाना।
‘प्रसन्नता’, ‘हर्ष’ और ‘आनंद’ तीनों ‘उल्लास’ के पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
82
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और क्रिया संबंधी त्रुटि की पहचान कर शुद्ध वाक्य का चयन करें।
वह क्रिकेट खेलते हैं।
A.वह क्रिकेट खेलता है।
B.वह क्रिकेट खेलते हैं।
C.वह वहीं क्रिकेट खेलते हैं।
D.वह क्रिकेट खेलता हैं।
Solution
कर्ता-क्रिया अन्विति
नियम: हिंदी में क्रिया अपने कर्ता के वचन, पुरुष और लिंग के अनुसार चलती है।
दिए गए वाक्य का कर्ता ‘वह’ पुल्लिंग एकवचन है, अतः क्रिया भी एकवचन ‘खेलता है’ होगी; ‘खेलते हैं’ बहुवचन क्रिया है, इसलिए वाक्य अशुद्ध है।
शुद्ध वाक्य - वह क्रिकेट खेलता है।
विकल्प (d) में ‘खेलता’ एकवचन और ‘हैं’ बहुवचन है, अतः वह भी अशुद्ध है; (c) में ‘वहीं’ जोड़कर अर्थ बदल दिया गया है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
व्यक्ति को पहले स्वार्थ त्यागना चाहिए। इस वाक्य में ‘स्वार्थ’ शब्द का कौन-सा विलोम होगा?
A.अर्थ
B.निःस्वार्थ
C.परार्थ
D.सामर्थ्य
Solution
विलोम शब्द
‘स्वार्थ’ = स्व + अर्थ, अर्थात् अपना हित; इसका ठीक विपरीत ‘परार्थ’ = पर + अर्थ, अर्थात् दूसरों का हित है।
‘स्वार्थ’ भाववाचक संज्ञा है और ‘परार्थ’ भी उसी कोटि का भाववाचक शब्द है, इसलिए यही उसका सटीक विलोम बनता है।
‘निःस्वार्थ’ स्वार्थ-रहित होने का गुण बताने वाला विशेषण है (विलोम ‘स्वार्थी’ का), ‘अर्थ’ का आशय धन या तात्पर्य है और ‘सामर्थ्य’ का अर्थ शक्ति - तीनों यहाँ विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
84
‘आपने यह इंतजाम कितने ____ के लिए किया है।’ वाक्य के रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त गैर-विशेषण शब्द का चुनाव कीजिए।
A.हाकिमों
B.रिश्तेदारों
C.मेहमानों
D.व्यापारियों
Solution
उपयुक्त शब्द-चयन
वाक्य में ‘कितने’ संख्यावाचक विशेषण है, अतः रिक्त स्थान में उसका विशेष्य, अर्थात् बहुवचन-तिर्यक रूप वाली संज्ञा आएगी।
प्रश्न ‘गैर-विशेषण’ शब्द माँगता है - ऐसा शब्द जो सुनने वाले से संबंध या पद बताकर विशेषण की भाँति काम न करे।
‘हाकिमों’ (पद-सूचक), ‘रिश्तेदारों’ (‘-दार’ प्रत्यय से बना संबंध-सूचक) और ‘मेहमानों’ (आतिथ्य का संबंध बताने वाला, जैसे ‘मेहमान कलाकार’) - ये तीनों व्यक्ति की विशेषता बताते हैं।
‘व्यापारी’ स्वतंत्र जातिवाचक संज्ञा है, अतः वाक्य बनेगा - आपने यह इंतजाम कितने व्यापारियों के लिए किया है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
85
निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए।
यदि उन्हें लकड़ी मिल जाएँ तो वे पोस्टर बनाएँगे।
A.सीमेंट
B.कागज
C.पतंग
D.कलम
Solution
उपयुक्त पद-संशोधन
वाक्य का आशय है - कोई सामग्री मिल जाने पर वे पोस्टर बनाएँगे। पोस्टर लकड़ी पर नहीं, कागज पर बनाया जाता है।
अतः रेखांकित पद ‘लकड़ी’ के स्थान पर ‘कागज’ रखने से वाक्य अर्थ की दृष्टि से शुद्ध हो जाता है - यदि उन्हें कागज मिल जाएँ तो वे पोस्टर बनाएँगे।
‘सीमेंट’ निर्माण-सामग्री है, ‘पतंग’ और ‘कलम’ स्वयं बनी हुई वस्तुएँ हैं - इनमें से किसी पर पोस्टर नहीं बनता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
86
निम्न वाक्य में वर्तनीगत त्रुटि पहचानिए।
लेखिका की यह किताब पुनरीक्षिता हो चुकी है।
A.किताब
B.पुनरीक्षिता
C.लेखिका
D.चुकी है
Solution
वर्तनी अशुद्धि
‘पुनरीक्षिता’ अशुद्ध रूप है; शुद्ध शब्द ‘पुनरीक्षित’ है (पुनः + ईक्षित = जिसका फिर से परीक्षण किया गया हो; भाववाचक रूप ‘पुनरीक्षण’)।
हिंदी में ‘पुनरीक्षित’ जैसे तत्सम कृदंत विशेषण स्त्रीलिंग संज्ञा के साथ भी अपने रूप में ही रहते हैं, उनमें ‘आ’ जोड़कर स्त्रीलिंग नहीं बनाया जाता।
शुद्ध वाक्य - लेखिका की यह किताब पुनरीक्षित हो चुकी है।
‘लेखिका’, ‘किताब’ और ‘चुकी है’ तीनों वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
87
मेरा मित्र बहुत कपटी है। इसमें प्रयुक्त ‘कपटी’ शब्द का विलोम चयन कीजिए।
A.निष्कपट
B.अकपट
C.निर्मल
D.छल
Solution
विलोम शब्द
‘कपटी’ का अर्थ है छल-कपट करने वाला; इसका विलोम वह होगा जो कपट से रहित हो - ‘निष्कपट’ (निः + कपट)।
‘छल’ तो ‘कपट’ का ही पर्यायवाची है, ‘निर्मल’ का अर्थ स्वच्छ/मैलरहित है और ‘अकपट’ हिंदी का मान्य शब्द नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
88
वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर सर्वोचित शब्द का चयन कीजिए।
इस कक्ष का निर्माण रोटरी क्लब की दया से हुआ है।
A.इच्छा
B.आकांक्षा
C.कृपा
D.सुजनता
Solution
सर्वोचित शब्द-चयन
वाक्य में किसी संस्था के सहयोग से कक्ष बनने की बात है। ‘दया’ में ऊपर से तरस खाने का भाव है, जो किसी संस्था के परोपकारी सहयोग के लिए अनुपयुक्त है।
संस्था के इस सज्जनतापूर्ण, परोपकारी भाव के लिए सर्वोचित शब्द ‘सुजनता’ (सज्जनता, भलमनसाहत) है - इस कक्ष का निर्माण रोटरी क्लब की सुजनता से हुआ है।
‘कृपा’ भी ‘दया/मेहरबानी’ के ही भाव का शब्द है, अतः उससे रेखांकित शब्द बदलने का प्रयोजन पूरा नहीं होता; ‘इच्छा’ और ‘आकांक्षा’ केवल चाह बताती हैं, सहयोग नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
89
‘काशी नरेश ने अपनी पुत्रियों के विवाह के लिए सबयंवर का आयोजन किया।’ वाक्य में रेखांकित शब्द की शुद्ध वर्तनी है-
A.स्वयंवर
B.शुभंवर
C.स्वयंबर
D.स्वयम्वर
Solution
शुद्ध वर्तनी
शब्द बना है ‘स्व’ + ‘वर’ से - जिसमें कन्या स्वयं अपना वर चुनती है; उसकी शुद्ध वर्तनी ‘स्वयंवर’ है।
रेखांकित ‘सबयंवर’ में ‘स्व’ के संयुक्त व्यंजन के स्थान पर ‘सब’ लिख दिया गया है, जो अशुद्ध है।
‘स्वयंबर’ में ‘व’ के स्थान पर ‘ब’ है, ‘स्वयम्वर’ में अनुस्वार के स्थान पर ‘म्’ का अशुद्ध प्रयोग है और ‘शुभंवर’ का कोई अर्थ नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
90
निम्नलिखित वाक्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द प्रस्तुत करें।
जो परस्पर एक-दूसरे पर आश्रित हों।
A.अन्योन्याश्रित
B.अन्त्याश्रय
C.आश्रय
D.आश्रित
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘अन्योन्य’ का अर्थ है परस्पर, एक-दूसरे; ‘आश्रित’ का अर्थ है सहारा लेने वाला।
अतः ‘जो परस्पर एक-दूसरे पर आश्रित हों’ के लिए एक शब्द ‘अन्योन्याश्रित’ (अन्योन्य + आश्रित) है।
‘आश्रित’ केवल एकपक्षीय निर्भरता बताता है, ‘आश्रय’ का अर्थ सहारा है और ‘अन्त्याश्रय’ मानक शब्द नहीं - इनमें परस्परता का भाव नहीं आता।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
91
निम्नलिखित में से ‘मुख्य’ का विलोम शब्द है-
A.गौण
B.प्रधान
C.विशिष्ट
D.खास
Solution
विलोम शब्द
‘मुख्य’ का अर्थ है प्रधान, सबसे महत्त्वपूर्ण; इसका विलोम ‘गौण’ है, अर्थात् जो प्रमुख न हो, दूसरे दर्जे का।
‘प्रधान’, ‘विशिष्ट’ और ‘खास’ तीनों ‘मुख्य’ के निकट अर्थ वाले (पर्यायवाची) शब्द हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
92
प्रेरणार्थक क्रिया की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है-
A.रमेश इस किताब को पढ़ सकता है।
B.ठेकेदार मजदूर से ईंटें उठवाता है।
C.वह कल बनारस चला गया।
D.मैं खाना खाता हूँ।
Solution
प्रेरणार्थक क्रिया
प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे से कार्य कराता है; इसमें ‘से’ के साथ प्रेरित कर्ता आता है।
‘ठेकेदार मजदूर से ईंटें उठवाता है।’ - यहाँ ठेकेदार स्वयं ईंटें नहीं उठाता, मजदूर से उठवाता है; ‘उठाना’ से बना ‘उठवाना’ द्वितीय प्रेरणार्थक रूप है।
‘पढ़ सकता है’ संयुक्त क्रिया है, ‘चला गया’ सामान्य भूतकालिक क्रिया है और ‘खाता हूँ’ सामान्य वर्तमानकालिक क्रिया - इनमें प्रेरणा का भाव नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
93
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए-
जो कभी बूढ़ा न हो
A.अगर
B.अमर
C.अजर
D.मगर
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘अ’ उपसर्ग निषेध का अर्थ देता है और ‘जर’ का अर्थ है बुढ़ापा; अतः ‘अजर’ = जिसे कभी बुढ़ापा न आए।
इसलिए ‘जो कभी बूढ़ा न हो’ के लिए सार्थक शब्द ‘अजर’ है।
‘अमर’ का अर्थ है जो कभी न मरे (मृत्यु का निषेध), ‘अगर’ एक सुगंधित काष्ठ तथा ‘मगर’ एक जलजंतु/किंतु के अर्थ में आता है - ये यहाँ उपयुक्त नहीं।
ध्यान रखें, ‘अजर-अमर’ युग्म में ‘अजर’ बुढ़ापे का और ‘अमर’ मृत्यु का निषेध करता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
‘राम बाजार में अलग-थलग खड़ा था।’ वाक्य में प्रयुक्त ‘अलग-थलग’ किस प्रकार के शब्द-युग्म के अंतर्गत आएँगे?
A.सार्थक-निरर्थक
B.सार्थक-सार्थक
C.पर्यायवाची शब्द
D.शब्द विलोम
Solution
शब्द-युग्म के भेद
शब्द-युग्म तीन प्रकार के होते हैं - सार्थक-सार्थक (माता-पिता, दाल-रोटी), सार्थक-निरर्थक (रोटी-वोटी, अलग-थलग) और निरर्थक-निरर्थक (आँय-बाँय)।
‘अलग-थलग’ में पहला खंड ‘अलग’ स्वतंत्र रूप से सार्थक है, किंतु दूसरा खंड ‘थलग’ अकेले प्रयुक्त नहीं होता और उसका कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं है।
अतः यह सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म है; वाक्य में इसका अर्थ है - सबसे कटकर, अकेला।
दोनों खंड सार्थक न होने से (b) गलत है और यह न पर्यायवाची युग्म है, न विलोम युग्म।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
95
‘आग में घी डालना’ मुहावरे का अर्थ है-
A.समझौता कराना
B.बीच-बचाव करना
C.क्रोध बढ़ाना
D.शांत करना
Solution
मुहावरा
जलती आग में घी डालने से लपटें और भड़क उठती हैं; इसी आधार पर मुहावरे का लाक्षणिक अर्थ बना - किसी के क्रोध या झगड़े को और बढ़ा देना।
प्रयोग - दोनों भाई पहले ही उलझे हुए थे, चाचा की बात ने आग में घी डालने का काम किया।
‘समझौता कराना’, ‘बीच-बचाव करना’ और ‘शांत करना’ तो इसके ठीक विपरीत भाव हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहने वालों द्वारा बरती जाए और बद्रीनाथ से रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अछूत नहीं समझा। __(79)__ की नीति तो वह कतई स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार, यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लें, तो भी हिंदी ही रहेगी।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.सार्विक
B.सार्वत्रिक
C.सार्वलौकिक
D.सार्वजनिक
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
रिक्त स्थान ‘व्यापार’ के साथ जुड़कर ऐसे व्यवहार की बात कह रहा है जो सब प्रांतों के लोगों द्वारा बरता जाए, अर्थात् जन-सामान्य का व्यवहार।
‘सार्वजनिक’ का अर्थ ही है - सब जनों से संबंधित; ‘सार्वजनिक व्यवहार’ मानक प्रयोग है।
‘सार्विक’, ‘सार्वत्रिक’ (सब जगह होने वाला) और ‘सार्वलौकिक’ (सब लोकों से संबंधित) यहाँ ‘व्यवहार’ के साथ प्रयुक्त नहीं होते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहने वालों द्वारा बरती जाए और बद्रीनाथ से रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अछूत नहीं समझा। __(79)__ की नीति तो वह कतई स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार, यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लें, तो भी हिंदी ही रहेगी।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.विचार-कम
B.विचार-स्वातंत्र्य
C.विचार-विज्ञ
D.विचार-विनिमय
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
वाक्य में ‘परस्पर बातचीत करने और ____ में काम लाई जाए’ कहा गया है, अतः रिक्त स्थान में भी परस्पर होने वाली क्रिया आनी चाहिए।
विचारों के इसी आदान-प्रदान को ‘विचार-विनिमय’ कहते हैं, जो ‘बातचीत’ के साथ सर्वथा संगत है।
‘विचार-स्वातंत्र्य’ (विचार की स्वतंत्रता) यहाँ प्रसंग से मेल नहीं खाता; ‘विचार-कम’ और ‘विचार-विज्ञ’ मानक शब्द ही नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहने वालों द्वारा बरती जाए और बद्रीनाथ से रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अछूत नहीं समझा। __(79)__ की नीति तो वह कतई स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार, यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लें, तो भी हिंदी ही रहेगी।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.अछोह
B.अछूता
C.अचिति
D.अचूक
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
गद्यांश कहता है कि दूरियाँ मिटने के इस युग में कोई भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से स्वयं को बचाकर नहीं रख सकती।
‘अछूता’ का अर्थ है - जिसे किसी ने छुआ न हो, प्रभाव से बचा हुआ; ‘अपने को अछूता नहीं रख सकती’ इसी भाव को व्यक्त करता है।
आगे आया वाक्य भी इसी की पुष्टि करता है कि हिंदी ने अरबी, फारसी और अंग्रेजी के शब्दों को ‘अछूत’ नहीं समझा।
‘अचूक’ का अर्थ है जो चूके नहीं; ‘अछोह’ और ‘अचिति’ प्रसंग में निरर्थक हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहने वालों द्वारा बरती जाए और बद्रीनाथ से रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अछूत नहीं समझा। __(79)__ की नीति तो वह कतई स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार, यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लें, तो भी हिंदी ही रहेगी।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.बहिश्वर
B.बधियाना
C.बहिष्कार
D.बहिनापा
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
अगला ही अंश स्पष्ट करता है - ‘न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है’; अर्थात् जिस नीति को हिंदी स्वीकार नहीं कर सकती, वह विदेशी शब्दों को बाहर रखने की नीति है।
किसी को बाहर कर देने या त्याग देने की इसी नीति को ‘बहिष्कार’ कहते हैं (बहिः + कार = बाहर करना)।
‘बधियाना’ का अर्थ नपुंसक बनाना है, ‘बहिनापा’ बहनों-जैसा संबंध है और ‘बहिश्वर’ कोई मानक शब्द नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
राष्ट्रभाषा से यह अभिप्राय है कि वह अंतरप्रांतीय व्यापार और __(76)__ व्यवहार में सभी प्रांतों में रहने वालों द्वारा बरती जाए और बद्रीनाथ से रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी स्थानों में परस्पर बातचीत करने और __(77)__ में काम लाई जाए। राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक योग्यता हिंदी में आनी और लानी चाहिए। आज के युग में जब वैज्ञानिक आविष्कार के कारण दुनिया से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है, कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से अपने को __(78)__ नहीं रख सकती। हिंदी का यह एक विशेष गुण है कि उसने हिंदुओं की भाषा होते हुए भी अरबी, फारसी, अंग्रेजी इत्यादि के शब्दों को अछूत नहीं समझा। __(79)__ की नीति तो वह कतई स्वीकार नहीं कर सकती और न विदेशी शब्दों को ही बाहर रखकर वह अपनी उन्नति कर सकती है। हिंदुस्तान में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख इत्यादि सभी बसते हैं, तो भी वह __(80)__ है। इसी प्रकार, यदि हम सभी भाषाओं से उत्तम और आवश्यक शब्द लें, तो भी हिंदी ही रहेगी।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.राजस्थान
B.पाकिस्तान
C.हिंदुस्तान
D.हिंदुआनी
Solution
गद्यांश: रिक्त स्थान
लेखक यहाँ उदाहरण दे रहा है - देश में हिंदू, मुसलमान, ईसाई, सिख सभी बसते हैं, फिर भी वह देश ‘हिंदुस्तान’ ही कहलाता है।
इसी तर्क से अगली पंक्ति कहती है कि सभी भाषाओं से शब्द लेने पर भी हिंदी ‘हिंदी’ ही रहेगी; अतः रिक्त स्थान में वाक्य के आरंभ वाला शब्द ‘हिंदुस्तान’ ही आएगा।
‘राजस्थान’ और ‘पाकिस्तान’ प्रसंग से बाहर हैं तथा ‘हिंदुआनी’ (हिंदुओं से संबंधित) कहने पर लेखक का पूरा तर्क ही उलट जाता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
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