SSC GD Constable 17 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 135 of 210
17 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘सरिता’ पर्याय है-
A.लक्ष्मी का
B.अप्सरा का
C.नदी का
D.स्त्री का
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘सरिता’ संस्कृत मूल का शब्द है, जिसका अर्थ है - निरंतर बहने वाली जलधारा, अर्थात् नदी।
नदी के अन्य पर्यायवाची - तटिनी, तरंगिणी, स्रोतस्विनी, आपगा, निम्नगा।
‘लक्ष्मी’ के पर्याय रमा, कमला, पद्मा हैं और ‘अप्सरा’ के मेनका, उर्वशी, सुरसुंदरी; ‘स्त्री’ के लिए नारी, महिला, वनिता चलते हैं - अतः विकल्प (a), (b) और (d) असंगत हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
निम्नलिखित में से बहुवचन से संबंधित वाक्य है-
A.कुछ अधिकारियों ने एक मीटिंग की।
B.छात्र विद्यालय जा रहा है।
C.मजदूर को उसकी मजदूरी दे दो।
D.हिंदी के शिक्षक कक्षा में नहीं गए हैं।
Solution
वचन
यहाँ वह वाक्य खोजना है जिसका कर्ता वास्तविक बहुवचन में हो।
विकल्प (a) में ‘कुछ अधिकारियों ने’ आया है - संख्यावाचक ‘कुछ’ के साथ ‘अधिकारी’ का बहुवचन तिर्यक् रूप ‘अधिकारियों’ है, जो स्पष्टतः एक से अधिक व्यक्तियों का बोध कराता है।
(b) ‘छात्र विद्यालय जा रहा है’ तथा (c) ‘मजदूर को उसकी मजदूरी दे दो’ - दोनों में कर्ता एकवचन है।
(d) ‘शिक्षक … नहीं गए हैं’ में बहुवचन क्रिया आदरार्थ (सम्मानसूचक) है, संख्या का बहुवचन नहीं; ‘शिक्षक’ रूप एकवचन में भी यही रहता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएँ कि प्रस्तुत विकल्पों में से कौन-सा विकल्प चिह्नित शब्द का विलोम शब्द है?
खेल में उत्तम प्रदर्शन के कारण ही खिलाड़ी को पुरस्कृत किया गया।
A.निरस्कृत
B.अपकृत
C.पुरस्कार
D.पदक
Solution
विलोम शब्द
चिह्नित शब्द ‘पुरस्कृत’ का अर्थ है - जिसे पुरस्कार या सम्मान दिया गया हो।
इसका विपरीतार्थक शब्द ‘निरस्कृत’ है, अर्थात् जिसे अस्वीकार या तिरस्कृत कर दिया गया हो; यहाँ ‘निर्’ उपसर्ग निषेध का भाव देता है।
‘अपकृत’ का अर्थ है जिसका अपकार किया गया हो, ‘पुरस्कार’ स्वयं ‘पुरस्कृत’ का ही संज्ञा-रूप है और ‘पदक’ एक वस्तु का नाम है - तीनों विलोम नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
84
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-
विनोबा भावे आंदोलन के भूदान प्रवर्तक थे।
A.के आंदोलन भूदान
B.आंदोलन भूदान
C.भूदान आंदोलन के
D.आंदोलन भूदान के
Solution
वाक्य में पदक्रम
रेखांकित खंड ‘आंदोलन के भूदान’ में पदक्रम गड़बड़ है।
‘भूदान’ आंदोलन का नाम है, अतः विशेषण की भाँति वह ‘आंदोलन’ से पहले आएगा और उसके बाद संबंध कारक ‘के’, जो ‘प्रवर्तक’ से जुड़ेगा - ‘भूदान आंदोलन के प्रवर्तक’।
शुद्ध वाक्य - विनोबा भावे भूदान आंदोलन के प्रवर्तक थे।
(a) और (d) में ‘के’ का स्थान गलत है तथा (b) में ‘के’ है ही नहीं, जिससे ‘प्रवर्तक’ के साथ संबंध ही नहीं बन पाता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
‘इन तीनों में आपस में घनिष्ट मित्रता है।’ उपरोक्त वाक्य में वर्तनी संबंधी अशुद्धियाँ हैं। अशुद्धि रहित वाक्य का चयन करें-
A.इन तीनों में आपस में घनिष मित्रता है।
B.इन तीनों में आपस में घनिष्ट मित्रता है।
C.इन तीनों में आपस में घनिष्ठ मित्रता है।
D.इन तीनों में आपस में घनिषठ मित्रता है।
Solution
वर्तनी शुद्धि
दिए गए वाक्य में ‘घनिष्ट’ की वर्तनी अशुद्ध है।
शुद्ध शब्द ‘घनिष्ठ’ है - यह संस्कृत ‘घन’ में अतिशयता का प्रत्यय ‘इष्ठ’ लगने से बना है, अतः इसमें संयुक्ताक्षर ‘ष्ठ’ (ष् + ठ) आता है, ‘ष्ट’ (ष् + ट) नहीं।
विकल्प (a) ‘घनिष’ में अंतिम व्यंजन ही लुप्त है और (d) ‘घनिषठ’ में ‘ष’ तथा ‘ठ’ का संयुक्ताक्षर नहीं बना - दोनों अशुद्ध हैं।
अशुद्धि रहित वाक्य - इन तीनों में आपस में घनिष्ठ मित्रता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
86
निम्न वाक्य में वर्तनीगत अशुद्धि छाँटिए।
योगीराज कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
A.अर्जुन
B.कृष्ण
C.योगीराज
D.गीता
Solution
वर्तनीगत अशुद्धि
वाक्य में अशुद्ध वर्तनी वाला शब्द ‘योगीराज’ है।
इसका शुद्ध रूप ‘योगिराज’ है - ‘योगिन्’ शब्द समास में आने पर ‘योगि’ हो जाता है और दीर्घ ‘ई’ नहीं रहती; यही नियम स्वामिभक्त, प्राणिविज्ञान, मंत्रिमंडल जैसे शब्दों में भी लागू होता है।
‘कृष्ण’, ‘अर्जुन’ और ‘गीता’ - तीनों की वर्तनी शुद्ध है।
शुद्ध वाक्य - योगिराज कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
87
मुहावरे और उसके अर्थ के लिए सही विकल्प चुनें।
घर बसाना
A.घर सजाना
B.घर में रहना
C.घर बना लेना
D.विवाह करना
Solution
मुहावरा
‘घर बसाना’ मुहावरे का अर्थ है - विवाह करके गृहस्थ जीवन आरंभ करना।
प्रयोग - नौकरी लगते ही उसने घर बसा लिया।
‘घर सजाना’, ‘घर में रहना’ और ‘घर बना लेना’ शब्दों के सीधे (वाच्य) अर्थ हैं, मुहावरे का लाक्षणिक अर्थ नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
88
निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति सार्थक शब्द के माध्यम से करें।
मेरे कहने का ____ है कि मुझे ____ की प्राप्ति हुई है।
A.बल
B.तात्पर्य
C.अर्थ
D.मतलब
Solution
अनेकार्थी शब्द से रिक्त-पूर्ति
दोनों रिक्त स्थानों में एक ही शब्द भरना है, अतः वही शब्द चलेगा जो अनेकार्थी हो।
‘अर्थ’ के दो प्रचलित अर्थ हैं - (i) आशय/मतलब और (ii) धन-संपत्ति।
पूर्ण वाक्य - मेरे कहने का अर्थ है कि मुझे अर्थ की प्राप्ति हुई है। यहाँ पहला ‘अर्थ’ आशय के अर्थ में और दूसरा ‘अर्थ’ धन के अर्थ में है।
‘तात्पर्य’ और ‘मतलब’ केवल आशय बताते हैं, अतः दूसरे रिक्त स्थान में निरर्थक हो जाते हैं; ‘बल’ किसी भी रिक्त स्थान में संगत नहीं बैठता।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
89
रमेश मेरा सच्चा मित्र है। रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.विरोधी
B.शत्रु
C.दुश्मन
D.दुश्मनी
Solution
विलोम शब्द
रेखांकित शब्द ‘मित्र’ का विलोम ‘शत्रु’ है।
विलोम सदैव उसी कोटि एवं स्रोत का लिया जाता है - ‘मित्र’ तत्सम शब्द है, अतः तत्सम ‘शत्रु’ ही उपयुक्त है; ‘दुश्मन’ उसी अर्थ का फ़ारसी शब्द है।
‘विरोधी’ का अर्थ है विरोध करने वाला, जो ‘मित्र’ का ठीक उल्टा नहीं; ‘दुश्मनी’ भाववाचक संज्ञा है, अतः वह ‘मित्रता’ का विलोम होगा, ‘मित्र’ का नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
90
निम्नलिखित वाक्य में अशुद्ध शब्द है-
मैं मंदिर दर्शन देने आया था।
A.दर्शन
B.देने
C.में
D.आया
Solution
वाक्य-शुद्धि
वाक्य ‘मैं मंदिर दर्शन देने आया था।’ में क्रिया-पद ‘देने’ अशुद्ध है।
‘दर्शन देना’ का प्रयोग देवता या पूज्य के लिए होता है; भक्त तो मंदिर ‘दर्शन करने’ जाता है।
शुद्ध वाक्य - मैं मंदिर दर्शन करने आया था।
‘दर्शन’ और ‘आया’ अपने आप में शुद्ध हैं तथा ‘में’ इस वाक्य में प्रयुक्त ही नहीं हुआ, अतः उसे अशुद्ध शब्द नहीं कहा जा सकता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
91
इनमें से ‘अनुराग’ का विलोम शब्द कौन-सा है?
A.राग
B.विराग
C.दुराग
D.सुराग
Solution
विलोम शब्द
‘अनुराग’ का अर्थ है - प्रेम, लगाव, आसक्ति।
इसका विलोम ‘विराग’ है, अर्थात् वैराग्य या अनासक्ति; मूल शब्द ‘राग’ में ‘अनु’ के स्थान पर विरोधी भाव देने वाला उपसर्ग ‘वि’ लग जाता है।
‘राग’ स्वयं अनुराग का पर्याय है, ‘दुराग’ हिंदी का मान्य शब्द नहीं है और ‘सुराग’ का अर्थ है चिह्न या पता - तीनों विलोम नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
92
निम्न वाक्य में रेखांकित पद को संशोधित कीजिए।अमावस की रातें बड़ी रमणीय होती हैं।
A.काली
B.बादलों
C.चाँदनी
D.अंधेरी
Solution
वाक्य-संशोधन
‘रमणीय’ का अर्थ है सुंदर, मनोहर; किंतु अमावस्या की रात तो अंधकारपूर्ण होती है - अतः रेखांकित पद ‘अमावस’ ही वाक्य में असंगत है।
उसके स्थान पर ‘चाँदनी’ रखने से वाक्य अर्थपूर्ण हो जाता है - चाँदनी रातें बड़ी रमणीय होती हैं।
‘काली’ अथवा ‘अंधेरी’ रखने पर वही विरोध फिर बना रहेगा, क्योंकि अंधेरी रातें रमणीय नहीं कही जातीं; ‘बादलों’ से वाक्य-रचना ही नहीं बनती।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
93
प्रेम करना तलवार की नोक पर चलना है। उपरोक्त वाक्य में रेखांकित पद के बदले कौन-सा विकल्प उपयुक्त है?
A.धार
B.तीक्ष्ण
C.पार्श्व
D.किनारे
Solution
मुहावरा
प्रचलित मुहावरा ‘तलवार की धार पर चलना’ है, जिसका अर्थ है - अत्यंत जोखिम भरा काम करना।
अतः रेखांकित पद ‘नोक’ के स्थान पर ‘धार’ आएगा - प्रेम करना तलवार की धार पर चलना है।
मुहावरे का रूप निश्चित होता है; उसमें मनमाना शब्द बदल देने पर वह मुहावरा नहीं रहता, इसीलिए ‘तीक्ष्ण’, ‘पार्श्व’ और ‘किनारे’ उपयुक्त नहीं हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
94
‘होली ____।’ शुद्ध तद्भव शब्दयुक्त विकल्प से वाक्य पूर्ण करें-
A.फाल्गुनी में मनाई जाती है
B.फागन में मनाई जाती है
C.फागुन में मनाई जाती है
D.फाल्गुन में मनाई जाती है
Solution
तत्सम-तद्भव
प्रश्न में शुद्ध तद्भव शब्द माँगा गया है, तत्सम नहीं।
‘फाल्गुन’ तत्सम रूप है और उसका तद्भव रूप ‘फागुन’ है (फाल्गुन → फग्गुन → फागुन)।
‘फागन’ अशुद्ध रूप है तथा ‘फाल्गुनी’ विशेषण है, महीने का नाम नहीं।
पूर्ण वाक्य - होली फागुन में मनाई जाती है। इसलिए सही विकल्प (c) है।
95
‘मैंने हरि बुलाया।’ किस कारक का प्रयोग नहीं करने से इस वाक्य में त्रुटि है?
A.करण
B.संप्रदान
C.कर्ता
D.कर्म
Solution
कारक
वाक्य ‘मैंने हरि बुलाया।’ में क्रिया ‘बुलाया’ का कर्म ‘हरि’ है, किंतु कर्म कारक की विभक्ति ‘को’ नहीं लगाई गई।
नियम - प्राणिवाचक तथा निश्चित कर्म के साथ ‘को’ का प्रयोग अनिवार्य होता है।
शुद्ध वाक्य - मैंने हरि को बुलाया।
कर्ता कारक की विभक्ति ‘ने’ वाक्य में पहले से विद्यमान है, तथा करण (से) और संप्रदान (के लिए) का यहाँ प्रसंग ही नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि अपने समय के प्रत्येक पल की चिंता __(76)__ रखे तो थोड़ी आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है, जिसे वह एक मास में कर सकेगा उसी को बहुतों का जीवन __(77)__ भी नहीं करेंगे। यदि उसका ध्यान उचित और उत्तम कृत्यों में निमग्न है तो समय सुख से व्यतीत करता, नहीं तो बहुतों का __(78)__ भरसक-सा हुआ रहता है। दिन-रात जगते बीतते हैं। इनकी दीर्घ-सूत्रता और रात-दिन के बर्ताव को देखने से यही जान पड़ेगा कि मानो वे अपने को अमर समझे हुए हैं। बड़ेरों खूब खाकर पेट पर हाथ फेरते, पान कुतरे, तकिया आश्रय ले पलंग पर जा सो जाते हैं और बारह-चौदह घंटा अपना समय नींद में खोते हैं। वैद्यों और डॉक्टरों का मत है कि छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त __(79)__। यदि इतना ही सोने का अभ्यास किया जाए तो कितना समय बच सकता है। अधिक सोने से केवल समय हानि ही नहीं होती, शरीर के जितने अवयव हैं, शिथिल और अयोग्य हो जाते हैं और बारह घंटे सोने के बाद उतनी ही व्याकुलता और अकुशलता कार्य करने में होती है। शरीर और __(80)__ दोनों को इससे हानि पहुँचती है। फिर खाने के पश्चात तुरंत सो जाने से आलस्य, हाइपरएसिडिटी, अपच, दीनता और शिरोव्यथा होती है, यद्यपि नींद झटपट आ जाती है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.नीर
B.वृक्ष
C.वाहन
D.मनुष्य
Solution
गद्यांश : कर्ता का चयन
रिक्त स्थान वाक्य का कर्ता है - ‘चिंता … रखे’ तथा ‘आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है’ जैसी क्रियाएँ किसी चेतन प्राणी की ही हो सकती हैं।
पूरा गद्यांश समय के सदुपयोग पर मनुष्य को उपदेश देता है, अतः कर्ता ‘मनुष्य’ ही उपयुक्त है।
‘नीर’, ‘वृक्ष’ और ‘वाहन’ अचेतन हैं, वे न चिंता रख सकते हैं और न आयु बढ़ा सकते हैं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि अपने समय के प्रत्येक पल की चिंता __(76)__ रखे तो थोड़ी आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है, जिसे वह एक मास में कर सकेगा उसी को बहुतों का जीवन __(77)__ भी नहीं करेंगे। यदि उसका ध्यान उचित और उत्तम कृत्यों में निमग्न है तो समय सुख से व्यतीत करता, नहीं तो बहुतों का __(78)__ भरसक-सा हुआ रहता है। दिन-रात जगते बीतते हैं। इनकी दीर्घ-सूत्रता और रात-दिन के बर्ताव को देखने से यही जान पड़ेगा कि मानो वे अपने को अमर समझे हुए हैं। बड़ेरों खूब खाकर पेट पर हाथ फेरते, पान कुतरे, तकिया आश्रय ले पलंग पर जा सो जाते हैं और बारह-चौदह घंटा अपना समय नींद में खोते हैं। वैद्यों और डॉक्टरों का मत है कि छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त __(79)__। यदि इतना ही सोने का अभ्यास किया जाए तो कितना समय बच सकता है। अधिक सोने से केवल समय हानि ही नहीं होती, शरीर के जितने अवयव हैं, शिथिल और अयोग्य हो जाते हैं और बारह घंटे सोने के बाद उतनी ही व्याकुलता और अकुशलता कार्य करने में होती है। शरीर और __(80)__ दोनों को इससे हानि पहुँचती है। फिर खाने के पश्चात तुरंत सो जाने से आलस्य, हाइपरएसिडिटी, अपच, दीनता और शिरोव्यथा होती है, यद्यपि नींद झटपट आ जाती है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.दुर्ग
B.नज़र
C.पर्याप्त
D.जीवन
Solution
गद्यांश : संदर्भानुसार शब्द
वाक्य का आशय है - जो कार्य वह एक मास में कर लेगा, उसके लिए बहुतों का पूरा जीवन भी कम पड़ जाएगा।
अतः रिक्त स्थान में ‘पर्याप्त’ आएगा - ‘उसी को बहुतों का जीवन पर्याप्त भी नहीं करेंगे’, अर्थात् उनका जीवन भी उस कार्य के लिए काफ़ी सिद्ध नहीं होगा।
‘जीवन’ शब्द इसी वाक्यांश में पहले ही आ चुका है, अतः उसकी पुनरावृत्ति निरर्थक होगी; ‘दुर्ग’ और ‘नज़र’ का प्रसंग से कोई संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि अपने समय के प्रत्येक पल की चिंता __(76)__ रखे तो थोड़ी आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है, जिसे वह एक मास में कर सकेगा उसी को बहुतों का जीवन __(77)__ भी नहीं करेंगे। यदि उसका ध्यान उचित और उत्तम कृत्यों में निमग्न है तो समय सुख से व्यतीत करता, नहीं तो बहुतों का __(78)__ भरसक-सा हुआ रहता है। दिन-रात जगते बीतते हैं। इनकी दीर्घ-सूत्रता और रात-दिन के बर्ताव को देखने से यही जान पड़ेगा कि मानो वे अपने को अमर समझे हुए हैं। बड़ेरों खूब खाकर पेट पर हाथ फेरते, पान कुतरे, तकिया आश्रय ले पलंग पर जा सो जाते हैं और बारह-चौदह घंटा अपना समय नींद में खोते हैं। वैद्यों और डॉक्टरों का मत है कि छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त __(79)__। यदि इतना ही सोने का अभ्यास किया जाए तो कितना समय बच सकता है। अधिक सोने से केवल समय हानि ही नहीं होती, शरीर के जितने अवयव हैं, शिथिल और अयोग्य हो जाते हैं और बारह घंटे सोने के बाद उतनी ही व्याकुलता और अकुशलता कार्य करने में होती है। शरीर और __(80)__ दोनों को इससे हानि पहुँचती है। फिर खाने के पश्चात तुरंत सो जाने से आलस्य, हाइपरएसिडिटी, अपच, दीनता और शिरोव्यथा होती है, यद्यपि नींद झटपट आ जाती है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.चौखट
B.नदी
C.गाड़ी
D.जीवन
Solution
गद्यांश : संज्ञा का चयन
यहाँ पूर्ववर्ती कथन ‘तो समय सुख से व्यतीत करता’ के विपरीत स्थिति रखी गई है - ‘नहीं तो बहुतों का ____ भरसक-सा हुआ रहता है’।
जिसकी तुलना सुखपूर्वक बीतने से की जा रही है, वह ‘जीवन’ ही है; अतः रिक्त स्थान में ‘जीवन’ आएगा।
‘चौखट’, ‘नदी’ और ‘गाड़ी’ ठोस वस्तुएँ हैं, जिनका समय के सदुपयोग वाले इस प्रसंग से कोई संबंध नहीं बनता।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि अपने समय के प्रत्येक पल की चिंता __(76)__ रखे तो थोड़ी आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है, जिसे वह एक मास में कर सकेगा उसी को बहुतों का जीवन __(77)__ भी नहीं करेंगे। यदि उसका ध्यान उचित और उत्तम कृत्यों में निमग्न है तो समय सुख से व्यतीत करता, नहीं तो बहुतों का __(78)__ भरसक-सा हुआ रहता है। दिन-रात जगते बीतते हैं। इनकी दीर्घ-सूत्रता और रात-दिन के बर्ताव को देखने से यही जान पड़ेगा कि मानो वे अपने को अमर समझे हुए हैं। बड़ेरों खूब खाकर पेट पर हाथ फेरते, पान कुतरे, तकिया आश्रय ले पलंग पर जा सो जाते हैं और बारह-चौदह घंटा अपना समय नींद में खोते हैं। वैद्यों और डॉक्टरों का मत है कि छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त __(79)__। यदि इतना ही सोने का अभ्यास किया जाए तो कितना समय बच सकता है। अधिक सोने से केवल समय हानि ही नहीं होती, शरीर के जितने अवयव हैं, शिथिल और अयोग्य हो जाते हैं और बारह घंटे सोने के बाद उतनी ही व्याकुलता और अकुशलता कार्य करने में होती है। शरीर और __(80)__ दोनों को इससे हानि पहुँचती है। फिर खाने के पश्चात तुरंत सो जाने से आलस्य, हाइपरएसिडिटी, अपच, दीनता और शिरोव्यथा होती है, यद्यपि नींद झटपट आ जाती है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.है
B.थी
C.थे
D.रहेंगे
Solution
गद्यांश : क्रिया-रूप
वाक्य है - ‘छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त ____।’ यहाँ कर्ता ‘सोना’ पुल्लिंग एकवचन है और पूरा प्रसंग वर्तमान काल में चल रहा है (‘वैद्यों और डॉक्टरों का मत है’)।
अतः वर्तमानकालिक एकवचन क्रिया ‘है’ ही उपयुक्त है।
‘थी’ स्त्रीलिंग एवं भूतकालिक है, ‘थे’ बहुवचन-भूतकालिक और ‘रहेंगे’ भविष्यकालिक बहुवचन - तीनों में काल अथवा वचन की असंगति है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि अपने समय के प्रत्येक पल की चिंता __(76)__ रखे तो थोड़ी आयु को भी बहुत बढ़ा सकता है, जिसे वह एक मास में कर सकेगा उसी को बहुतों का जीवन __(77)__ भी नहीं करेंगे। यदि उसका ध्यान उचित और उत्तम कृत्यों में निमग्न है तो समय सुख से व्यतीत करता, नहीं तो बहुतों का __(78)__ भरसक-सा हुआ रहता है। दिन-रात जगते बीतते हैं। इनकी दीर्घ-सूत्रता और रात-दिन के बर्ताव को देखने से यही जान पड़ेगा कि मानो वे अपने को अमर समझे हुए हैं। बड़ेरों खूब खाकर पेट पर हाथ फेरते, पान कुतरे, तकिया आश्रय ले पलंग पर जा सो जाते हैं और बारह-चौदह घंटा अपना समय नींद में खोते हैं। वैद्यों और डॉक्टरों का मत है कि छह घंटा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नियमित सोना उपयुक्त __(79)__। यदि इतना ही सोने का अभ्यास किया जाए तो कितना समय बच सकता है। अधिक सोने से केवल समय हानि ही नहीं होती, शरीर के जितने अवयव हैं, शिथिल और अयोग्य हो जाते हैं और बारह घंटे सोने के बाद उतनी ही व्याकुलता और अकुशलता कार्य करने में होती है। शरीर और __(80)__ दोनों को इससे हानि पहुँचती है। फिर खाने के पश्चात तुरंत सो जाने से आलस्य, हाइपरएसिडिटी, अपच, दीनता और शिरोव्यथा होती है, यद्यपि नींद झटपट आ जाती है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कल
B.जन
C.वन
D.मन
Solution
गद्यांश : सार्थक शब्द
प्रसंग यह है कि अधिक सोने से केवल शरीर ही शिथिल नहीं होता, कार्य करने में व्याकुलता और अकुशलता भी आती है - अर्थात् हानि भीतरी पक्ष को भी पहुँचती है।
‘शरीर’ का सहगामी यही भीतरी पक्ष ‘मन’ है; ‘शरीर और मन’ एक प्रचलित युग्म है - शरीर और मन दोनों को इससे हानि पहुँचती है।
‘कल’, ‘जन’ और ‘वन’ का इस वाक्य में कोई अर्थ-संबंध नहीं बनता।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
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