SSC GD Constable 18 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 145 of 210
18 February 2025 · Shift 2
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘राकेश इलाहाबाद घूमने-फिरने गया था।’ वाक्य में प्रयुक्त ‘घूमने-फिरने’ किस प्रकार का शब्द युग्म है?
A.सार्थक-निरर्थक
B.निरर्थक-निरर्थक
C.सार्थक-सार्थक
D.पर्यायवाची शब्द
Solution
शब्द-युग्म का प्रकार
शब्द-युग्म में यह देखा जाता है कि जोड़े के दोनों शब्द स्वतंत्र रूप से अर्थ रखते हैं या नहीं।
‘घूमने-फिरने’ में ‘घूमना’ का अर्थ है भ्रमण करना और ‘फिरना’ का अर्थ है इधर-उधर आना-जाना - दोनों शब्द अकेले भी पूरा अर्थ देते हैं।
जब युग्म के दोनों पद अर्थवान हों तो वह सार्थक-सार्थक शब्द-युग्म कहलाता है (जैसे रोटी-कपड़ा, हँसना-बोलना)।
‘निरर्थक’ पद वह होता है जिसका अपना कोई अर्थ न हो, जैसे ‘पानी-वानी’ का ‘वानी’ - यहाँ ऐसा कोई पद नहीं है, इसलिए विकल्प (a) और (b) कटते हैं।
पर्यायवाची होने के लिए दोनों का अर्थ एक ही होना चाहिए, जबकि घूमना और फिरना अर्थ में निकट हैं, समान नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
82
निम्न में से नारी का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
A.पत्नी
B.रमणी
C.वामा
D.वनिता
Solution
पर्यायवाची शब्द
प्रश्न में वह शब्द छाँटना है जो ‘नारी’ का पर्याय नहीं है।
‘रमणी’, ‘वामा’ और ‘वनिता’ - तीनों का अर्थ स्त्री या नारी ही है, अतः ये पर्यायवाची हैं।
‘पत्नी’ स्त्री की एक विशेष स्थिति बताता है - वह जिसका विवाह हुआ हो; यह वैवाहिक संबंध का सूचक है, नारी मात्र का पर्याय नहीं।
नारी के अन्य पर्याय - स्त्री, महिला, औरत, अबला, कामिनी।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
83
मुहावरे और उसके अर्थ का सही विकल्प चुनें-
खाक छानना
A.बिना काम दौड़ना
B.जहाँ-तहाँ जाना
C.काम से जाना
D.भटकना
Solution
मुहावरे का अर्थ
‘खाक छानना’ में ‘खाक’ का अर्थ है धूल और ‘छानना’ का अर्थ है बार-बार खँगालना।
अर्थात् किसी वस्तु या व्यक्ति की खोज में धूल फाँकते हुए जगह-जगह मारा-मारा फिरना - इसका सीधा अर्थ है भटकना।
प्रयोग - नौकरी की तलाश में उसने पूरे शहर की खाक छान डाली।
विकल्प (b) ‘जहाँ-तहाँ जाना’ केवल आना-जाना बताता है, उसमें खोज और व्यर्थ परिश्रम का वह भाव नहीं है जो मुहावरे का मूल है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
84
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
हमारे बाप-दादाओं ने कभी ऐसा नहीं किया।
A.हमारे
B.किया
C.बाप-दादाओं
D.कभी
Solution
वाक्य-शुद्धि (वचन दोष)
वाक्य के खंडों को अलग-अलग परखिए - ‘हमारे’, ‘बाप-दादाओं’, ‘कभी’, ‘किया’।
‘बाप-दादा’ स्वयं एक समूहवाची युग्म शब्द है, जिसमें बहुवचन का भाव पहले से निहित है।
ऐसे युग्म शब्दों पर पुनः बहुवचन प्रत्यय ‘-ओं’ नहीं लगाया जाता; ‘बाप-दादाओं’ लिखना द्विरुक्त बहुवचन दोष है।
शुद्ध वाक्य - हमारे बाप-दादा ने कभी ऐसा नहीं किया।
शेष तीनों खंड ‘हमारे’, ‘कभी’ और ‘किया’ व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
85
वर्तनी की दृष्टि से वाक्य के किस अंश में त्रुटि है?
हमें परिस्थितियों के अनुकुल स्वयं को ढालने का हुनर आना चाहिए।
A.के अनुकुल स्वयं
B.हुनर आना चाहिए
C.को ढालने का
D.हमें परिस्थितियों
Solution
वर्तनी अशुद्धि
प्रत्येक अंश की वर्तनी अलग-अलग जाँचिए।
वाक्य में ‘अनुकुल’ लिखा है, जबकि शुद्ध वर्तनी ‘अनुकूल’ है - इसमें ‘कू’ में दीर्घ ऊ की मात्रा लगती है।
यह शब्द ‘अनु + कूल’ से बना है, जिसमें ‘कूल’ का अर्थ है किनारा; अतः दीर्घ ‘ऊ’ अनिवार्य है (तुलना कीजिए - प्रतिकूल)।
शुद्ध अंश - के अनुकूल स्वयं।
शेष अंश ‘हमें परिस्थितियों’, ‘को ढालने का’ और ‘हुनर आना चाहिए’ वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
‘बिना किसी प्रयास के’ वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन करें-
A.अनुग्रह
B.अनुकम्पा
C.अनायास
D.अनुताप
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘बिना किसी प्रयास के’ अर्थात् जो सहज ही, स्वतः हो जाए।
इसके लिए एक शब्द है ‘अनायास’ (अन् + आयास; ‘आयास’ का अर्थ है परिश्रम, अतः अनायास = बिना परिश्रम के)।
अन्य विकल्प - ‘अनुग्रह’ = कृपा, ‘अनुकम्पा’ = दया, ‘अनुताप’ = पश्चात्ताप।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
87
‘यहाँ किसी को भी इस कार्यालय का पता मालुम नहीं है।’ उपर्युक्त वाक्य में वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धि है। इसके शुद्ध रूप का चयन करें-
A.यहाँ किसी को भी इस कार्यालय का पता मालुम नहीं है।
B.यहां किसी को भी इस कार्यालय का पता मालूम नहीं है।
C.यहाँ किसी को भी इस कार्यालये का पता मालूम नहीं है।
D.यहाँ किसी को भी इस कार्यालय का पता मालूम नहीं है।
Solution
वर्तनी-शुद्धि
दिए गए वाक्य में अशुद्धि ‘मालुम’ शब्द में है; इसकी शुद्ध वर्तनी ‘मालूम’ है, जिसमें ‘लू’ में दीर्घ ऊ की मात्रा लगती है।
विकल्प (a) में वही अशुद्ध रूप ‘मालुम’ ज्यों का त्यों है, अतः वह शुद्ध रूप नहीं हो सकता।
विकल्प (b) ‘मालूम’ तो ठीक कर देता है, पर ‘यहाँ’ को ‘यहां’ कर के अनुस्वार की नई अशुद्धि ले आता है - यहाँ चन्द्रबिन्दु ही शुद्ध है।
विकल्प (c) में ‘कार्यालय’ को ‘कार्यालये’ बना दिया गया है, जो अशुद्ध है।
विकल्प (d) में केवल ‘मालूम’ सुधरा है और शेष वाक्य ज्यों का त्यों शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
88
‘उसका कलम खो गया है।’ स्त्रीलिंग की दृष्टि से वाक्य का शुद्ध रूप है-
A.उसकी कलम खोने ही वाली है।
B.उसकी कलम खो गई है।
C.उसके कलम खो गए हैं।
D.उसकी कलम खो गया है।
Solution
लिंग-निर्णय
हिंदी में ‘कलम’ स्त्रीलिंग शब्द है (जैसे - मेरी कलम, नई कलम)।
नियम यह है कि संज्ञा के लिंग के अनुसार उससे जुड़ा सर्वनाम और क्रिया दोनों बदलते हैं।
अतः ‘उसका’ के स्थान पर ‘उसकी’ और ‘खो गया है’ के स्थान पर ‘खो गई है’ होगा।
विकल्प (d) में सर्वनाम तो ‘उसकी’ सुधर गया, पर क्रिया ‘खो गया है’ पुल्लिंग ही रह गई - इसलिए वह अधूरा सुधार है।
शुद्ध वाक्य - उसकी कलम खो गई है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
89
‘यह आसक्ति है और कुछ नहीं।’ वाक्य में प्रयुक्त रेखांकित एकार्थी शब्द का उचित अर्थ है-
A.स्वार्थजनित प्रेम
B.रोगजनित प्रेम
C.मोहजनित प्रेम
D.पीड़ाजनित प्रेम
Solution
एकार्थी शब्द का अर्थ
‘आसक्ति’ शब्द ‘आ + सञ्ज्’ धातु से बना है, जिसका भाव है किसी वस्तु या व्यक्ति से चिपक जाना, लिपट जाना।
अतः आसक्ति का अर्थ है - मोह के कारण उत्पन्न लगाव या प्रेम, अर्थात् मोहजनित प्रेम।
प्रेम के एकार्थी भेदों में अंतर स्पष्ट कीजिए - स्वार्थजनित प्रेम को ‘लोभ’, पीड़ा या करुणा से उपजे प्रेम को ‘दया’ और शारीरिक-रोगजनित लगाव को ‘व्यसन’ कहा जाता है।
वाक्य ‘यह आसक्ति है और कुछ नहीं’ में भी वक्ता उस लगाव को केवल मोह बता रहा है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
मोहन हिंदी पढ़ने के लिए शास्त्री जी के यहाँ गया। इस वाक्य के संयुक्त वाक्य रूप को पहचान कीजिए।
A.मोहन को हिंदी पढ़नी है इसलिए शास्त्री जी के यहाँ गया था।
B.मोहन शास्त्री जी के यहाँ गया क्योंकि उसे हिंदी पढ़नी है।
C.मोहन को हिंदी पढ़नी है और इसलिए शास्त्री जी के यहाँ गया।
D.मोहन को हिंदी पढ़नी है इसलिए शास्त्री जी के यहाँ गया।
Solution
संयुक्त वाक्य
संयुक्त वाक्य वह है जिसमें दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समानाधिकरण समुच्चयबोधक (और, तथा, इसलिए, किंतु, या) से जुड़े हों।
मूल वाक्य ‘मोहन हिंदी पढ़ने के लिए शास्त्री जी के यहाँ गया।’ एक सरल वाक्य है, जिसे दो स्वतंत्र उपवाक्यों में तोड़ना है।
विकल्प (d) - ‘मोहन को हिंदी पढ़नी है’ + ‘इसलिए’ + ‘शास्त्री जी के यहाँ गया’ - दोनों उपवाक्य स्वतंत्र हैं और परिणामबोधक ‘इसलिए’ से जुड़े हैं; यही संयुक्त वाक्य है।
विकल्प (b) में ‘क्योंकि’ आश्रित उपवाक्य बनाता है, अतः वह मिश्र वाक्य है, संयुक्त नहीं।
विकल्प (a) मूल वाक्य के काल को ‘गया था’ (पूर्ण भूत) में बदल देता है और विकल्प (c) में ‘और इसलिए’ दो योजक एक साथ लगाकर अनावश्यक पुनरुक्ति कर देता है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए-
जो इसी लोक से संबंध रखता हो
A.परलोकी
B.अलौकिक
C.लौकिक
D.पारलौकिक
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘लोक’ का अर्थ है यह संसार; जो इसी लोक से संबंध रखता हो, उसे ‘लौकिक’ कहते हैं।
‘लोक’ में आदि वृद्धि (ओ → औ) होकर ‘लौकिक’ बनता है, जैसे - लौकिक ज्ञान, लौकिक व्यवहार।
‘अलौकिक’ का अर्थ है जो इस लोक का न हो, अर्थात् अद्भुत - यह ठीक विपरीत अर्थ देता है।
‘परलोकी’ और ‘पारलौकिक’ दोनों मृत्यु के बाद के लोक से संबंध रखते हैं, इस लोक से नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
92
‘मैं पूरे ____ दिन बाद आया हूँ।’ रिक्त स्थान के लिए उचित संख्यावाचक विशेषण चुनिए-
A.बीस
B.कुछ
C.सब
D.तोले
Solution
संख्यावाचक विशेषण
संख्यावाचक विशेषण वह है जो संज्ञा की गिनती बताए - जैसे एक, दस, बीस।
वाक्य में ‘पूरे ____ दिन बाद’ आया है; ‘पूरे’ के साथ कोई निश्चित संख्या ही बैठेगी, अतः ‘बीस’ उपयुक्त है।
‘कुछ’ और ‘सब’ अनिश्चित परिमाण बताते हैं, निश्चित संख्या नहीं; ‘पूरे कुछ दिन’ जैसा प्रयोग अशुद्ध है।
‘तोले’ भार की इकाई है, अतः वह परिमाणवाचक विशेषण हुआ, संख्यावाचक नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
93
निम्नलिखित में से गलत मुहावरे-युग्म की पहचान कीजिए-
A.तारे गिनना - व्यग्रता से प्रतीक्षा करना
B.छिपा रुस्तम - देखने में साधारण, वास्तव में गुणी
C.चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना - घबरा जाना
D.घड़ों पानी पड़ जाना - बहुत अधिक खुश होना
Solution
मुहावरा-अर्थ युग्म
यहाँ वह युग्म ढूँढ़ना है जिसमें मुहावरे के सामने दिया गया अर्थ गलत हो।
‘घड़ों पानी पड़ जाना’ का वास्तविक अर्थ है - अत्यंत लज्जित होना, शर्म से गड़ जाना; विकल्प में इसका अर्थ ‘बहुत अधिक खुश होना’ दिया है, जो सर्वथा भिन्न है।
शेष तीनों युग्म शुद्ध हैं - ‘तारे गिनना’ = व्यग्रता से प्रतीक्षा करना, ‘छिपा रुस्तम’ = देखने में साधारण पर वास्तव में गुणी, ‘चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना’ = घबरा जाना।
प्रयोग - चोरी पकड़ी जाने पर उस पर घड़ों पानी पड़ गया।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
94
‘राजा हरिश्चंद्र ने सदैव सत्य का पक्ष लिया।’ वाक्यांश में प्रयुक्त ‘सत्य’ शब्द का विलोम चुनिए-
A.मिथ्या
B.वास्तविक
C.कटुसत्य
D.यथार्थ
Solution
विलोम शब्द
‘सत्य’ का अर्थ है जो यथार्थ हो, जो वास्तव में हो।
इसका विलोम वह होगा जो झूठा या असत्य हो - अर्थात् ‘मिथ्या’ (असत्य भी शुद्ध विलोम है)।
‘वास्तविक’ और ‘यथार्थ’ तो सत्य के पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं - यही इस प्रश्न का मुख्य जाल है।
‘कटुसत्य’ भी सत्य का ही एक रूप है (कड़वा सत्य), अतः वह भी विलोम नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
95
दिए गए शब्द का उचित विलोम शब्द चुनिए-
आयात
A.लाना
B.निर्यात
C.विगत
D.ख्यात
Solution
विलोम शब्द
‘आयात’ = ‘आ’ उपसर्ग + ‘यात’, अर्थात् बाहर से देश के भीतर वस्तुओं का लाया जाना।
इसका ठीक उल्टा है ‘निर्यात’ = ‘निर्’ उपसर्ग + ‘यात’, अर्थात् देश से बाहर वस्तुओं का भेजा जाना।
‘लाना’ तो आयात का ही भाव है, विलोम नहीं; ‘विगत’ का विलोम ‘आगत’ होगा और ‘ख्यात’ का विलोम ‘अख्यात’।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारत प्राचीन काल से ही __(76)__ एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व की स्थापना का पक्षधर रहा है और उसने अपनी आंतरिक एवं वैदेशिक नीतियों में भी सर्वाधिक बल इसी पर दिया है। परंतु भारत की इस नीति का गलत लाभ __(77)__ काल से ही उठाया गया है और समय-समय पर उसे अनेक प्रकार की अत्याचारपूर्ण __(78)__ उठानी पड़ी हैं। वर्तमान भारत भी (1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का भारत) इस समस्या से उबरा नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अपने कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भारत के संबंध अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर __(79)__ बम गिराए जाने के बाद से इस शब्द ने सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया। कुछ राष्ट्रों ने इसे शस्त्र के रूप में अपनाया, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अपने विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण __(80)__ के लिए अपनाया।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.योग
B.ज्ञान
C.शांति
D.समृद्धि
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के आगे ‘एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व’ आया है, अतः वहाँ ‘अहिंसा’ का सहगामी भाव चाहिए।
अहिंसा के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ने वाला शब्द ‘शांति’ है - ‘शांति एवं अहिंसापूर्ण वातावरण’ एक प्रचलित सहप्रयोग है।
‘योग’, ‘ज्ञान’ और ‘समृद्धि’ अपने-आप में उचित शब्द हैं, पर इनका अहिंसा से सीधा युग्म-संबंध नहीं बनता।
आगे गद्यांश में ‘शांतिपूर्ण’ शब्द का पुनः प्रयोग भी इसी चयन की पुष्टि करता है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारत प्राचीन काल से ही __(76)__ एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व की स्थापना का पक्षधर रहा है और उसने अपनी आंतरिक एवं वैदेशिक नीतियों में भी सर्वाधिक बल इसी पर दिया है। परंतु भारत की इस नीति का गलत लाभ __(77)__ काल से ही उठाया गया है और समय-समय पर उसे अनेक प्रकार की अत्याचारपूर्ण __(78)__ उठानी पड़ी हैं। वर्तमान भारत भी (1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का भारत) इस समस्या से उबरा नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अपने कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भारत के संबंध अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर __(79)__ बम गिराए जाने के बाद से इस शब्द ने सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया। कुछ राष्ट्रों ने इसे शस्त्र के रूप में अपनाया, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अपने विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण __(80)__ के लिए अपनाया।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.हड़प्पा
B.प्राचीन
C.नवीन
D.मध्य
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य है - ‘भारत की इस नीति का गलत लाभ ____ काल से ही उठाया गया है।’ रिक्त स्थान के बाद ‘काल’ आया है, अतः वहाँ कालवाचक विशेषण चाहिए।
गद्यांश का आरंभ ही ‘भारत प्राचीन काल से ही’ से हुआ है; लेखक उसी कालावधि को दोहराते हुए कहता है कि तभी से इस नीति का दुरुपयोग होता आया है।
‘नवीन’ लिखने पर अर्थ उलट जाएगा और ‘मध्य काल’ इस सातत्य को बीच से तोड़ देगा, जबकि वाक्य का ‘ही’ आरंभ से अब तक की निरंतरता बताता है।
‘हड़प्पा’ एक सभ्यता का नाम है, वह ‘काल’ के साथ विशेषण की तरह नहीं बैठता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारत प्राचीन काल से ही __(76)__ एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व की स्थापना का पक्षधर रहा है और उसने अपनी आंतरिक एवं वैदेशिक नीतियों में भी सर्वाधिक बल इसी पर दिया है। परंतु भारत की इस नीति का गलत लाभ __(77)__ काल से ही उठाया गया है और समय-समय पर उसे अनेक प्रकार की अत्याचारपूर्ण __(78)__ उठानी पड़ी हैं। वर्तमान भारत भी (1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का भारत) इस समस्या से उबरा नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अपने कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भारत के संबंध अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर __(79)__ बम गिराए जाने के बाद से इस शब्द ने सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया। कुछ राष्ट्रों ने इसे शस्त्र के रूप में अपनाया, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अपने विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण __(80)__ के लिए अपनाया।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.आसमानियाँ
B.क्षतियाँ
C.हीनता
D.बाधाएँ
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के आगे क्रिया ‘उठानी पड़ी हैं’ है, अतः वहाँ स्त्रीलिंग बहुवचन संज्ञा चाहिए जो ‘उठाना’ क्रिया के साथ प्रयुक्त होती हो।
हिंदी में ‘क्षति उठाना’ एक स्थिर प्रयोग है (हानि सहना); इसका बहुवचन ‘क्षतियाँ उठानी पड़ी हैं’ पूर्णतः शुद्ध बैठता है।
‘बाधाएँ’ स्त्रीलिंग बहुवचन तो है, पर उसके साथ प्रचलित क्रिया ‘झेलना’ या ‘आना’ है - ‘बाधाएँ उठाना’ अशुद्ध सहप्रयोग है, इसी पर परीक्षार्थी चूकता है।
‘हीनता’ एकवचन भाववाचक संज्ञा है, इसलिए ‘उठानी पड़ी हैं’ (बहुवचन) से मेल नहीं खाती; ‘आसमानियाँ’ का यहाँ कोई संगत अर्थ नहीं।
साथ ही ‘अत्याचारपूर्ण’ विशेषण हानि के भाव की माँग करता है, जिसे केवल ‘क्षतियाँ’ पूरा करता है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारत प्राचीन काल से ही __(76)__ एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व की स्थापना का पक्षधर रहा है और उसने अपनी आंतरिक एवं वैदेशिक नीतियों में भी सर्वाधिक बल इसी पर दिया है। परंतु भारत की इस नीति का गलत लाभ __(77)__ काल से ही उठाया गया है और समय-समय पर उसे अनेक प्रकार की अत्याचारपूर्ण __(78)__ उठानी पड़ी हैं। वर्तमान भारत भी (1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का भारत) इस समस्या से उबरा नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अपने कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भारत के संबंध अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर __(79)__ बम गिराए जाने के बाद से इस शब्द ने सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया। कुछ राष्ट्रों ने इसे शस्त्र के रूप में अपनाया, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अपने विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण __(80)__ के लिए अपनाया।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.परमाणु
B.रासायनिक
C.जैविक
D.मानव
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
गद्यांश द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर बम गिराए जाने की बात कर रहा है।
अगस्त 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए बम परमाणु बम थे, अतः रिक्त स्थान में ‘परमाणु’ आएगा।
इसी चयन की पुष्टि आगे की पंक्तियों से होती है, जहाँ कुछ राष्ट्रों द्वारा इसे शस्त्र के रूप में और कुछ द्वारा विकास हेतु अपनाने की बात है - यह विवरण केवल परमाणु ऊर्जा पर लागू होता है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भारत प्राचीन काल से ही __(76)__ एवं अहिंसापूर्ण वातावरण वाले विश्व की स्थापना का पक्षधर रहा है और उसने अपनी आंतरिक एवं वैदेशिक नीतियों में भी सर्वाधिक बल इसी पर दिया है। परंतु भारत की इस नीति का गलत लाभ __(77)__ काल से ही उठाया गया है और समय-समय पर उसे अनेक प्रकार की अत्याचारपूर्ण __(78)__ उठानी पड़ी हैं। वर्तमान भारत भी (1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का भारत) इस समस्या से उबरा नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद अपने कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के साथ भारत के संबंध अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर __(79)__ बम गिराए जाने के बाद से इस शब्द ने सम्पूर्ण विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया। कुछ राष्ट्रों ने इसे शस्त्र के रूप में अपनाया, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अपने विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से शांतिपूर्ण __(80)__ के लिए अपनाया।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.उपभोग
B.अनुपयोग
C.योग
D.उपयोग
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
अंतिम वाक्य में विरोध दिखाया गया है - कुछ राष्ट्रों ने परमाणु ऊर्जा को शस्त्र बनाया, जबकि कुछ ने विकास की गति तेज करने के लिए ‘शांतिपूर्ण ____’ के लिए अपनाया।
‘शांतिपूर्ण उपयोग’ परमाणु ऊर्जा के संदर्भ में एक निश्चित पारिभाषिक पद है, जिसका अर्थ है ऊर्जा को विनाश के बजाय रचनात्मक कार्य में लगाना।
‘उपभोग’ का अर्थ है वस्तु को भोगकर समाप्त कर देना - ऊर्जा-नीति के इस संदर्भ में वह भाव उपयुक्त नहीं; यही सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है।
‘अनुपयोग’ का अर्थ है प्रयोग ही न करना, जो ‘अपनाया’ क्रिया के विरुद्ध जाता है, और ‘योग’ यहाँ असंगत है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
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