SSC GD Constable 19 February 2025 · Shift 2 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 160 of 210
19 February 2025 · Shift 2
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
निम्न वाक्य में कौन-सा शब्द अशुद्ध है?
विक्रमादित्य अपने समय में कुसल और न्यायप्रिय शासक थे।
A.न्यायप्रिय
B.विक्रमादित्य
C.शासक
D.कुसल
Solution
वर्तनी शुद्धि
प्रश्न में वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध शब्द छाँटना है।
‘कुसल’ अशुद्ध है; इसका शुद्ध रूप ‘कुशल’ (अर्थ - निपुण, दक्ष) है, जिसमें दंत्य ‘स’ नहीं, तालव्य ‘श’ आता है।
‘विक्रमादित्य’, ‘न्यायप्रिय’ तथा ‘शासक’ तीनों की वर्तनी शुद्ध है।
शुद्ध वाक्य - विक्रमादित्य अपने समय में कुशल और न्यायप्रिय शासक थे।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
82
दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए।
मैं आपका दर्शन करने आया हूँ।
A.मैं सिर्फ आपका दर्शन करने आया हूँ।
B.मैं आपका दर्शन करूँगा।
C.मैं आपका दर्शन हेतु आया हूँ।
D.मैं आपके दर्शन करने आया हूँ।
Solution
वाक्य शुद्धि
‘दर्शन’ शब्द हिंदी में सदैव बहुवचन में चलता है और आदरणीय व्यक्ति के लिए इसके साथ आदरार्थक बहुवचन रूप ‘आपके’ लगता है।
अतः ‘आपका दर्शन’ अशुद्ध है; शुद्ध प्रयोग ‘आपके दर्शन’ होगा।
विकल्प (a) और (b) में वही अशुद्ध ‘आपका दर्शन’ ज्यों-का-त्यों बना रहता है, और (c) में ‘दर्शन हेतु’ के साथ ‘करने’ का लोप होकर वाक्य-रचना ही बिगड़ जाती है।
शुद्ध वाक्य - मैं आपके दर्शन करने आया हूँ।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
83
‘आकाश’ का सही विलोम क्या होगा?
A.गगन
B.पाताल
C.आसमान
D.व्योम
Solution
विलोम शब्द
‘आकाश’ का अर्थ है ऊपर फैला हुआ अनंत विस्तार; इसका विलोम वह लोक होगा जो धरती के नीचे माना जाता है।
आकाश × पाताल - यही सही विलोम-युग्म है।
‘गगन’, ‘आसमान’ और ‘व्योम’ तीनों ‘आकाश’ के पर्यायवाची हैं, विलोम नहीं; यही इस प्रश्न का जाल है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
84
निम्नलिखित वाक्यांश हेतु सार्थक शब्द की पहचान करें-
जो कभी नहीं आया हो
A.अवगत
B.अनागत
C.दृश्य
D.निरस्त
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘जो कभी नहीं आया हो’ अर्थात् जिसका आगमन अभी हुआ ही न हो।
‘अन्’ (निषेध) + ‘आगत’ (आया हुआ) से बना ‘अनागत’ का अर्थ ही है - जो आया न हो; भविष्य में आने वाला।
‘अवगत’ = जानकारी रखने वाला, ‘दृश्य’ = जो दिखाई दे, ‘निरस्त’ = रद्द किया हुआ - इनमें से कोई भी दिए गए भाव को नहीं देता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
85
निम्नलिखित में से किस वाक्य में संज्ञा शब्द का प्रयोग किया गया है?
A.पश्चिम दिशा से आँधी चली।
B.कल तक रुकेगी।
C.अंदर मत आना।
D.तुम किसके साथ गए थे?
Solution
संज्ञा की पहचान
संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, दिशा या भाव के नाम को कहते हैं।
विकल्प (a) ‘पश्चिम दिशा से आँधी चली।’ में ‘दिशा’ और ‘आँधी’ जातिवाचक संज्ञाएँ हैं तथा ‘पश्चिम’ दिशावाचक संज्ञा है।
शेष वाक्यों में ‘कल’ और ‘अंदर’ क्रियाविशेषण हैं तथा ‘तुम’, ‘किसके’ सर्वनाम हैं - किसी में एक भी संज्ञा नहीं आई।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
86
‘मुझे एक ____ गरम दूध पिला दो।’ वाक्य के रिक्त स्थान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त देशज शब्द चुनिए।
A.गिलास
B.थरमस
C.कप
D.कटोरा
Solution
देशज शब्द
देशज वे शब्द हैं जो क्षेत्रीय बोलियों से हिंदी में आए हैं; विदेशी भाषाओं से आए शब्द विदेशज (आगत) कहलाते हैं।
‘गिलास’ (glass), ‘थरमस’ (thermos) और ‘कप’ (cup) - ये तीनों अंग्रेज़ी से आए विदेशज शब्द हैं।
‘कटोरा’ ही देशज शब्द है; अतः वाक्य होगा - मुझे एक कटोरा गरम दूध पिला दो।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
87
दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए।
हम अवश्य ही जाएँगे।
A.हम तो अवश्य ही जाएँगे।
B.हम तो अवश्यमें जाएँगे।
C.हम तो जाएँगे ही।
D.हम तो अवश्य जाएँगे।
Solution
वाक्य शुद्धि - पुनरुक्ति दोष
‘अवश्य’ में ही निश्चय का भाव निहित है; उसके बाद ‘ही’ जोड़ने से एक ही भाव दो बार आ जाता है - यह पुनरुक्ति दोष है।
अतः ‘अवश्य ही’ के स्थान पर केवल ‘अवश्य’ रखना चाहिए।
(a) में ‘ही’ वैसा ही बना हुआ है, (b) का ‘अवश्यमें’ कोई शब्द ही नहीं है, और (c) में ‘अवश्य’ हटा देने से निश्चय का भाव ही कमज़ोर पड़ जाता है।
शुद्ध वाक्य - हम तो अवश्य जाएँगे।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
88
निम्न में से ‘सूर्यसुत’ का पर्याय है-
A.सूर्यसुता
B.देवनदी
C.जन्मकलया
D.उदक
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘सूर्यसुत’ का शाब्दिक अर्थ है - सूर्य की संतान (‘सुत’ = पुत्र/संतान)।
दिए गए विकल्पों में सूर्य से उत्पन्न होने का यही भाव केवल ‘सूर्यसुता’ में मिलता है, जो यमुना का पर्याय है - यमुना सूर्य की पुत्री मानी जाती है, इसीलिए उसे रविजा, अर्कजा और कालिंदी भी कहा जाता है।
‘देवनदी’ गंगा का पर्याय है और ‘उदक’ का अर्थ केवल जल है; इनका सूर्य से कोई संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
89
निम्नलिखित में से ‘देशज’ शब्द-युक्त विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण करें-
एक सुंदर चिड़िया इस पेड़ की ____।
A.फुनगी पर बैठी है
B.डाली पर बैठी है
C.टहनी पर बैठी है
D.शाखा पर बैठी है
Solution
देशज शब्द
पेड़ की सबसे ऊपरी, पतली-सी टहनी को ‘फुनगी’ कहते हैं - यह बोलियों से आया देशज शब्द है।
‘शाखा’ तत्सम शब्द है तथा ‘डाली’ और ‘टहनी’ तद्भव कोटि के प्रचलित शब्द हैं; देशज इनमें से कोई नहीं।
अर्थ चारों विकल्पों का लगभग एक-सा है, इसलिए निर्णय शब्द की व्युत्पत्ति से ही होगा।
पूर्ण वाक्य - एक सुंदर चिड़िया इस पेड़ की फुनगी पर बैठी है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
90
‘ज्योत्सना’ पर्याय है-
A.चमक का
B.सीता का
C.बिजली का
D.चाँदनी का
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘ज्योत्सना’ (शुद्ध रूप - ‘ज्योत्स्ना’) का अर्थ है चंद्रमा का प्रकाश, अर्थात् चाँदनी।
‘चंद्रिका’, ‘कौमुदी’ और ‘चंद्रप्रभा’ भी इसी के पर्यायवाची हैं।
‘चमक’ किसी भी वस्तु की सामान्य आभा है और ‘बिजली’ विद्युत् - दोनों चंद्रप्रकाश का विशिष्ट अर्थ नहीं देते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
91
‘जो अपनी हत्या स्वयं करे’ वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द होगा-
A.हत्यारा
B.आत्मोत्सर्ग
C.रक्तपिपासु
D.आत्मघाती
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
‘जो अपनी हत्या स्वयं करे’ - आत्म (स्वयं) + घाती (मारने वाला) = ‘आत्मघाती’।
‘हत्यारा’ दूसरे की हत्या करने वाले को कहते हैं, ‘रक्तपिपासु’ का अर्थ है खून का प्यासा।
‘आत्मोत्सर्ग’ किसी बड़े उद्देश्य के लिए स्वयं को न्योछावर करने का भाव है - वह क्रिया का नाम है, व्यक्ति का नहीं, इसलिए यहाँ नहीं चलेगा।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
92
‘इस ____ में लेखक का व्यक्तित्व प्रधान है और विषय गौण है।’ उपयुक्त रिक्त स्थान के लिए कौन-सा एकार्थी शब्द प्रयुक्त किया जाएगा?
A.प्रबंध
B.निबंध
C.गद्य काव्य
D.लेख
Solution
एकार्थी शब्द
जिस गद्य-विधा में विषय गौण रहता है और लेखक का व्यक्तित्व प्रधान हो जाता है, वह ‘निबंध’ है; आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने निबंध को ‘गद्य की कसौटी’ कहा है।
‘प्रबंध’ एक कथासूत्र में बँधी बड़ी रचना है, ‘लेख’ में विषय एवं सूचना ही प्रधान रहती है, और ‘गद्य काव्य’ में काव्य-जैसा भाव-सौंदर्य प्रधान होता है।
अतः रिक्त स्थान में ‘निबंध’ ही उपयुक्त है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
93
‘चिकना घड़ा होना’ मुहावरे का सही अर्थ इनमें से क्या होगा?
A.बिना पानी के रहना
B.निर्लज्ज होना
C.गुस्सा करना
D.सिर पर बाल नहीं होना
Solution
मुहावरा
‘चिकना घड़ा होना’ मुहावरे का अर्थ है - कहने-सुनने का कोई असर न होना; निर्लज्ज होना।
जैसे चिकने घड़े पर पानी नहीं ठहरता, वैसे ही ऐसे व्यक्ति पर उपदेश या डाँट का प्रभाव नहीं ठहरता।
‘बिना पानी के रहना’ और ‘सिर पर बाल नहीं होना’ मुहावरे के शब्दों का सीधा शाब्दिक अर्थ भर है, जो मुहावरे का अर्थ कभी नहीं होता।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
94
निम्न में से किस वाक्य में कारक-चिह्न का अशुद्ध प्रयोग हुआ है?
A.मैंने उसे इशारा किया मगर वह बोलता ही चला गया।
B.सैनिक के दुश्मन को देखा और गोलियाँ बरसाने लगा।
C.आँधी ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया।
D.उसने देखा कि पूरा वृक्ष बाढ़ में डूबा है।
Solution
कारक का प्रयोग
सामान्य भूतकाल की सकर्मक क्रिया के साथ कर्ता में ‘ने’ परसर्ग लगता है।
विकल्प (b) में ‘सैनिक के दुश्मन को देखा’ लिखा है, जहाँ कर्ता के साथ संबंध कारक का चिह्न ‘के’ लगा दिया गया है, जबकि आवश्यकता कर्ता कारक के चिह्न ‘ने’ की थी।
शुद्ध वाक्य - सैनिक ने दुश्मन को देखा और गोलियाँ बरसाने लगा।
शेष वाक्यों में ‘मैंने’, ‘आँधी ने’ तथा ‘बाढ़ में’ का प्रयोग नियमानुसार शुद्ध है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
95
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
वृक्ष में फल लगे हैं।
A.में
B.फल
C.लगे
D.वृक्ष
Solution
कारक चिह्न की अशुद्धि
‘में’ और ‘पर’ दोनों अधिकरण कारक के चिह्न हैं, पर ‘में’ भीतर होने का तथा ‘पर’ ऊपर या सतह पर होने का भाव देता है।
फल वृक्ष के भीतर नहीं, उसकी डालों के ऊपर लगते हैं, इसलिए अशुद्धि ‘में’ खंड में है।
शुद्ध वाक्य - वृक्ष पर फल लगे हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कृष्ण
B.शिव
C.राम
D.नारद
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
गद्यांश का विषय ही ‘उपालंभ काव्य’ है, जिसमें गोपियाँ मथुरा चले गए कृष्ण को उलाहना देती हैं।
आगे की पंक्ति ‘कृष्ण ____ छोड़कर मथुरा जाते हैं’ स्वयं स्पष्ट कर देती है कि मथुरा-प्रवास कृष्ण का ही है।
‘शिव’, ‘राम’ और ‘नारद’ का इस प्रसंग से कोई संबंध नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.द्वारिका
B.काशी
C.गोकुल
D.अयोध्या
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
कृष्ण का बाल्यकाल गोकुल में बीता और वहीं से अक्रूर उन्हें मथुरा ले गए।
गद्यांश में जिन गोप-गोपियों, नंद, यशोदा और ग्वाल-बालों का उल्लेख है, वे सब गोकुल के ही हैं - इसी से रिक्त स्थान तय हो जाता है।
‘द्वारिका’ तो कृष्ण मथुरा के बाद बसाते हैं, अतः वह छोड़ा हुआ स्थान हो ही नहीं सकता; ‘काशी’ और ‘अयोध्या’ इस प्रसंग से असंबद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.संयोग
B.अनुपस्थिति
C.अभाव
D.वियोग
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
प्रिय के दूर चले जाने पर होने वाली पीड़ा को काव्यशास्त्र में ‘वियोग’ कहा जाता है।
गद्यांश की अंतिम पंक्ति में भी ‘वियोग-वेदना’ शब्द आया है, जो इसी शब्द की पुष्टि करता है।
‘संयोग’ तो इसका ठीक उल्टा है; ‘अनुपस्थिति’ और ‘अभाव’ सामान्य शब्द हैं, जो विरह की भाव-दशा नहीं जताते।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.इच्छा
B.आशा
C.आकांक्षा
D.निराशा
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य है - ‘कृष्ण के वापस आने की ____ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है’; नष्ट वही भाव होगा जो लौटने की प्रतीक्षा से जुड़ा हो।
‘आशा’ के नष्ट होने पर ही आकुलता बढ़ती है, और गद्यांश आगे यही कहता है।
‘निराशा’ रखने पर अर्थ उलट जाएगा - निराशा नष्ट होने से तो व्याकुलता घटेगी, बढ़ेगी नहीं।
‘इच्छा’ और ‘आकांक्षा’ केवल चाह का भाव देती हैं, किसी के लौट आने की प्रतीक्षा का नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
भक्ति-काव्य के अंतर्गत उपालंभ काव्य का प्रमुख आधार __(76)__ का मथुरा प्रवास है। कृष्ण __(77)__ छोड़कर मथुरा जाते हैं। गोप-गोपियाँ, नंद, यशोदा, ग्वाल-बाल सभी उनके __(78)__ में व्यथित हो जाते हैं। कृष्ण के वापस आने की __(79)__ जब धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है तब उनकी आकुलता अधिक बढ़ जाती है। अंततः गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में __(80)__ होती है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रस्तुत
B.व्यक्त
C.अनुमोदित
D.अनुभव
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य है - ‘गोपियों की वियोग-वेदना उपालंभ के रूप में ____ होती है’, अर्थात् भीतर की पीड़ा उलाहने के रूप में बाहर प्रकट होती है।
भाव के प्रकट होने के लिए उपयुक्त शब्द ‘व्यक्त’ है; ‘व्यक्त होना’ का अर्थ ही है - प्रकट होना।
‘प्रस्तुत’ किसी वस्तु या विषय को जान-बूझकर सामने रखने के अर्थ में आता है, जो स्वतः फूट पड़ने वाली वेदना के लिए ठीक नहीं; ‘अनुमोदित’ का अर्थ समर्थित है और ‘अनुभव’ के साथ ‘होती है’ क्रिया-रूप बैठता ही नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
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