SSC GD Constable 20 February 2025 · Shift 1 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 170 of 210
20 February 2025 · Shift 1
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘नीरद’ पर्याय है-
A.सरस्वती का
B.विष्णु का
C.बादल का
D.कमल का
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘नीरद’ शब्द ‘नीर’ (जल) + ‘द’ (देने वाला) के योग से बना है, अर्थात् जो जल देता है।
जल देने वाला बादल ही है, अतः ‘नीरद’ बादल का पर्यायवाची शब्द है।
बादल के अन्य पर्याय - जलद, घन, मेघ, वारिद, पयोद, अंबुद।
ध्यान रखें कि ‘नीरज’ (जल में जन्मा) कमल है और ‘नीरद’ बादल; इसी समानता के कारण विकल्प (d) भ्रम पैदा करता है।
अतः सही विकल्प (c) है।
82
‘जब मदारी डमरू बजा रहा था तब बन्दर नाच रहा था।’ निम्नलिखित विकल्पों में से इस वाक्य के लिए कौन-सा एक उचित संयुक्त वाक्य होगा?
A.बन्दर नाच रहा था, मदारी डमरू बजा रहा था।
B.जब मदारी के डमरू पर बन्दर नाच रहा था।
C.मदारी डमरू बजा रहा था या बन्दर नाच रहा था।
D.जब मदारी डमरू बजा रहा था और बन्दर नाच रहा था।
Solution
संयुक्त वाक्य
संयुक्त वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य समुच्चयबोधक (और, तथा, किंतु, परंतु) से जुड़े रहते हैं।
दिया गया वाक्य ‘जब…तब’ से जुड़ा मिश्र वाक्य है; इसे संयुक्त बनाने के लिए ‘तब’ के स्थान पर योजक ‘और’ रखना होगा।
विकल्प (d) में दोनों क्रियाओं को ‘और’ जोड़ता है और मूल अर्थ - दोनों घटनाएँ साथ-साथ हो रही थीं - भी सुरक्षित रहता है।
(a) में कोई योजक नहीं, केवल अल्पविराम है; (c) का ‘या’ विकल्प का बोध कराकर अर्थ बदल देता है; (b) अपूर्ण वाक्य है।
अतः सही विकल्प (d) है।
83
निम्नलिखित वाक्य को विदेशज शब्द के माध्यम से पूर्ण करें-
____ साहब ने सभी हवलदारों की अच्छी परेड करवाई।
A.पेटिका
B.आफीन
C.कमिश्नर
D.अखवाट
Solution
विदेशज शब्द
विदेशज शब्द वे हैं जो अंग्रेज़ी, अरबी, फ़ारसी, तुर्की आदि विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
‘कमिश्नर’ अंग्रेज़ी के Commissioner से आया विदेशज शब्द है और हवलदारों की परेड वाले प्रसंग में अर्थ की दृष्टि से भी ठीक बैठता है।
‘पेटिका’ तत्सम (संस्कृत) शब्द है, अतः विदेशज नहीं; ‘आफीन’ और ‘अखवाट’ अशुद्ध एवं संदर्भ से असंगत रूप हैं।
अतः सही विकल्प (c) है।
84
मुहावरे और उसके अर्थ के लिए सही विकल्प चुनें-
अकड़ दिखाना
A.धौंस दिखाना
B.अकड़ कर खड़े रहना
C.घमंड करना
D.शरीर कड़ा करना
Solution
मुहावरा और अर्थ
मुहावरे का अर्थ शब्दों के शाब्दिक अर्थ से नहीं, उनके रूढ़ लाक्षणिक अर्थ से लिया जाता है।
‘अकड़ दिखाना’ का रूढ़ अर्थ है - घमंड करना; जैसे - ‘पद मिलते ही वह सबके सामने अकड़ दिखाने लगा।’
(b) ‘अकड़ कर खड़े रहना’ तथा (d) ‘शरीर कड़ा करना’ शब्दों के शाब्दिक अर्थ हैं, मुहावरे के नहीं।
(a) ‘धौंस दिखाना’ में भय दिखाकर दबाने का भाव है, जो ‘रोब जमाना’ का अर्थ है, घमंड का नहीं।
अतः सही विकल्प (c) है।
85
‘यह नाटक बहुत अच्छे हैं।’ पुल्लिंग की दृष्टि से वाक्य का शुद्ध रूप है-
A.यह नाटक बहुत अच्छी है।
B.यह नाटक बहुत अच्छा है।
C.यह नाटक अच्छा था।
D.नाटक अच्छा हो सकता है।
Solution
लिंग-वचन के अनुसार वाक्य-शुद्धि
नियम यह है कि विशेषण और क्रिया अपनी संज्ञा के लिंग तथा वचन के अनुसार चलते हैं।
‘यह नाटक’ पुल्लिंग एकवचन है, अतः उसके साथ ‘अच्छे हैं’ (बहुवचन) अशुद्ध है; शुद्ध रूप ‘अच्छा है’ होगा।
(a) में ‘अच्छी’ स्त्रीलिंग होने से अशुद्ध है; (c) और (d) वाक्य के काल तथा भाव को ही बदल देते हैं, जबकि प्रश्न केवल लिंग-वचन की शुद्धि माँगता है।
अतः सही विकल्प (b) है।
86
‘पितृश्वसा’ का उचित तद्भव रूप चुनकर वाक्य पूर्ण करें-
यह उसकी ____ है।
A.बुआ
B.पतोहू
C.मौसी
D.परछाई
Solution
तत्सम-तद्भव शब्द
तद्भव शब्द वे हैं जो संस्कृत के तत्सम शब्दों से रूप बदलकर हिंदी में प्रचलित हुए।
संस्कृत ‘पितृश्वसा’ का अर्थ है पिता की बहन, जिसका तद्भव रूप हिंदी में ‘बुआ’ (फूफी) है।
‘मौसी’ माता की बहन है, जो ‘मातृश्वसा’ का तद्भव है; ‘पतोहू’ पुत्रवधू का और ‘परछाई’ प्रतिच्छाया का तद्भव है।
अतः पूर्ण वाक्य होगा - ‘यह उसकी बुआ है।’ सही विकल्प (a) है।
87
लिंग-निर्णय की दृष्टि से निम्नलिखित में से किस द्रव का नाम स्त्रीलिंग में होता है?
A.मृदा
B.लस्सी
C.शरबत
D.पानी
Solution
द्रव-नामों का लिंग-निर्णय
प्रश्न एक साथ दो शर्तें रखता है - शब्द किसी द्रव (तरल पदार्थ) का नाम हो, और वह स्त्रीलिंग हो।
हिंदी में अधिकांश द्रव-नाम पुल्लिंग होते हैं - पानी, दूध, तेल, रस, शरबत; इसी नियम से (c) शरबत और (d) पानी बाहर हो जाते हैं।
‘लस्सी’ द्रव भी है और स्त्रीलिंग भी - ‘लस्सी मीठी है।’, अतः दोनों शर्तें केवल यही पूरी करती है।
‘मृदा’ स्त्रीलिंग अवश्य है, परंतु उसका अर्थ मिट्टी है, द्रव नहीं; इसी कारण वह उत्तर नहीं बनती।
अतः सही विकल्प (b) है।
88
रेखांकित शब्द के विलोम से दिया गया वाक्य पूर्ण करें-निर्मल हृदय में ही ईश्वर का वास होता है-____ हृदय में तो शैतान ही बसता है।
A.निःछल
B.कुटिल
C.मलिन
D.अस्वच्छ
Solution
विलोम शब्द
वाक्य में दो हृदयों की तुलना है - एक में ईश्वर का वास, दूसरे में शैतान; अतः रिक्त स्थान में ‘निर्मल’ का विलोम ही आएगा।
‘निर्मल’ अर्थात् मल से रहित, स्वच्छ; इसका मानक विलोम ‘मलिन’ (मल से युक्त) है।
‘निःछल’ तो छलरहित के अर्थ में ‘निर्मल’ का पर्याय-सा है, विलोम नहीं; ‘कुटिल’ का विलोम ‘सरल’ होता है।
‘अस्वच्छ’ केवल गंदगी का सामान्य भाव देता है, जबकि तत्सम युग्म ‘निर्मल × मलिन’ ही शास्त्रसम्मत है।
अतः पूर्ण वाक्य होगा - ‘…मलिन हृदय में तो शैतान ही बसता है।’ सही विकल्प (c) है।
89
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
सांस्कृतिक जागृति के बाद राष्ट्रिय जागृति आती है।
A.सांस्कृतिक
B.जागृति
C.राष्ट्रिय
D.आती है
Solution
वर्तनी अशुद्धि
‘राष्ट्र’ से विशेषण बनाते समय ‘ईय’ प्रत्यय लगता है - राष्ट्र + ईय = ‘राष्ट्रीय’, जिसमें दीर्घ ‘ई’ की मात्रा आती है।
वाक्य में लिखा ‘राष्ट्रिय’ ह्रस्व ‘इ’ के कारण अशुद्ध है, अतः त्रुटि खंड (c) में है।
शेष खंड - ‘सांस्कृतिक’, ‘जागृति’ तथा ‘आती है’ - वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
शुद्ध वाक्य - ‘सांस्कृतिक जागृति के बाद राष्ट्रीय जागृति आती है।’ अतः सही विकल्प (c) है।
90
‘अंक’ शब्द का अनेकार्थी निम्न में से कौन-सा असंगत है?
A.गोद
B.नाटक का भाग
C.धागा
D.संख्या
Solution
अनेकार्थी शब्द
अनेकार्थी शब्द वे हैं जिनके एक ही रूप के अनेक अर्थ होते हैं।
‘अंक’ के प्रचलित अर्थ हैं - गोद (माँ के अंक में), संख्या, नाटक का एक भाग, चिह्न तथा प्राप्तांक।
‘धागा’ इनमें कहीं नहीं आता; धागे के लिए ‘सूत’, ‘तंतु’ या ‘डोरा’ शब्द प्रयुक्त होते हैं।
प्रश्न असंगत अर्थ पूछ रहा है, अतः सही विकल्प (c) है।
91
‘यह झूठी प्राकृतिक है।’ रेखांकित शब्द के उचित विलोम शब्द का चयन कीजिए।
A.बनावटी
B.विपुल
C.कृत्रिम
D.नैसर्गिक
Solution
विलोम शब्द
रेखांकित शब्द ‘प्राकृतिक’ है, जिसका अर्थ है - प्रकृति से उत्पन्न, स्वतः बना हुआ।
इसका मानक तत्सम विलोम ‘कृत्रिम’ है, अर्थात् जो मनुष्य द्वारा बनाया गया हो (युग्म - प्राकृतिक × कृत्रिम)।
‘नैसर्गिक’ तो ‘प्राकृतिक’ का पर्यायवाची है, विलोम नहीं; ‘विपुल’ (प्रचुर) का इस अर्थ से कोई संबंध ही नहीं।
‘बनावटी’ भाव में निकट अवश्य है, पर वह देशज शैली का शब्द है; तत्सम शब्द का विलोम तत्सम में ही दिया जाता है, इसलिए ‘कृत्रिम’ ही उचित विलोम है।
अतः सही विकल्प (c) है।
92
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित पद के बदले कौन-सा विकल्प उपयुक्त होगा?
बूढ़ी काकी जूठी पत्तलों को चाटने लगी।
A.चाटने
B.चबाने
C.निगलने
D.देखने
Solution
उपयुक्त पद-चयन
यह प्रेमचंद की कहानी ‘बूढ़ी काकी’ का प्रसंग है, जिसमें भूख से विवश काकी जूठी पत्तलों की ओर बढ़ती है।
पत्तल पर बचा हुआ लेप-सा भोजन ‘चाटा’ ही जाता है, अतः रेखांकित पद ‘चाटने’ ही यहाँ सबसे स्वाभाविक और सटीक क्रिया है।
‘चबाने’ और ‘निगलने’ ठोस भोजन के लिए प्रयुक्त होते हैं, जो जूठी पत्तल के संदर्भ में असंगत हैं; ‘देखने’ रखने पर काकी की विवशता का पूरा भाव ही समाप्त हो जाता है।
अर्थात् रेखांकित पद के स्थान पर कोई बदलाव आवश्यक नहीं; अतः सही विकल्प (a) है।
93
इनमें से ‘संकीर्ण’ का विलोम शब्द कौन-सा है?
A.विस्तीर्ण
B.विकिरण
C.प्रकीर्ण
D.अंतर्वीर्ण
Solution
विलोम शब्द
‘संकीर्ण’ का अर्थ है - सँकरा, तंग, संकुचित (जैसे - संकीर्ण गली, संकीर्ण सोच)।
इसका विलोम वही शब्द होगा जो चौड़े और फैले हुए का भाव दे - ‘विस्तीर्ण’ (विस्तृत, विशाल)।
‘प्रकीर्ण’ का अर्थ बिखरा हुआ तथा ‘विकिरण’ का अर्थ किरणों का फैलाव है; ये विलोम नहीं हैं और ‘अंतर्वीर्ण’ हिंदी का प्रचलित शब्द ही नहीं।
अतः सही विकल्प (a) है।
94
वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के त्रुटि वाले अंश की पहचान करें-
तूफानी बारिश के कारण गाँववाले अनिष्ठ की आशंका से काँप उठे।
A.तूफानी बारिश
B.अनिष्ठ की आशंका
C.के कारण गाँववाले
D.से काँप उठे
Solution
वर्तनी अशुद्धि
‘अनिष्ट’ शब्द ‘अन् + इष्ट’ से बना है, अर्थात् जो इष्ट (शुभ) न हो - अशुभ, बुरा।
मूल शब्द ‘इष्ट’ में ‘ष्ट’ है, ‘ष्ठ’ नहीं; इसलिए वाक्य में लिखा ‘अनिष्ठ’ अशुद्ध है और त्रुटि खंड (b) में है।
शेष खंड - ‘तूफानी बारिश’, ‘के कारण गाँववाले’ तथा ‘से काँप उठे’ - वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
शुद्ध वाक्य - ‘तूफानी बारिश के कारण गाँववाले अनिष्ट की आशंका से काँप उठे।’ अतः सही विकल्प (b) है।
95
दिए गए वाक्य में शब्द या वाक्य-खंड को बदलिए-
मैं गाने का कसरत कर रहा हूँ।
A.मैं गाने का अभ्यास कर रहा हूँ।
B.मैं गाना का कसरत ही कर रहा हूँ।
C.मैं गाने का ही कसरत कर रहा हूँ।
D.मैं गाने की कसरत कर रहा हूँ।
Solution
वाक्य-शुद्धि (शब्द-चयन)
‘कसरत’ का अर्थ है शारीरिक व्यायाम; गाने के संदर्भ में अभ्यास या रियाज़ किया जाता है, कसरत नहीं।
इसके अतिरिक्त ‘कसरत’ स्त्रीलिंग शब्द है, अतः ‘गाने का कसरत’ में परसर्ग ‘का’ भी अशुद्ध है।
विकल्प (a) में ‘कसरत’ के स्थान पर उपयुक्त शब्द ‘अभ्यास’ (पुल्लिंग) रखा गया है, जिससे शब्द-चयन और परसर्ग दोनों एक साथ शुद्ध हो जाते हैं।
(d) केवल ‘का’ को ‘की’ करके लिंग-दोष हटाता है, पर असंगत शब्द ‘कसरत’ ज्यों-का-त्यों बना रहने से वाक्य अर्थ की दृष्टि से अशुद्ध ही रहता है।
अतः सही विकल्प (a) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.युद्ध
B.संघर्ष
C.समृद्धता
D.विवाह
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के आगे लिखा है - ‘हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए’, अर्थात् इस घटना के परिणामस्वरूप संतान हुई।
‘महाराज शांतनु का सत्यवती से’ के साथ ‘विवाह’ ही अर्थ और व्याकरण दोनों में बैठता है (किसी से विवाह होना)।
‘युद्ध’ या ‘संघर्ष’ रखने पर संतान वाला अगला अंश निरर्थक हो जाता है, और ‘समृद्धता’ ‘से’ परसर्ग के साथ नहीं चलती।
अतः सही विकल्प (d) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.कर्ण
B.दुर्योधन
C.दुशासन
D.युधिष्ठिर
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य है - ‘धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें ____ सबसे बड़ा था।’ अतः रिक्त स्थान में धृतराष्ट्र के ही किसी पुत्र का नाम आएगा।
धृतराष्ट्र के सौ पुत्रों में ज्येष्ठ दुर्योधन था; दुःशासन उससे छोटा था, इसलिए (c) नहीं चलेगा।
‘कर्ण’ कुंती का पुत्र था और ‘युधिष्ठिर’ पांडु का, अतः दोनों धृतराष्ट्र-पुत्र ही नहीं हैं।
गद्यांश में आगे भी ‘दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था’ लिखा है, जो इसी उत्तर की पुष्टि करता है। सही विकल्प (b) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.गौरव
B.युद्ध
C.वंश
D.कौरव
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य में ‘तथा’ के दोनों ओर समान रचना है - ‘धृतराष्ट्र के पुत्र ____’ और ‘पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे’।
जैसे पांडु के पुत्र ‘पांडव’ कहलाए, वैसे ही धृतराष्ट्र के पुत्र कुरुवंश के कारण ‘कौरव’ कहलाए।
‘गौरव’, ‘युद्ध’ और ‘वंश’ किसी संतान-समूह के नाम के रूप में यहाँ नहीं बैठते।
अतः सही विकल्प (d) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.गदा युद्ध
B.द्वंद्व युद्ध
C.तलवारबाजी
D.धनुर्विद्या
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य है - ‘अर्जुन ____ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे।’, अर्थात् दोनों की अलग-अलग विशेषज्ञता बताई जा रही है।
अर्जुन धनुर्धर के रूप में प्रसिद्ध थे, अतः रिक्त स्थान में ‘धनुर्विद्या’ ही उपयुक्त है।
‘गदा युद्ध’ भीम और दुर्योधन की विद्या थी, तथा ‘द्वंद्व युद्ध’ एवं ‘तलवारबाजी’ अर्जुन की विशेष पहचान नहीं हैं।
अतः सही विकल्प (d) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
महाराज शांतनु का सत्यवती से __(76)__ हुआ और उससे उनके दो पुत्र हुए-चित्रांगद और विचित्रवीर्य। चित्रांगद निःसंतान मरे और विचित्रवीर्य की धृतराष्ट्र और पांडु नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। धृतराष्ट्र जन्मांध थे, अतः राज्यगद्दी पांडु को प्राप्त हुई। धृतराष्ट्र के सौ पुत्र हुए जिनमें __(77)__ सबसे बड़ा था। पांडु के क्रमशः युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव पाँच पुत्र हुए। धृतराष्ट्र के पुत्र __(78)__ तथा पांडु के पुत्र पांडव कहे जाते थे। अर्जुन __(79)__ में, भीम मल्लयुद्ध में अद्वितीय थे। दुर्योधन पांडवों से ईर्ष्या रखता था। भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था। __(80)__ उनके पितामह लगते थे।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.शांतनु
B.धृतराष्ट्र
C.पांडु
D.भीष्म
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
पिछले वाक्य का कर्ता भीष्म हैं - ‘भीष्म ने इन राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबंध किया था।’
अगला वाक्य उसी संदर्भ को आगे बढ़ाता है - ‘____ उनके पितामह लगते थे।’, अतः रिक्त स्थान में ‘भीष्म’ ही आएगा।
भीष्म शांतनु के पुत्र थे और धृतराष्ट्र तथा पांडु की पिता-पीढ़ी के, इसलिए इन राजकुमारों के लिए वे पितामह लगते थे।
‘धृतराष्ट्र’ और ‘पांडु’ तो स्वयं इन राजकुमारों के पिता हैं, तथा ‘शांतनु’ इनसे एक पीढ़ी और ऊपर पड़ते हैं।
अतः सही विकल्प (d) है।
Finished reading? Now test yourself.
The same 20 questions, but with a timer and the answers hidden — 15 minutes.