SSC GD Constable 21 February 2025 · Shift 3 · Hindi — questions with answers · ShikshaSphere
Chapter 195 of 210
21 February 2025 · Shift 3
Hindi
20 questions ~20 min readFree
20 questions
A
81
‘बिजली’ का पर्याय निम्न में से है-
A.दामिनी
B.वनिता
C.सरिता
D.सविता
Solution
पर्यायवाची शब्द
‘बिजली’ के पर्यायवाची शब्द हैं - दामिनी, तड़ित, चपला, विद्युत, सौदामिनी, बिजुरी।
अतः दिए गए विकल्पों में ‘दामिनी’ ही बिजली का पर्याय है।
शेष विकल्प भिन्न अर्थ रखते हैं - ‘वनिता’ का अर्थ स्त्री, ‘सरिता’ का नदी तथा ‘सविता’ का सूर्य है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
82
‘कुछ ढंग का लिखो-पढ़ो तो बात बने, खाली कागजी घोड़े दौड़ाने से क्या लाभ?’ रेखांकित मुहावरे को वाक्यांशक मुहावरा चुनकर प्रतिस्थापित करें-
A.किस्सा खड़ा करने से
B.कसौटी पर कसने से
C.कागज काले करने से
D.कव कर जाने से
Solution
मुहावरा-प्रतिस्थापन
‘कागजी घोड़े दौड़ाना’ का अर्थ है - केवल लिखा-पढ़ी करते रहना, कागज पर योजनाएँ बनाना, पर व्यावहारिक काम कुछ न करना।
वाक्य में इसी निरर्थक लेखन पर व्यंग्य है, और ‘कागज काले करना’ का अर्थ भी व्यर्थ लिखते रहना ही है; अतः यही समानार्थी मुहावरा रेखांकित अंश की जगह ले सकता है।
‘किस्सा खड़ा करना’ = झूठी बात गढ़ना, ‘कसौटी पर कसना’ = परख करना - दोनों का भाव यहाँ के भाव से भिन्न है; ‘कव कर जाना’ हिंदी का प्रचलित मुहावरा ही नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
83
‘तुम्हारे पास समय की कोई ____ है कि नहीं, मैं कभी तो वक्त पर आओ!’ उचित सार्थक और निरर्थक शब्द-युग्म वाले विकल्प का चयन करके उपरोक्त वाक्य पूर्ण करें-
A.जरूरत-बरतट
B.साठ-गाँठ
C.मूल्य-सूल्य
D.कीमत-वीमत
Solution
सार्थक-निरर्थक शब्द-युग्म
सार्थक-निरर्थक युग्म में पहला शब्द अर्थवान होता है और दूसरा उसी का तुकांत निरर्थक अनुकरण, जो केवल बल देने के लिए जोड़ा जाता है।
वाक्य में ‘समय की कोई ____’ आया है, इसलिए रिक्त स्थान में स्त्रीलिंग संज्ञा चाहिए - ‘कीमत’ स्त्रीलिंग तथा सार्थक है और ‘वीमत’ उसका निरर्थक अनुकरण; वाक्य बनता है - तुम्हारे पास समय की कोई कीमत-वीमत है कि नहीं।
विकल्प (c) में ‘मूल्य’ पुल्लिंग है, उसके लिए ‘समय का कोई मूल्य’ कहना पड़ता, अतः वह वाक्य में नहीं बैठता।
विकल्प (b) में ‘साठ’ और ‘गाँठ’ दोनों सार्थक हैं (यह स्वयं एक मुहावरा है), इसलिए यह सार्थक-निरर्थक युग्म नहीं; विकल्प (a) रखने पर अर्थ बदलकर ‘समय की आवश्यकता’ हो जाता है, जबकि वाक्य समय के मूल्य की बात कर रहा है।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
84
निम्नलिखित वाक्य के किस खंड में अशुद्धि है?
भिखारी ने राजा को आशिर्वाद दिया।
A.आशिर्वाद
B.राजा
C.भिखारी
D.दिया
Solution
वर्तनी अशुद्धि
‘आशीर्वाद’ शब्द ‘आशीः + वाद’ की संधि से बना है, जिसमें ‘शी’ की दीर्घ ‘ई’ मात्रा अनिवार्य है।
वाक्य में लिखा ‘आशिर्वाद’ ह्रस्व ‘इ’ के कारण अशुद्ध है - यही अशुद्धि वाला खंड है।
‘भिखारी’, ‘राजा’ तथा ‘दिया’ तीनों खंड वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध हैं।
शुद्ध वाक्य होगा - भिखारी ने राजा को आशीर्वाद दिया। इसलिए सही विकल्प (a) है।
85
‘सीधा’ शब्द का अर्थ निम्न में से नहीं है-
A.जो टेढ़ा न हो
B.सरल
C.वाम
D.दाहिना
Solution
शब्द-अर्थ (भिन्नार्थक)
‘सीधा’ के प्रचलित अर्थ हैं - जो टेढ़ा न हो, सरल/सहज, तथा दाहिना (जैसे ‘सीधा हाथ’ अर्थात दाहिना हाथ)।
‘वाम’ का अर्थ बायाँ है, जो ‘सीधा’ (दाहिना) का विलोम है - पर्याय नहीं।
प्रश्न पूछता है कि कौन-सा अर्थ ‘सीधा’ का नहीं है, अतः वही उत्तर होगा जो अर्थ-सूची से बाहर है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
86
उसने खाना खाया और मेला देखने चला गया। निम्नलिखित विकल्पों में से इस वाक्य के लिए उचित सरल वाक्य चुनिए-
A.खाना खाकर उसने मेला देखा।
B.उसने खाना खाया, मेला देखने चला गया।
C.खाना खाकर वह मेला देखने चला गया।
D.खाना खाया और मेला देखने चला गया।
Solution
सरल वाक्य में रूपांतरण
सरल वाक्य में एक ही कर्ता और एक ही मुख्य क्रिया, अर्थात एक ही स्वतंत्र उपवाक्य होता है।
दिया गया वाक्य संयुक्त है - ‘और’ से दो स्वतंत्र उपवाक्य जुड़े हैं; इसे सरल बनाने के लिए पहली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया ‘खाकर’ में बदल दिया जाता है।
‘खाना खाकर वह मेला देखने चला गया।’ में मुख्य क्रिया केवल ‘चला गया’ है और मूल अर्थ भी ज्यों-का-त्यों बना रहता है।
विकल्प (a) में अर्थ बदल जाता है (मेला देखने जाना नहीं, मेला देख लेना); (b) में दोनों क्रियाएँ ज्यों-की-त्यों रहने से वाक्य संयुक्त ही रहता है; (d) में कर्ता ही लुप्त है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
87
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि वाक्य के किस भाग में वर्तनी संबंधी त्रुटि है?
तिरंगा हमारा राष्ट्रीय धवज है।
A.तिरंगा
B.धवज है
C.हमारा
D.राष्ट्रीय
Solution
वर्तनी संबंधी त्रुटि
‘ध्वज’ में ‘ध्’ और ‘व’ मिलकर संयुक्त व्यंजन ‘ध्व’ बनाते हैं; वाक्य में इसे ‘धवज’ लिखा गया है, जहाँ हलंत हटने से वर्तनी अशुद्ध हो गई है।
अतः त्रुटि ‘धवज है’ खंड में है और शुद्ध रूप ‘ध्वज’ होगा।
‘तिरंगा’, ‘हमारा’ तथा ‘राष्ट्रीय’ तीनों की वर्तनी शुद्ध है।
शुद्ध वाक्य होगा - तिरंगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज है। इसलिए सही विकल्प (b) है।
88
दिए गए वाक्य का शुद्ध रूप होगा-
राहुल गेंद से खेल रहा है।
A.राहुल गेंद खेला रहा है।
B.राहुल गेंद से खेल रहा है।
C.राहुल गेंद की द्वारा खेल रहा है।
D.मेरा राहुल से खेल रहा है।
Solution
कारक-प्रयोग (वाक्य शुद्धि)
वाक्य में ‘गेंद’ खेलने का साधन है, और साधन का बोध कराने वाला करण कारक का चिह्न ‘से’ होता है।
अतः ‘राहुल गेंद से खेल रहा है।’ पहले से ही शुद्ध वाक्य है।
विकल्प (a) में ‘खेला रहा है’ क्रिया-रूप ही अशुद्ध है; (c) में ‘द्वारा’ के पूर्व ‘की’ नहीं आता (और सजीव कर्ता के साधन के लिए ‘द्वारा’ उपयुक्त भी नहीं); (d) में कर्ता बदल जाने से वाक्य निरर्थक हो जाता है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
89
निम्नलिखित वाक्य को ध्यानपूर्वक पढ़ें और बताएं कि प्रस्तुत विकल्पों में से कौन-सा विकल्प चिह्नित शब्द का विलोम शब्द है?
श्रीमन् जी! आपने बहुत समय से कुछ खाया नहीं है, कृपया आहार ग्रहण कीजिए।
A.अत्र
B.भोजन
C.निराहार
D.नीहार
Solution
विलोम शब्द
चिह्नित शब्द ‘आहार’ का अर्थ भोजन है।
उसमें निषेधवाचक उपसर्ग ‘निर्’ जोड़ने पर ‘निराहार’ बनता है, जिसका अर्थ है बिना भोजन के रहना; अतः यही ‘आहार’ का विलोम है।
‘भोजन’ तो ‘आहार’ का पर्यायवाची है, विलोम नहीं; ‘नीहार’ का अर्थ कुहरा/ओस है और ‘अत्र’ का इससे कोई विलोम-संबंध नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
90
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द चुनिए-
संसद में सदस्यता रखने वाला
A.विधेयक
B.विधायक
C.सांसद
D.संसद
Solution
वाक्यांश के लिए एक शब्द
संसद की सदस्यता रखने वाले व्यक्ति के लिए एक शब्द ‘सांसद’ है (Member of Parliament)।
‘विधायक’ विधानसभा का सदस्य होता है, संसद का नहीं; ‘विधेयक’ सदन में प्रस्तुत किया जाने वाला कानून का प्रारूप (Bill) है।
‘संसद’ स्वयं संस्था का नाम है, उसके सदस्य का नहीं।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
91
आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू है। वाक्य में झाड़ू शब्द है-
A.तत्सम
B.विदेशी
C.देशज
D.तद्भव
Solution
शब्द-स्रोत (देशज)
देशज वे शब्द हैं जो न संस्कृत से आए हैं और न किसी विदेशी भाषा से - वे स्थानीय बोलचाल से हिंदी में आ गए, जैसे झाड़ू, लोटा, खिड़की, पगड़ी, ठेठ।
‘झाड़ू’ का कोई संस्कृत मूल रूप नहीं मिलता, इसलिए यह न तत्सम है और न तद्भव।
यह अरबी-फारसी, तुर्की या अंग्रेजी से भी नहीं आया, अतः विदेशी शब्द भी नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
92
निम्नलिखित वाक्यों में से लिंग संबंधी अशुद्धि वाला वाक्य ज्ञात कीजिए-
A.साड़ी की आँचल उड़ती है।
B.सूर्य की लालिमा आज दर्शनीय है।
C.बारिश हो रही है और हवा चल रही है।
D.इस स्थान की परिधि दूर तक है।
Solution
लिंग संबंधी अशुद्धि
‘आँचल’ पुल्लिंग संज्ञा है, इसलिए उसके साथ संबंधकारक ‘का’ तथा पुल्लिंग क्रिया-रूप ‘उड़ता है’ आना चाहिए।
विकल्प (a) में ‘की आँचल’ और ‘उड़ती है’ - दोनों स्त्रीलिंग रूप प्रयुक्त हैं; यही लिंग-संबंधी अशुद्धि है।
शुद्ध वाक्य होगा - साड़ी का आँचल उड़ता है।
शेष वाक्यों में ‘लालिमा’, ‘बारिश/हवा’ तथा ‘परिधि’ स्त्रीलिंग हैं और उनकी क्रियाएँ भी स्त्रीलिंग हैं, अतः वे शुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
93
‘विद्यालय के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि का मंच पर बहुत आदर किया गया।’ सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर वाक्य के रेखांकित अंश को बदलें-
A.श्रेष्ठता प्रदान
B.बहुत सम्मानित
C.भव्य स्वागत
D.बहुत उत्साहित
Solution
उपयुक्त पद-प्रयोग
रेखांकित अंश के स्थान पर वही पद रखा जा सकता है जो शेष वाक्य-संरचना ‘मुख्य अतिथि का … किया गया’ के साथ व्याकरण और अर्थ दोनों में बैठे।
मंच पर अतिथि के लिए प्रचलित एवं शिष्ट प्रयोग ‘भव्य स्वागत करना’ है - ‘मुख्य अतिथि का मंच पर भव्य स्वागत किया गया।’ पूर्णतः शुद्ध और सार्थक वाक्य है।
विकल्प (b) और (d) विशेषण-रूप हैं, जिनके साथ ‘का’ नहीं चलता - ‘अतिथि को बहुत सम्मानित किया गया’ कहना पड़ता; (a) ‘श्रेष्ठता प्रदान’ का भाव यहाँ असंगत है।
इसलिए सही विकल्प (c) है।
94
दिए गए शब्द का उचित विलोम शब्द चुनिए-
सुदूर
A.सन्निकट
B.दूर
C.विदूर
D.मुदूर
Solution
विलोम शब्द
‘सुदूर’ का अर्थ है - बहुत दूर स्थित; अतः उसका विलोम वह शब्द होगा जो ‘बिलकुल पास’ का बोध कराए।
‘सन्निकट’ (सम् + निकट) का अर्थ ही अत्यंत निकट है, इसलिए यही ‘सुदूर’ का उचित विलोम है।
‘दूर’ तथा ‘विदूर’ दोनों ‘सुदूर’ के समानार्थी हैं, विलोम नहीं - यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है।
‘मुदूर’ हिंदी का कोई मान्य शब्द नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
95
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित पद के बदले कौन-सा विकल्प सही है?
वकीलों ने कागजात का निरीक्षण किया।
A.की देखरेख किया
B.की जाँच की
C.के निरीक्षण किए
D.का अवलोकन की
Solution
वाक्य शुद्धि (लिंग-मेल)
रेखांकित पद बदलते समय संज्ञा और क्रिया का लिंग-मेल बना रहना चाहिए - संबंधकारक का चिह्न भी उसी संज्ञा के लिंग से तय होता है।
‘जाँच’ स्त्रीलिंग संज्ञा है, इसलिए उसके साथ ‘की जाँच की’ रूप शुद्ध बैठता है - वकीलों ने कागजात की जाँच की।
विकल्प (a) में ‘की देखरेख किया’ तथा (d) में ‘का अवलोकन की’ - दोनों में संज्ञा और क्रिया का लिंग परस्पर नहीं मिलता।
विकल्प (c) ‘के निरीक्षण किए’ में कारक-चिह्न और वचन दोनों अशुद्ध हैं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
96
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि विचार-सामग्री निबंध की __(76)__ है तो भाषा-शैली निबंध का शरीर। एक अच्छे निबंध में शुद्ध, स्पष्ट तथा सुबोध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। एक __(77)__ निबंध की भाषा का सबसे बड़ा गुण यही है कि वह इतनी __(78)__ हो कि पाठक का मन ही अपनी ओर आकर्षित कर ले। भाषा को सशक्त बनाने के लिए __(79)__ मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन निबंध में अलंकारों, रंगों, मुहावरों और लोकोक्तियों आदि की __(80)__ भी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता का समावेश हो जाता है और उसका सारा लालित्य नष्ट हो जाता है।
रिक्त स्थान (76) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.हृदय
B.आत्मा
C.विशिष्ट
D.मन
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य में तुलना ‘शरीर’ से की गई है - ‘भाषा-शैली निबंध का शरीर’ है, तो विचार-सामग्री उसकी ‘आत्मा’ ठहरती है।
आत्मा और शरीर का यही युग्म वाक्य को अर्थ देता है; साथ ही ‘निबंध की ____ है’ के अनुरूप स्त्रीलिंग संज्ञा भी चाहिए, जो ‘आत्मा’ है।
‘हृदय’ और ‘मन’ पुल्लिंग हैं और शरीर के ही अंग/भाव माने जाते हैं, अतः वे शरीर का विरोधी पक्ष नहीं बनाते; ‘विशिष्ट’ विशेषण है, संज्ञा नहीं।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
97
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि विचार-सामग्री निबंध की __(76)__ है तो भाषा-शैली निबंध का शरीर। एक अच्छे निबंध में शुद्ध, स्पष्ट तथा सुबोध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। एक __(77)__ निबंध की भाषा का सबसे बड़ा गुण यही है कि वह इतनी __(78)__ हो कि पाठक का मन ही अपनी ओर आकर्षित कर ले। भाषा को सशक्त बनाने के लिए __(79)__ मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन निबंध में अलंकारों, रंगों, मुहावरों और लोकोक्तियों आदि की __(80)__ भी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता का समावेश हो जाता है और उसका सारा लालित्य नष्ट हो जाता है।
रिक्त स्थान (77) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.व्यवहार
B.शुद्ध
C.विशिष्ट
D.श्रेष्ठ
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के आगे कहा गया है कि ऐसे निबंध की भाषा का ‘सबसे बड़ा गुण’ बताया जा रहा है, अर्थात बात उत्तम कोटि के निबंध की हो रही है।
‘श्रेष्ठ निबंध’ उसी उत्कृष्टता को व्यक्त करता है और पिछली पंक्ति के ‘अच्छे निबंध’ से भाव-संगति भी रखता है।
‘व्यवहार’ संज्ञा है, विशेषण नहीं; ‘शुद्ध’ का प्रयोग उसी प्रसंग में भाषा के गुण के लिए पहले ही हो चुका है, अतः यहाँ पुनरुक्ति होगी; ‘विशिष्ट’ केवल भिन्नता बताता है, गुणवत्ता की श्रेष्ठता नहीं।
इसलिए सही विकल्प (d) है।
98
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि विचार-सामग्री निबंध की __(76)__ है तो भाषा-शैली निबंध का शरीर। एक अच्छे निबंध में शुद्ध, स्पष्ट तथा सुबोध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। एक __(77)__ निबंध की भाषा का सबसे बड़ा गुण यही है कि वह इतनी __(78)__ हो कि पाठक का मन ही अपनी ओर आकर्षित कर ले। भाषा को सशक्त बनाने के लिए __(79)__ मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन निबंध में अलंकारों, रंगों, मुहावरों और लोकोक्तियों आदि की __(80)__ भी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता का समावेश हो जाता है और उसका सारा लालित्य नष्ट हो जाता है।
रिक्त स्थान (78) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.प्रगाढ़
B.सशक्त
C.आकर्षक
D.विकुंचित
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
रिक्त स्थान के तुरंत बाद लेखक स्वयं लिखता है - ‘भाषा को सशक्त बनाने के लिए…’; यही संकेत बताता है कि यहाँ अपेक्षित गुण ‘सशक्त’ है।
‘भाषा’ स्त्रीलिंग है और ‘वह इतनी सशक्त हो’ रूप उसके पूर्णतः अनुकूल है।
‘आकर्षक’ रखने पर उसी वाक्य में आगे आए ‘आकर्षित कर ले’ के साथ पुनरुक्ति-दोष हो जाता; ‘प्रगाढ़’ तथा ‘विकुंचित’ भाषा के गुण के लिए प्रयुक्त ही नहीं होते।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
99
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि विचार-सामग्री निबंध की __(76)__ है तो भाषा-शैली निबंध का शरीर। एक अच्छे निबंध में शुद्ध, स्पष्ट तथा सुबोध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। एक __(77)__ निबंध की भाषा का सबसे बड़ा गुण यही है कि वह इतनी __(78)__ हो कि पाठक का मन ही अपनी ओर आकर्षित कर ले। भाषा को सशक्त बनाने के लिए __(79)__ मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन निबंध में अलंकारों, रंगों, मुहावरों और लोकोक्तियों आदि की __(80)__ भी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता का समावेश हो जाता है और उसका सारा लालित्य नष्ट हो जाता है।
रिक्त स्थान (79) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.यथापूर्व
B.यथावत
C.यथाशक्ति
D.यथामत
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
‘यथावत’ का अर्थ है - ज्यों-का-त्यों, बिना किसी परिवर्तन के।
मुहावरे और लोकोक्तियाँ रूढ़ प्रयोग हैं; उनके शब्द बदल देने पर उनका विशेष अर्थ नष्ट हो जाता है, इसलिए भाषा को सशक्त बनाने के लिए उनका प्रयोग ‘यथावत’ ही किया जाता है।
‘यथापूर्व’ (पहले की तरह) और ‘यथाशक्ति’ (शक्ति के अनुसार) इस प्रसंग से मेल नहीं खाते, क्योंकि यहाँ मात्रा या पूर्वता की नहीं, रूप की अपरिवर्तनीयता की बात है।
‘यथामत’ हिंदी का प्रचलित शब्द नहीं है।
इसलिए सही विकल्प (b) है।
100
निर्देश (प्र. 96-100): निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
यदि विचार-सामग्री निबंध की __(76)__ है तो भाषा-शैली निबंध का शरीर। एक अच्छे निबंध में शुद्ध, स्पष्ट तथा सुबोध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। एक __(77)__ निबंध की भाषा का सबसे बड़ा गुण यही है कि वह इतनी __(78)__ हो कि पाठक का मन ही अपनी ओर आकर्षित कर ले। भाषा को सशक्त बनाने के लिए __(79)__ मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन निबंध में अलंकारों, रंगों, मुहावरों और लोकोक्तियों आदि की __(80)__ भी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता का समावेश हो जाता है और उसका सारा लालित्य नष्ट हो जाता है।
रिक्त स्थान (80) के लिए उचित विकल्प चुनिए।
A.अतिशयता
B.सख्यता
C.प्रगाढ़ता
D.प्रबलता
Solution
गद्यांश आधारित रिक्त स्थान
वाक्य ‘लेकिन’ से मुड़ता है और आगे कहा गया है कि ऐसा करने से निबंध में अस्वाभाविकता आ जाती है और उसका लालित्य नष्ट हो जाता है।
अर्थात दोष अलंकारों, मुहावरों और लोकोक्तियों की अधिकता का है, और ‘अतिशयता’ का अर्थ ही आवश्यकता से अधिक होना है।
‘सख्यता’ (मित्रता), ‘प्रगाढ़ता’ (घनिष्ठता) तथा ‘प्रबलता’ (प्रचंडता) में अधिकता के इस दोष का भाव नहीं आता।
इसलिए सही विकल्प (a) है।
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